आदिवासियों की जिंदगी नहीं बदली, लेकिन सोरेन परिवार के पास आ गई सैकड़ों एकड़ जमीन: रघुवर दास

जोहार जन आशीर्वाद यात्रा पर निकले झारखंड के सीएम ने झामुमो पर आदिवासियों को गुमराह करने का आरोप लगाया। साथ ही पूछा कि सैकड़ों एकड़ जमीन खरीदने के लिए सोरेन परिवार के पास पैसा कहॉं से आया?

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शनिवार (12 अक्टूबर) को जोहार जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पर प्रदेश को लूटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सोरेन परिवार कैसे सीएनटी और एसपीटी एक्ट के उल्लंघन कर देवघर, दुमका, रांची, धनबाद, गालूडीह, बोकारो, पाकुड़िया समेत अन्य शहरों में करोड़ो रुपए की सैकड़ों एकड़ ज़मीन का मालिक बन गया?

यात्रा के दौरान लोगों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सोरेन परिवार के पास इतना रुपया आख़िर आया कहाँ से, जिससे उन्होंने सैकड़ों एकड़ ज़मीन ख़रीद ली? उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा ने राज्य को जमकर लूटा है। उन्होंने कहा झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता अफ़वाह फैलाकर आदिवासी समाज को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। आपको इनसे सावधान रहना है, आपको इन्हें अपने क्षेत्र से बाहर निकालना है।

उन्होंने कहा ये झारखंड के विकास के लिए नहीं, अपने विकास के लिए राजनीति कर रहे हैं। अब झारखंड में न जातिवाद की राजनीति चलेगी, न वंशवाद की राजनीति चलेगी। अब झारखंड में सिर्फ़ विकास की राजनीति चलेगी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि झामुमो आदिवासियों के विकास की बात नहीं करती। एक भी काम आदिवासी हित में नहीं किया, लेकिन हमने किसी की भी एक इंच ज़मीन नहीं ली। उन्होंने कहा कि झामुमो से क्या एक भी ग़रीब आदिवासी की जिंदगी में बदलाव आया है। वर्षों से आदिवासी समाज के विकास के नाम पर झामुमो ने सिर्फ़ अपनी राजनीति को ही चमकाया है।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

दास ने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यही हमारा मूल-मंत्र है। जितनी योजनाएँ हमारे द्वारा शुरू की गईं, वो गाँव और ग़रीबों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने करोड़ों महिलाओं की पीड़ा को समझा और शौचालय निर्माण को जन-आन्दोलन बनाया। आज झारखंड के घर-घर में शौचालय है। महिलाएँ सम्मान और सुरक्षा की ज़िंदगी जी रही हैं।

उन्होंने कहा, “मेरा लक्ष्य ग़रीबी मिटाना है। राज्य में गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों की संख्या कम हो रही है। सखी मंडलों से महिलाएँ सशक्त हो रही हैं। हमने पलायन रोका है। योजनाओं का ज़्यादा से ज़्यादा प्रसार करना है।” साथ ही उन्होंने बीजेपी की रणनीतियों से लेकर कई मुद्दों पर बेबाक विचार रखे।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

"हिन्दू धर्मशास्त्र कौन पढ़ाएगा? उस धर्म का व्यक्ति जो बुतपरस्ती कहकर मूर्ति और मन्दिर के प्रति उपहासात्मक दृष्टि रखता हो और वो ये सिखाएगा कि पूजन का विधान क्या होगा? क्या जिस धर्म के हर गणना का आधार चन्द्रमा हो वो सूर्य सिद्धान्त पढ़ाएगा?"

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

115,259फैंसलाइक करें
23,607फॉलोवर्सफॉलो करें
122,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: