Wednesday, January 27, 2021
Home राजनीति लालू यादव पर दोहरी मार: वायरल ऑडियो मामले में बीजेपी विधायक ने कराई FIR,...

लालू यादव पर दोहरी मार: वायरल ऑडियो मामले में बीजेपी विधायक ने कराई FIR, बंगले से वार्ड में किए गए शिफ्ट

सुशील मोदी द्वारा शेयर किए गए ऑडियो क्लिप में लालू यादव विधायक से कहते हैं, “अच्छा सुनो। हम लोग तुमको आगे भी आगे बढ़ाएँगे। कल जो स्पीकर का चुनाव है, उसमें हम लोगों का साथ दो। हम लोग तुम्हें मंत्री बनाएँगे। कल तो इसको हम गिरा देंगे।”

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की कथित तौर पर वायरल हुई ऑडियो क्लिप के बाद गुरुवार (नवंबर 26, 2020) को भाजपा विधायक ललन कुमार ने उनके खिलाफ पटना में केस दर्ज करवाया

इस एफआईआर में दावा किया गया है कि लालू प्रसाद यादव ने NDA के विधायक ललन पासवान को बिहार विधानसभा अध्यक्ष चुनाव में वोट नहीं करने के लिए कहा था। इस ऑडियो क्लिप को कल सुशील मोदी ने ट्विटर पर शेयर किया था।

बता दें कि वायरल ऑडियो के बाद एक ओर जहाँ लालू प्रसाद यादव के खिलाफ पटना में मुकदमा दर्ज हुआ है, वहीं दूसरी ओर उनको एक बार फिर रिम्स के पेइंग वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। इससे पहले वह रिम्स निदेशक के बंगले में रह रहे थे।

>

जानकारी के मुताबिक राजद प्रमुख 29 अगस्त 2018 को रिम्स के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में भर्ती हुए थे, जहाँ से 5 सितंबर 2018 को उन्हें पेइंग वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। लेकिन बीते 5 अगस्त को वह कोरोना के चलते रिम्स निदेशक बंगले में शिफ्ट हुए और आज (26 नवंबर) उन्हें फिर से वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।

क्या था लालू प्रसाद यादव की वायरल ऑडियो में?

उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा के स्पीकर चुनाव के लिए एनडीए की तरफ से विजय कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया गया था। वहीं महागठबंधन ने अवध बिहारी को उम्मीदवार बनाया था। ऐसे में सुशील मोदी ने कल एक ऑडियो क्लिप शेयर कर दावा किया कि जेल में सजा काट रहे लालू यादव विधायकों को प्रलोभन दे रहे हैं।

उनके द्वारा शेयर किए गए ऑडियो क्लिप में एक व्यक्ति फोन करता है और पूछता है कि क्या उधर से विधायक जी बोल रहे हैं? फोन उठाने वाला व्यक्ति खुद को विधायक का PA बताता है। इसके बाद फोन करने वाला व्यक्ति विधायक को फ़ोन देने को कहता है और बताता है कि लालू प्रसाद यादव उनसे बात करेंगे। साथ ही ये भी बताता है कि उसने राँची से कॉल किया है। विधायक के कॉल उठाते ही लालू यादव उन्हें चुनावी जीत की बधाई देते हैं और विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव से गैरहाजिर होने को कहते हैं।

इसके बाद लालू यादव कहते हैं, “फिर तो स्पीकर हमारा हो जाएगा तो हम लोग देख लेंगे न।” सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने ऐसा कर के अपनी असलियत दिखा दी है।

सुशील मोदी द्वारा शेयर किए गए ऑडियो क्लिप में लालू यादव विधायक से कहते हैं, “अच्छा सुनो। हम लोग तुमको आगे भी आगे बढ़ाएँगे। कल जो स्पीकर का चुनाव है, उसमें हम लोगों का साथ दो। हम लोग तुम्हें मंत्री बनाएँगे। कल तो इसको हम गिरा देंगे।” जब विधायक कहते हैं कि वो पार्टी में हैं तो लालू यादव कहते हैं कि पार्टी में हो तो अनुपस्थित हो जाओ, कह दो कि कोरोना हो गया है।

लालू यादव के कारण रिम्स के निदेशक ठहरे थे गेस्ट हाउस में

लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला मामले से जुड़े कई केसों में जेल की सजा सुनाई गई है। लेकिन वह सजा भुगतने की बजाया रिम्स निदेशक के बंगले का आनंद उठा रहे थे। उन्हें कोरोना से बचाने के लिए इस साल अगस्त में बंगले में शिफ्ट किया गया, तो ब्रिटिशकाल में बने इस केली बंगले में उनके लिए दो अटेंडेट लगाए गए। इस घर में 4 बेडरूम, दो डाइनिंग रूम, एक स्टडी रूम और दो बड़े बरामदे व एक किचन है। इसके अलावा इस घर के भीतर कई फल वाले पेड़ों का बगीचा भी है।

लालू यादव के केली बंगले में रहने के कारण रिम्स निदेशक डॉ. कामेश्वर मोरादाबादी गेस्ट हाउस में रुके हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि निदेशक के बंगले से ही लालू ने बिहार चुनावों को मैनेज किया। यह बंगला पॉश इलाके में बना है। इससे पूर्व लालू 1000 रुपए प्रति दिन के हिसाब से रिम्स के वार्ड का खर्चा दे रहे थे।

जानकारी के लिए बता दें कि साल 2017 में चारा घोटाला में लालू प्रसाद यादव को बिरसा मुंडा जेल में रखा गया था। इसके कुछ दिन बाद उन्हें स्वास्थ्य कारणों से रिम्स में शिफ्ट किया गया और तबसे वे वहीं है। उन्हें दिल और किडनी संबंधी समेत कई स्वास्थ्य समस्याएँ हैं। वह डायबिटीज और हाइपरटेंशन के भी मरीज हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

जर्मनी, आयरलैंड, स्पेन आदि में भी हो चुकी हैं ट्रैक्टर रैलियाँ, लेकिन दिल्ली वाला दंगा कहीं नहीं हुआ

दिल्ली में जो आज हुआ, स्पेन, आयरलैंड, और जर्मनी के किसानों ने वो नहीं किया, हालाँकि वो भी अन्नदाता ही थे और वो भी सरकार के खिलाफ अपनी माँग रख रहे थे।

किसानों के आंदोलन में खालिस्तानी कड़े और नारे का क्या काम?

सवाल उठता है कि जो लोग इसे पवित्र निशान साहिब बोल रहे हैं, वो ये बताएँ कि ये नारा और कड़ा किसका है? यह भी बताएँ कि एक किसान आंदोलन में मजहबी झंडा कहाँ से आया? उसे कैसे डिफेंड किया जाए कि तिरंगा फेंक कर मजहबी झंडा लगा दिया गया?

कैपिटल हिल के लिए छाती पीटने वाले दिल्ली के ‘दंगाइयों’ के लिए पीट रहे ताली: ट्रम्प की आलोचना करने वाले करेंगे राहुल-प्रियंका की निंदा?

कैपिटल हिल वाले अगर दंगाई थे तो दिल्ली के उपद्रवी संत कैसे हुए? ट्रम्प की आलोचना हो रही थी तो राहुल-प्रियंका की निंदा क्यों नहीं? ये दोहरा रवैया अपनाने वाले आज भी फेक न्यूज़ फैलाने में लगे हैं।

वीडियो: जब दंगाई को किसी ने लाल किला पर तिरंगा लगाने दिया, और उसने फेंक दिया!

लाल किले पर एक आदमी सिखों का झंडा चढ़ाने खम्बे पर चढ़ा। जब एक आदमी ने उसकी ओर तिरंगा बढ़ाया तो उसने बेहद अपमानजनक तरीके से तिरंगे को दूर फेंक दिया।

प्रचलित ख़बरें

दिल्ली में ‘किसानों’ ने किया कश्मीर वाला हाल: तलवार ले पुलिस को खदेड़ा, जगह-जगह तोड़फोड़, पुलिस वैन पर पथराव

दिल्ली में प्रदर्शनकारी पुलिस के वज्र वाहन पर चढ़ गए और वहाँ जम कर तोड़-फोड़ मचाई। 'किसानों' द्वारा तलवारें भी भाँजी गईं।

महिला पुलिस कॉन्स्टेबल को जबरन घेर कर कोने में ले गए ‘अन्नदाता’, किया दुर्व्यवहार: एक अन्य जवान हुआ बेहोश

महिला पुलिस को किसान प्रदर्शनकारी चारों ओर से घेरे हुए थे। कोने में ले जाकर महिला कॉन्स्टेबल के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

तेज रफ्तार ट्रैक्टर से मरा ‘किसान’, राजदीप ने कहा- पुलिस की गोली से हुई मौत, फिर ट्वीट किया डिलीट

राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है।

दलित लड़की की हत्या, गुप्तांग पर प्रहार, नग्न लाश… माँ-बाप-भाई ने ही मुआवजा के लिए रची साजिश: UP पुलिस ने खोली पोल

बाराबंकी में दलित युवती की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि पिता, माँ और भाई ने ही मिल कर युवती की हत्या कर दी।

हिंदुओं को धमकी देने वाले के अब्बा, मोदी को 420 कहने वाले मौलाना और कॉन्ग्रेस नेता: ‘लोकतंत्र की हत्या’ गैंग के मुँह पर 3...

पद्म पुरस्कारों में 3 नाम ऐसे हैं, जो ध्यान खींच रहे- मौलाना वहीदुद्दीन खान (पद्म विभूषण), तरुण गोगोई (पद्म भूषण) और कल्बे सादिक (पद्म भूषण)।

रस्सी से लाल किला का गेट तोड़ा, जहाँ से देश के PM देते हैं भाषण, वहाँ से लहरा रहे पीला-काला झंडा

किसान लाल किले तक घुस चुके हैं और उन्होंने वहाँ झंडा भी फहरा दिया है। प्रदर्शनकारी किसानों ने लाल किले के फाटक पर रस्सियाँ बाँधकर इसे गिराने की कोशिश भी कीं।
- विज्ञापन -

 

लालकिला में देर तक सहमें छिपे रहे 250 बच्चे, हिंसा के दौरान 109 पुलिसकर्मी घायल; 55 LNJP अस्पताल में भर्ती

दिल्ली में किसान ट्रैक्टर रैली का सबसे बुरा प्रभाव पुलिसकर्मियों पर पड़ा है। किसानों द्वारा की गई इस हिंसा में 109 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं, जिनमें से 1 की हालात गंभीर बताई जा रही है।

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

जर्मनी, आयरलैंड, स्पेन आदि में भी हो चुकी हैं ट्रैक्टर रैलियाँ, लेकिन दिल्ली वाला दंगा कहीं नहीं हुआ

दिल्ली में जो आज हुआ, स्पेन, आयरलैंड, और जर्मनी के किसानों ने वो नहीं किया, हालाँकि वो भी अन्नदाता ही थे और वो भी सरकार के खिलाफ अपनी माँग रख रहे थे।

किसानों के आंदोलन में खालिस्तानी कड़े और नारे का क्या काम?

सवाल उठता है कि जो लोग इसे पवित्र निशान साहिब बोल रहे हैं, वो ये बताएँ कि ये नारा और कड़ा किसका है? यह भी बताएँ कि एक किसान आंदोलन में मजहबी झंडा कहाँ से आया? उसे कैसे डिफेंड किया जाए कि तिरंगा फेंक कर मजहबी झंडा लगा दिया गया?

‘RSS नक्सलियों से भी ज्यादा खतरनाक, संघ समर्थक पैर छूकर गोली मार देते हैं’: कॉन्ग्रेसी सांसद और CM भूपेश बघेल का ज्ञान

कॉन्ग्रेस के सीएम भूपेश ने कहा कि आरएसएस के समर्थक पैर छूकर गोली मार देते हैं। महात्मा गाँधी की हत्या कैसे किया गया था? पहले पैर छुए फिर उनके सीने में गोली मारी।

कैपिटल हिल के लिए छाती पीटने वाले दिल्ली के ‘दंगाइयों’ के लिए पीट रहे ताली: ट्रम्प की आलोचना करने वाले करेंगे राहुल-प्रियंका की निंदा?

कैपिटल हिल वाले अगर दंगाई थे तो दिल्ली के उपद्रवी संत कैसे हुए? ट्रम्प की आलोचना हो रही थी तो राहुल-प्रियंका की निंदा क्यों नहीं? ये दोहरा रवैया अपनाने वाले आज भी फेक न्यूज़ फैलाने में लगे हैं।

‘लाल किले पर लहरा रहा खालिस्तान का झंडा- ऐतिहासिक पल’: ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग ने मनाया ‘ब्लैक डे’

गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर 'खालिस्तानी झंडा' फहराने को लेकर ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (APML) काफी खुश है। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ द्वारा स्थापित पाकिस्तानी राजनीतिक पार्टी ने इसे 'ऐतिहासिक क्षण' बताया है।

वीडियो: जब दंगाई को किसी ने लाल किला पर तिरंगा लगाने दिया, और उसने फेंक दिया!

लाल किले पर एक आदमी सिखों का झंडा चढ़ाने खम्बे पर चढ़ा। जब एक आदमी ने उसकी ओर तिरंगा बढ़ाया तो उसने बेहद अपमानजनक तरीके से तिरंगे को दूर फेंक दिया।

देशी-विदेशी शराब से लदी मिली प्रदर्शनकारी किसानों की ट्रैक्टर: दिल्ली पुलिस ने किया सीज, देखें तस्वीरें

पुलिस ने शराब से भरे एक ट्रैक्टर को सीज किया है। सामने आए फोटो में देखा जा सकता है कि पूरा ट्रैक्टर शराब से भरा हुआ है। यानी कि शराब के नशे में ट्रैक्टरों को चलाया जा रहा है।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
386,000SubscribersSubscribe