Homeराजनीति'₹2500 करोड़ में CM, 500 करोड़ में मंत्री बनाती है BJP': बेंगलुरु कोर्ट ने...

‘₹2500 करोड़ में CM, 500 करोड़ में मंत्री बनाती है BJP’: बेंगलुरु कोर्ट ने राहुल गाँधी को 7 जून को बुलाया, कहा- हर हाल में पेश हों

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सिद्दारमैया और शिवकुमार को जमानत दे दी। इस दौरान राहुल गाँधी नहीं पेश हुए। उनके ना पेश होने पर भाजपा नेता के वकील ने माँग की कि राहुल गाँधी के विरुद्ध गैर जमानत वारंट जारी किया जाए।

बेंगलुरु के एक कोर्ट ने आदेश दिया है कि कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी 7 जून, 2024 को पेश हों। कोर्ट ने कहा है कि राहुल गाँधी को हर हाल में पेश होना होगा। कोर्ट ने भाजपा नेता द्वारा किए गए एक मुकदमे में यह आदेश दिया है। मामला 2023 विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा के विरुद्ध भ्रामक विज्ञापन चलाने से जुड़ा हुआ है।

बेंगलुरु के कोर्ट ने शनिवार (1 जून, 2024) को एक भाजपा नेता एस केशव प्रसाद द्वारा दायर मानहानि के मुकदमे पर सुनवाई की। इस मुकदमे में कहा गया है कि कॉन्ग्रेस ने 2023 विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा को भ्रष्ट चलाने वाले विज्ञापन चलवाए जिनसे भाजपा की मानहानि हुई।

इस मामले में कर्नाटक प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी, मुख्यमंत्री सिद्दारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और राहुल गाँधी को आरोपित बनाया गया था। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सिद्दारमैया और शिवकुमार को जमानत दे दी। इस दौरान राहुल गाँधी नहीं पेश हुए। उनके ना पेश होने पर भाजपा नेता के वकील ने माँग की कि राहुल गाँधी के विरुद्ध गैर जमानत वारंट जारी किया जाए।

कोर्ट में राहुल गाँधी की तरफ से चुनावी व्यस्तताओं के चलते बेंगलुरु जाने में असमर्थता जताई गई थी, जिसे कोर्ट ने 1 जून को मान लिया लेकिन सख्त हिदायत दी कि वह 7 जून को जरूर पेश हों। राहुल गाँधी ने इससे पहले मार्च में अपने विरुद्ध समन जारी किए जाने पर जून में तारीख माँगी थी।

भाजपा नेता द्वारा दायर इस मुकदमे में आरोप लगाया है कि कॉन्ग्रेस ने भाजपा पर ₹2500 करोड़ में मुख्यमंत्री और ₹500 करोड़ में मंत्रिपद बेचने की बात कही, इससे भाजपा की छवि खराब हुई। इसके अलावा कॉन्ग्रेस ने मई, 2023 में अखबारों में विज्ञापन छपवा कर दावा किया कि राज्य की भाजपा सरकार के दौरान कोविड से जुड़े ठेकों में 75%, PWD ठेकों में 40% और धार्मिक संस्थानों में दान के मामले में 30% कमीशन लिया गया। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि इससे पार्टी की छवि धूमिल हुई।

गौरतलब है कि 2023 कर्नाटक विधानसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस को बड़ी जीत हासिल हुई थी और भाजपा को सत्ता से बाहर होना पड़ा था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नदी जोड़ो मेगा प्रोजेक्ट Part II: बुंदेलखंड को केन-बेतवा रिवर लिंक परियोजना की सबसे ज्यादा जरूरत क्यों?

भारत सरकार ने राज्यसभा में कहा कि भारत के अतिमहत्वाकांक्षी नदी जोड़ो परियोजना में शीर्ष पर केन-बेतवा नदी लिंक प्रोजेक्ट है।

उमर खालिद की ‘कुर्बानी’ का जश्न मनातीं आरफा खानम, ताहिर हुसैन के लिए भी बहाए थे आँसू: अपने ‘पोस्टर बॉय’ के लिए अदालत पर...

उमर खालिद से ताहिर हुसैन तक, ‘पोस्टर बॉय’ पॉलिटिक्स कैसे काम करती है? आरफा खानम के बयान, अदालतों पर सवाल और सुनवाई में देरी के दावों की पड़ताल।
- विज्ञापन -