Homeराजनीतिबलात्कार आरोपितों की बीवियों को RJD का टिकट, तेजस्वी ने हाथरस पर कहा- 2...

बलात्कार आरोपितों की बीवियों को RJD का टिकट, तेजस्वी ने हाथरस पर कहा- 2 मिनट के लिए 1 मिनट का मौन रख लेते हैं

पटना की एक अदालत ने राजवल्लभ यादव को नाबालिग से बलात्कार के मामले में सज़ा भी सुनाई थी। यादव समेत 5 आरोपतों के खिलाफ सजा मुक़र्रर की गई थी। वहीं भोजपुर जिले के सन्देश से विधायक अरुण यादव भी एक नाबालिग से बलात्कार के मामले में फरार चल रहे हैं।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए दो टिकट बलात्कार आरोपितों के परिवार में बाँटे हैं। उधर जदयू ने बाहुबलियों को टिकट न देने की बात करते हुए ददन पहलवान और गोपालगंज के अमरेंद्र पांडे का टिकट काट दिया है।

राजवल्लभ यादव नवादा से RJD के विधायक थे। फिलहाल बलात्कार के आरोप में जेल में बंद हैं। राजद ने इस बार उनकी पत्नी विभा देवी को टिकट दिया है। वर्ष 2016 में एक नाबालिग लड़की से हुए बलात्कार के मामले में राजवल्लभ यादव आरोपित हैं। उन पर 50,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था। राजद उन्हें तो निलंबित कर चुकी है, लेकिन उनकी पत्नी को टिकट से नवाजा गया है।

पटना की एक अदालत ने राजवल्लभ यादव को नाबालिग से बलात्कार के मामले में सज़ा भी सुनाई थी। यादव समेत 5 आरोपतों के खिलाफ सजा मुक़र्रर की गई थी। वहीं भोजपुर जिले के सन्देश से विधायक अरुण यादव भी एक नाबालिग से बलात्कार के मामले में फरार चल रहे हैं। उनकी पत्नी किरण यादव को भी RJD ने अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

वहीं जदयू ने बक्सर जिले में अंजुम आरा को टिकट दिया है। कहा जा रहा है कि अमरेंद्र पांडे के परिवार में भी किसी को टिकट से नवाजा जा सकता है। पार्टी इससे पहले भी बाहुबलियों को टिकट देती आई है। वहीं राजद द्वारा दो बलात्कार आरोपित नेताओं के परिवार को टिकट दिए जाने के बाद से पार्टी की किरकिरी हो रही है, क्योंकि खुद तेजस्वी यादव भाजपा पर निशाना साधने के लिए हाथरस जैसे मामलों को भुना रहे हैं।

इधर राजद नेता तेजस्वी यादव ने हाथरस मामले में जिस तरह से संवेदनहीनता दिखाई है, उसे लेकर भी उनकी किरकिरी हो रही है। एक संवाददाता सम्मलेन में कॉन्ग्रेस नेता अविनाश पांडेय से तेजस्वी यादव ने कहा, “हाथरस में जो हुआ उसके लिए दो मिनट का मौन रख लेते हैं.. अच्छा सन्देश जाएगा..मनोज जी.. एक मिनट.. एक मिनट का मौन रख लेते हैं।” उनकी ये बात मीडिया कैमरों में रिकॉर्ड हो गई और सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -