Wednesday, July 28, 2021
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पंजाब व दिल्ली में काले झंडे से केजरीवाल का स्वागत, BJP को दी ‘औकात में रहने’ की चेतावनी

दिल्ली और पंजाब में नाराज़गी झेल रहे केजरीवाल कॉन्ग्रेस से गठबंधन करने में सफल न होने के कारण भी नाराज़ हैं। संगरूर में उनकी प्रतिष्ठा इसीलिए भी दाँव पर है क्योंकि पंजाब में आप के बड़े नेता भगवंत मान यहाँ से मौजूदा सांसद हैं और पार्टी ने एक बार फिर से उन पर विश्वास जताया है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल का पारा सातवें आसमान पर नज़र आ रहा है। पंजाब में आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो का स्वागत जनता ने कुछ यूँ किया, कि मंच से केजरीवाल ने भाषण देने की जगह आग उगला। पंजाब की सभी 13 सीटों पर लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के अंतर्गत 19 मई को मतदान होना है। हर राजनीतिक पार्टी की नज़र अब पंजाब पर है और सभी यहाँ अपना-अपना वोट बैंक तलाशने पहुँच गए हैं। इसी क्रम में यहाँ चुनाव-प्रचार के लिए पहुँचे केजरीवाल का स्वागत काले झंडों से किया गया। जनता ने उन्हें काले झंडे दिखाए उनके ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया। ये सब हुआ, पंजाब के संगरूर में। लोगों का कहना भी जाएज़ था, वो आम आदमी पार्टी से नाराज़ थे।

जनता ने विरोध करते हुए कहा कि उन्होंने 2014 लोकसभा चुनाव में कई आप सांसदों को जीत दिला कर भेजा, लेकिन उनमें से किसी एक ने भी पॉंच वर्षों तक जनता की सुध तक न ली। लोगों ने केजरीवाल के विरोध का कारण बताते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के सांसदों द्वारा जनता व क्षेत्र की उपेक्षा किए जाने से वे नाराज़ हैं। लोगों का कहना था कि अरविन्द केजरीवाल ने पिछले चुनावों से पहले पंजाब में ड्रग्स समस्या को लेकर तो बड़े-बड़े भाषण दिए लेकिन चुनाव ख़त्म होते ही बादलों से माफ़ी माँग ली। विरोध-प्रदर्शन कर रही जनता ने आप और केजरीवाल को धोखेबाज़ बताया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने उन्हें ठगने का काम किया है।

इतने विरोध प्रदर्शनों के बाद मंच पर पहुँचे केजरीवाल ने अपना आपा खो दिया। इससे पहले केजरीवाल को दिल्ली में भी काले झंडे दिखाए गए, जिसके बाद गुस्से में आग बबूला होकर उन्होंने भले-बुरे शब्द कहे। उन्होंने भाजपा को जी भर धमकी दी और कई विवादित शब्दों का भी प्रयोग किया। सार्वजानिक मंच से बोलते हुए केजरीवाल ने कहा, “मैं बीजेपी वालों को भी चेतावनी देता हूँ, अपनी औकात में रहो। दिल्ली की जनता से पंगा मत लो वरना ये तुम्हारे घर में घुस कर इतने जूते मारेंगे, इतने जूते मरेंगे, कि तुम्हारी शक्ल ही नहीं दिखेगी।” अरविन्द केजरीवाल के भाषण में जगह-जगह उन्हें दिखाए जाने वाले काले झंडों को लेकर उनका गुस्सा साफ़-साफ़ नज़र आ रहा था।

दिल्ली और पंजाब में नाराज़गी झेल रहे केजरीवाल कॉन्ग्रेस से गठबंधन करने में सफल न होने के कारण भी नाराज़ हैं। संगरूर में उनकी प्रतिष्ठा इसीलिए भी दाँव पर है क्योंकि पंजाब में आप के बड़े नेता भगवंत मान यहाँ से मौजूदा सांसद हैं और पार्टी ने एक बार फिर से उन पर विश्वास जताया है। कॉन्ग्रेस ने यहाँ से केवल सिंह ढिल्लों को उम्मीदवार बनाया है। वहीँ भाजपा गठबंधन की ओर से शिरोमणि अकाली दल के प्रत्याशी परमिंदर सिंह ढींढसा मैदान में हैं। कई आप विधायकों द्वारा पार्टी छोड़ने से केजरीवाल की पार्टी को झटका लगा है और आम आदमी पार्टी का ग्राफ लगातार नीचे गिर रहा है।

पंजाब में कॉन्ग्रेस, भाजपा-शिअद गठबंधन और आम आदमी पार्टी के बीच त्रिकोणीय मुक़ाबला है।। डेरा सच्चा सौदा के अप्रासंगिक होने और आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता घटने के बाद यहाँ के राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। अतः अंतिम चरण में सभी दल यहाँ ज़ोर लगा रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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