लाइन में लगी बुजुर्ग महिलाओं को धक्का देकर पूर्व CM हुड्डा ने डाला वोट, ‘VVIP’ रवैये पर उठे सवाल

लोगों ने सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग को टैग कर पूछा कि क्या कॉन्ग्रेस नेताओं को वीवीआईपी ट्रीटमेंट देने की छूट दी गई है? लोगों ने हुड्डा पर नियमों की अवहेलना करने के लिए कार्रवाई करने की माँग की है। भूपिंदर सिंह हुड्डा ने जिस तरह से बुजुर्ग महिलाओं को किनारे कर के.....

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह वोट डालने के लिए अपनी बारी का इंतज़ार करने की बजाय आम नागरिको को हटाते दिख रहे हैं। दरअसल, आज हरियाणा में विधानसभा चुनाव हो रहा है, जहाँ सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कॉन्ग्रेस के बीच मुख्य मुक़ाबला है। माना जा रहा है कि कॉन्ग्रेस की तरफ से हुड्डा ही प्रमुख चेहरा हैं, वहीं भाजपा वर्तमान मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है। हरियाणा विधानसभा चुनाव का परिणाम गुरुवार (अक्टूबर 24, 2019) को जारी किया जाएगा। इस बीच हुड्डा के वायरल हुए वीडियो से उनकी किरकिरी हो रही है।

इस वीडियो में दिख रहा है कि पोलिंग बूथ पर जब वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता हुड्डा वोट डालने पहुँचे, तब पहले से ही कई महिलाएँ वोट डालने के लिए कतार में लगी हुई थीं और अपनी बारी का इंतजार कर रही थी। हुड्डा ने उन महिलाओं को धक्के देकर किनारे किया और ख़ुद अपनी बारी का इंतजार करने की बजाय कतार में आगे आकर वोट डाला। वहाँ उपस्थित कुछ अन्य लोग, जो अधिकारी प्रतीत हो रहे हैं- हुड्डा का सहयोग करते हुए नियमों की अवहेलना कर रहे हैं।

लोगों ने सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग को टैग कर पूछा कि क्या कॉन्ग्रेस नेताओं को वीवीआईपी ट्रीटमेंट देने की छूट दी गई है? लोगों ने हुड्डा पर नियमों की अवहेलना करने के लिए कार्रवाई करने की माँग की है। भूपिंदर सिंह हुड्डा ने जिस तरह से बुजुर्ग महिलाओं को किनारे कर के ख़ुद को कतार में आगे किया, उससे लोग उनके ‘वीवीआईपी’ वाले रवैये से नाराज़ हैं। वहीं मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कतार में लग कर अपनी बारी का इंतजार किया और फिर अपना वोट डाला।

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हरियाणा में कई ओपिनियन पोल्स में भाजपा को कॉन्ग्रेस से काफ़ी आगे बताया जा रहा है। सभी सर्वे में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की फिर से सरकार बनती दिख रही है। चुनाव से ऐन वक़्त पहले हुड्डा ने बगावती तेवर अपना लिया थे, जिससे कॉन्ग्रेस असहज हो गई थी। उसके बाद कॉन्ग्रेस ने कुमारी शैलजा को प्रदेश अध्यक्ष बना कर हुड्डा को महत्वपूर्ण भूमिका दी। उस समय प्रदेश अध्यक्ष रहे अशोक तँवर और हुड्डा के बीच काफ़ी खींचतान चल रही थी, जिससे पार्टी परेशान थी। तँवर ने आलाकमान पर कॉन्ग्रेस को बर्बाद करने का आरोप लगाया है।

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सोनिया गाँधी
शिवसेना हिन्दुत्व के एजेंडे से पीछे हटने को तैयार है फिर भी सोनिया दुविधा में हैं। शिवसेना को समर्थन पर कॉन्ग्रेस के भीतर भी मतभेद है। ऐसे में एनसीपी सुप्रीमो के साथ उनकी आज की बैठक निर्णायक साबित हो सकती है।

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