Monday, August 2, 2021
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बंगाल के लिए बीजेपी का मास्टर प्लान: 5 दिसंबर को 1 करोड़ परिवारों तक पहुँचेंगे कार्यकर्ता, खोलेंगे ममता सरकार की पोल

“मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूँ कि जो नेता प्रदेश के भीतर सकारात्मक परिवर्तन लेकर आना चाहता है उसके लिए हमारे दरवाज़े पूरी तरह खुले हुए हैं। वैसे भी अगर उनके 10-12 विधायक पहले ही हमारा समर्थन कर चुके हैं तब अन्य के हमारे साथ आने में क्या समस्या है। अगर तीन सांसद हमारे साथ आ चुके हैं तो अन्य के...."

बिहार चुनाव में उल्लेखनीय प्रदर्शन के बाद देश का सत्ताधारी दल भाजपा, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुट गया है। भाजपा इन चुनावों में कोई कसर छोड़ने की सूरत में नहीं नज़र आ रही है यही कारण है कि संगठन ने चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी है। तृणमूल कॉन्ग्रेस की ‘आउटरीच योजना’ का सामना करने के लिए भाजपा ने एक नया कार्यक्रम तैयार किया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से भाजपा लगभग 1 करोड़ परिवारों तक पहुँचेगी। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस बीच भाजपा प्रदेश की ममता सरकार द्वारा किए गए भ्रष्टाचार को उजागर भी करेगी। 

पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने इस मुद्दे पर जानकारी देते हुए कहा, “तृणमूल कॉन्ग्रेस ‘दुआरे सरकार’ कार्यक्रम चला रही है। उसकी तर्ज पर भाजपा के कार्यकर्ता 5 दिसंबर को एक करोड़ से अधिक परिवारों तक पहुँचेंगे। भाजपा के इस कार्यक्रम का नाम ‘आर नोय अन्याय’ (अब और अन्याय नहीं) तय किया गया है।” दिलीप घोष ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी की अगुवाई वाली सरकार में भ्रष्टाचार के अनेक मामले सामने आए हैं। 

इस तरह के मामलों को उजागर करने के लिए प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ता घर घर जाएँगे और पत्रक वितरण करेंगे। इसके अलावा लोगों को इस बात की जानकारी देंगे कि कैसे उन्हें अनेक केंद्रीय योजनाओं जैसे किसान सम्मान निधि और आयुष्मान रोजगार योजना जैसी सुविधाओं से वंचित रखा गया है। किस तरह केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल के आम नागरिकों के लिए जन हितैषी योजनाएँ बनाती है लेकिन प्रदेश सरकार की वजह से उसका लाभ यहाँ के आम लोगों तक नहीं पहुँच पाता है।        

दिलीप घोष के मुताबिक़ यह संगठन के कार्यक्रम का दूसरा चरण होगा। पहले चरण में भाजपा के कार्यकर्ता जून जुलाई के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पत्र लेकर एक करोड़ परिवारों के बीच गए थे। इस पत्र में भाजपा सरकार की उपलब्धियों और जनहित योजनाओं का उल्लेख किया गया था। तृणमूल कॉन्ग्रेस के बगावती सांसदों और विधायकों से जुड़े सवाल पर दिलीप घोष ने कहा- 

“मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूँ कि जो नेता प्रदेश के भीतर सकारात्मक परिवर्तन लेकर आना चाहता है उसके लिए हमारे दरवाज़े पूरी तरह खुले हुए हैं। वैसे भी अगर उनके 10-12 विधायक पहले ही हमारा समर्थन कर चुके हैं तब अन्य के हमारे साथ आने में क्या समस्या है। अगर तीन सांसद हमारे साथ आ चुके हैं तो अन्य के आने में क्या समस्या हो सकती है, जो अच्छे बदलाव लाने के लिए तैयार है उसका स्वागत है।”   

तृणमूल कॉन्ग्रेस द्वारा बाहरियों को पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़वाने पर भी दिलीप घोष ने कई बातें कहीं। उन्होंने कहा, “क्या बिड़ला, गोयनका, जिंदल या मित्तल का प्रदेश के विकास में योगदान नहीं है? यहाँ पर उद्योग किसने लगाए? वह यहाँ पर पीढ़ियों से मौजूद हैं। उत्तरी बंगाल के टी गार्डेन में काम करने वाले ज़्यादातर लोग छत्तीसगढ़ और झारखंड के हैं और जूट मिल में काम करने वाले ज़्यादातर लोग उत्तर प्रदेश और बिहार के हैं।” 

अंत में पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “आखिर कब यहाँ के लोग महात्मा गाँधी का सम्मान करेंगे। कुछ तो उन्हें अपने गले में टाँग कर राजनीति करते हैं, गुजरात से आने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘बाहरी’ कैसे हो गए? वह इस देश के प्रधानमंत्री, हम सभी के प्रधानमंत्री हैं।” दरअसल 2021 विधानसभा चुनावों को मद्देनज़र रखते हुए ममता बनर्जी की सरकार ने आगामी दो महीनों में जनता से जुड़ने के लिए अपना सबसे बड़ा आउटरीच कार्यक्रम शुरू किया था।       

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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