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केजरीवाल ने दिल्ली में युवाओं के लिए वैक्सीनेशन सेंटर किए बंद: केंद्र को फिर ठहराया जिम्मेदार, दूसरी लहर में 400+ डॉक्टर्स की मौत

"दिल्ली को ढाई करोड़ वैक्सीन की जरूरत है। मई में दिल्ली को 16 लाख वैक्सीन दी गई और जून में इसे घटाकर 8 लाख कर दिया गया है। ऐसा केंद्र की तरफ से कहा गया है। अगर इसी गति से वैक्सीन मिली तो वैक्सीन लगाने में हमें 30 महीने लग जाएँगे।"

दिल्ली में शनिवार ( 22 मई 2021) से युवाओं (18 से 44 साल) के लिए वैक्सीनेशन सेंटर बंद कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अरविंद केजरीवाल इस मामले पर हाथ खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ”हमें दुख है कि युवाओं के लिए वैक्सीनेशन सेंटर बंद करने पड़ रहे हैं। केंद्र से हमने और वैक्सीन की माँग की है। जैसे ही वैक्सीन मिलेगी, दोबारा सेंटर खोलेंगे।”

उन्होंने कहा, “दिल्ली को ढाई करोड़ वैक्सीन की जरूरत है। मई में दिल्ली को 16 लाख वैक्सीन दी गई और जून में इसे घटाकर 8 लाख कर दिया गया है। ऐसा केंद्र की तरफ से कहा गया है। अगर इसी गति से वैक्सीन मिली तो वैक्सीन लगाने में हमें 30 महीने लग जाएँगे।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वैक्सीन की कमी की वजह से देश में बहुत मुश्किल हालात पैदा हो गए हैं। कोरोना से लोगों की जान बचाने के लिए वैक्सीन ही एक मात्र उपाय है। देश में वैक्सीन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को चार सुझाव दिए गए हैं। भारतीय बायोटेक कंपनी अपनी फॉर्मूला बताने के लिए तैयार हो गई है। केंद्र सरकार उन सभी कंपनियों को 24 घंटों के अंदर आदेश दे कि वे युद्ध स्तर पर भारत में वैक्सीन का उत्पादन करें। भारत सरकार इन विदेशी कंपनियों और वहाँ की सरकार से बात करे। इसके अलावा, भारत में सभी विदेशी वैक्सीन के इस्तेमाल की तुरंत इजाजत दी जाए।।

दिल्ली सरकार के मुताबिक, राजधानी में शुक्रवार (21 मई 2021) तक 49.67 लाख लोगों को वैक्सीन की कम से कम एक डोज लग चुकी है। इनमें से 38.44 लाख ऐसे हैं, जिन्हें पहली डोज लगी है, जबकि 11.23 लाख लोगों को दोनों डोज लग चुकी है।

वहीं, कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में देश भर के 400 से ज्यादा डॉक्टरों को अपनी जान गँवानी पड़ी है। इसमें अकेले दिल्ली में 100 डॉक्टरों की कोरोना के कारण मौत हो गई है। 420 डॉक्टर्स की लिस्ट जारी हुई है जिन्होंने कोरोना की इस लहर में जान गवाई।

बता दें कि दिल्ली और महाराष्ट्र में चिकित्सा सुविधाएँ नहीं होने के कोरोना काल में कई लोगों ने दम तोड़ दिया। देश भर में इन दोनों राज्यों में सबसे अधिक कोरोना के नए मामले सामने आए और ​कोरोना संक्रमण से सबसे अधिक मौतें दर्ज की गईं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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