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रवीश कुमार के भाई ब्रजेश पांडेय दूसरे स्थान पर: कॉन्ग्रेस ने दिया था टिकट, दलित नाबालिग से यौन शोषण का है आरोप

गोविंदगंज में रवीश कुमार के भाई ब्रजेश पांडेय दूसरे स्थान पर चल रहे हैं और भाजपा के सुनील मणि तिवारी पहले स्थान पर। सुनील मणि तिवारी को 14190 वोट मिले हैं, वहीं दूसरे स्थान पर ब्रजेश पांडेय को अब तक मात्र 8311 वोट ही मिल सके हैं।

बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले की एक विधानसभा सीट है गोविंदगंज, जहाँ से रवीश कुमार के भाई ब्रजेश पांडेय कॉन्ग्रेस पार्टी के टिकट पर मैदान में हैं। 2015 में ये सीट हारने के बाद वो एक बार फिर से चुनावी मैदान में कूदे। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर आए अब तक के आँकड़ों के अनुसार, गोविंदगंज में रवीश कुमार के भाई ब्रजेश पांडेय दूसरे स्थान पर चल रहे हैं और भाजपा के सुनील मणि तिवारी पहले स्थान पर हैं।

अब तक के आँकड़ों के अनुसार, सुनील मणि तिवारी को 14190 वोट मिले हैं, वहीं दूसरे स्थान पर ब्रजेश पांडेय को अब तक मात्र 8311 वोट ही मिल सके हैं। वहीं, यहाँ से विधायक रहे राजू तिवारी 6315 मतों के साथ तीसरे स्थान पर चल रहे हैं। इस हिसाब से ब्रजेश पांडेय और राजू तिवारी के बीच मतों का फासला ज्यादा नहीं है, लेकिन सुनील मणि तिवारी इन दोनों से ही आगे चल रहे हैं। पिछली बार भी ब्रजेश दूसरे स्थान पर रहे थे।

2015 के चुनाव में 46765 (34.15%) मत पाने वाले ब्रजेश पांडेय को लोजपा के राजू तिवारी ने 74685 (54.54%) मत पाकर उन्हें 27920 (20.39%) मतों से हरा दिया था। पिछले चुनाव में जदयू, राजद और कॉन्ग्रेस एक साथ गठबंधन बना कर उतरी थी, जबकि इस बार जदयू और भाजपा साथ हैं। ब्रजेश पांडेय बिहार में कॉन्ग्रेस उपाध्यक्ष भी रहे हैं और पार्टी के विवादित चेहरों में से एक हैं, ऐसे में उन्हें टिकट दिए जाने पर भी सवाल खड़े हुए थे।

साल 2017 में जिस दौरान उन पर यौन शोषण का आरोप लगा उस वक्त वह कॉन्ग्रेस पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर थे। इस मामले के सामने आने के बाद उन्हें पार्टी के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा भी देना पड़ा था। ब्रजेश पांडेय पर कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता की नाबालिग दलित बेटी के साथ यौन शोषण और बलात्कार का मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा उन पर यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण करने सम्बंधी अधिनियम और अनुसूचित – अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत पटना में मुकदमा दर्ज किया गया था।

पीड़िता ने मीडिया के सामने आकर धमकी दी थी कि अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्मदाह करके अपनी जान दे देगी। घटनाक्रम पर विवाद बढ़ने के कई दिनों बाद जाँच करने वाले विशेष दल ने ब्रजेश पांडेय का शामिल किया था। ब्रजेश पांडेय के अलावा पूर्व आईएएस के बेटे निखिल प्रियदर्शी और संजीत कुमार शर्मा भी इस मामले में आरोपित थे। अब वो फिर से गोविंदगंज से हारते हुए दिख रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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