Thursday, September 23, 2021
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शिवसेना ने बीजेपी संग रद्द की बैठक, देवेंद्र फडणवीस के ओएसडी के घर हुआ हमला

"अगर मुख्यमंत्री ही कह रहे हैं कि 50-50 फॉर्मूला पर चर्चा नहीं होगी तो बैठक और उसकी चर्चा का आधार ही क्या रह जाएगा? यह सब उन्होंने कैमरे के सामने कहा था मगर अब उससे इनकार कर रहे हैं।"

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव परिणामों की घोषणा होने के बाद से ही राज्य में सरकार किसकी बनेगी, यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। शिवसेना जहाँ एक ओर 50-50 के फॉर्मूले पर अड़ी हुई है तो वहीं दूसरी ओर भाजपा का पक्ष है कि अगले पाँच साल तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस होंगे। बता दें कि सरकार बनाने को लेकर चल रही भाजपा-शिवसेना की इसी खींचतान में दोनों के बीच होने वाली बैठक रद्द हो गई है। शिवसेना के संजय राउत का कहना है कि यह बैठक खुद उद्धव ठाकरे ने रद्द की है। लेकिन बैठक रद्द होने के बाद जो हुआ वो चौंकाने वाला है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के विशेष कार्याधिकारी श्रीकांत भारतीय के घर पर हमला हुआ है। मुख्यमंत्री के ओएसडी के अमरावती स्थित घर पर कुछ अज्ञात लोगों ने हमला बोल दिया, साथ ही घर के बाहर खड़ी कार में भी तोड़फोड़ की। जिस समय यह घटना हुई, श्रीकांत अपने परिवार के लोगों के साथ घर से बाहर गए हुए थे। एक अधिकारी ने बताया कि इस घटना को महाराष्ट्र चुनाव के परिणामों और सत्ता-समीकरणों के बनते-बिगड़ते खेल से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हालाँकि इस घटना में कोई भी हताहत नहीं हुआ है।

राजनीतिक खींचतान के बीच दोनों पार्टियों के नेता बयानों के जरिए एक दूसरे पर दबाव बढ़ाने की कोशिश में लगे हुए हैं मगर उनके इन प्रयासों के चलते बीच का कोई रास्ता अभी तक नहीं निकल सका है। चुनाव परिणाम आने के पाँच दिन के बाद भी फ़िलहाल कोई सत्ता की ओर सीढ़ी चढ़ता नज़र नहीं आ रहा है।

शिवसेना जिस 50-50 फॉर्मूले की बात कर रही है, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उसका खंडन करते हुए उनकी इस माँग को पूरी तरह से नकार दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में पूरे पाँच साल भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार चलेगी। मतलब, इशारा साफ़ था कि फडणवीस अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी किसी से भी बाँटने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने अपने निवास पर मीडिया से बातचीत में कहा कि ढाई वर्ष के लिए शिवसेना का मुख्यमंत्री होगा, ऐसा कोई आश्वासन नहीं दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इस बात की पुष्टि की है कि ऐसा कोई वादा नहीं किया गया है।

50-50 फॉर्मूले पर बात नहीं बनते देखने के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दोनों पार्टियों के नेताओं की शाम चार बजे होने वाली बैठक को रद्द कर दिया। इस मामले पर सांसद संजय राउत ने सवालिया अंदाज़ में अपनी बात रखते हुए कहा, “अगर मुख्यमंत्री ही कह रहे हैं कि 50-50 फॉर्मूला पर चर्चा नहीं होगी तो बैठक और उसकी चर्चा का आधार ही क्या रह जाएगा?” उन्होंने बताया कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और ठाकरे की उपस्थिति में 50- 50 फॉर्मूले पर बातचीत हुई थी। वे बोले, “यह सब उन्होंने कैमरे के सामने कहा था मगर अब उससे इनकार कर रहे हैं।”

वहीं मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सरकार के गठन को लेकर शिवसेना की ओर से कोई माँग नहीं रखी गई है। यदि वे कोई माँग रखते हैं तो उस पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा पाँच साल तक स्थिर और दक्ष सरकार देने में सक्षम है। फडणवीस ने जानकारी दी कि उन्हें दस निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है और उन्हें पाँच और निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिलने की आशा है।

बता दें कि 288 सीट वाली महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव में भाजपा 105 सीटों पर जीत के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, वहीं शिवसेना ने 56 सीटों पर जीत दर्ज की है। राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी को 54 और कॉन्ग्रेस को 44 सीटें मिली हैं। ऐसे में सत्ता पर काबिज होने के लिए पर्याप्त बहुमत किसी एक दल के पास नहीं है। यही वजह है कि सत्ता समीकरणों के लिए भाजपा का अपने घटक दल तथा निर्दलीय विधायकों से साथ लम्बी बैठकों का दौर जारी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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