Saturday, May 15, 2021
Home राजनीति बढ़ती आबादी से चिंतित BJP सांसद ने राज्यसभा में उठाई जनसंख्या नियंत्रण के लिए...

बढ़ती आबादी से चिंतित BJP सांसद ने राज्यसभा में उठाई जनसंख्या नियंत्रण के लिए कठोर कानून बनाने की माँग

"जनसंख्या विस्फोट के कारण संसाधनों पर दबाव बढ़ा है जिसके कारण न सिर्फ बेरोजगारी बढ़ी है बल्कि हर स्थान पर भीड़ ही भीड़ दिखती है। उन्होंने आँकड़ा पेश करते हुए कहा कि वर्ष 1951 में देश की आबादी 10 करोड़ 38 लाख थी, जो वर्ष 2011 में बढ़कर 121 करोड़ के पार पहुँच गई और वर्ष 2025 तक इसके बढ़कर 150 करोड़ के पार पहुँचने का अनुमान है।"

देश में लगातार और तेजी से बढ़ती जनसंख्या से चिंतित बीजेपी के एक सांसद ने शुक्रवार को राज्यसभा में जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की माँग उठाई है। बीजेपी से राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने शून्यकाल के दौरान सदन में यह माँग करते हुए कहा कि जनसंख्या विस्फोट के कारण संसाधनों पर दबाव बढ़ा है जिसके कारण न सिर्फ बेरोजगारी बढ़ी है बल्कि हर स्थान पर भीड़ ही भीड़ दिखती है। उन्होंने आँकड़ा पेश करते हुए कहा कि वर्ष 1951 में देश की आबादी 10 करोड़ 38 लाख थी, जो वर्ष 2011 में बढ़कर 121 करोड़ के पार पहुँच गई और वर्ष 2025 तक इसके बढ़कर 150 करोड़ के पार पहुँचने का अनुमान है।

सांसद ने आगे चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जनसंख्या कई गुना बढ़ती है, जबकि संसाधनों में बहुत कम बढोत्तरी हो पाती है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसा जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाना चाहिए जो ‘हम दो हमारे दो’ पर आधारित हो और इसका पालन नहीं करने वालों को हर तरह की सुविधाओं से न सिर्फ वंचित किया जाना चाहिए बल्कि उन्हें किसी भी प्रकार के चुनाव लड़ने से भी रोका जाना चाहिए। यादव ने आगे कहा कि वर्तमान में ही सभी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना संभव नहीं हो रहा है, जबकि आने वाले समय में आबादी 150 करोड़ के पार पहुँच जाएगी तब पीने का पानी मिलना कैसे संभव हो पाएगा? इसके साथ ही अधिक आबादी के कारण बेरोजगारी भी अधिक है और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए संसाधन भी उपलब्ध नहीं होंगें।

इससे पहले बीजेपी से राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने जुलाई 2019 में जनसंख्या विनियमन विधेयक को एक निजी विधेयक के रूप में पेश किया था। वहीं वर्ष 2018 सितंबर माह में कॉन्ग्रेस के राजनेता जितिन प्रसाद ने भी जनसंख्या वृद्धि की जाँच के लिए एक कानून बनाने की माँग की थी। वहीं पिछले साल मई में दिल्ली बीजेपी के एक नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की थी, जिसमें जनसंख्या नियंत्रण के लिए कड़े कानून की माँग की गई थी। दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस मामले को खारिज कर दिया था। अब यह मामला सर्वोच्च न्यायालय के पास है। वहीं वर्ष 2018 में ही लगभग 125 सांसदों ने राष्ट्रपति से पत्र लिखकर भारत में दो बच्चों की नीति लागू करने का आग्रह किया था।

वर्ष 2016 में भी बीजेपी सांसद प्रह्लाद सिंह पटेल ने भी जनसंख्या नियंत्रण पर एक निजी सदस्य बिल पेश किया था। 2015 में गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ ने एक ऑनलाइन पोल आयोजित कर पूछा था कि क्या मोदी सरकार को जनसंख्या नियंत्रण के लिए कोई नीति बनानी चाहिए। हालाँकि, वह उस समय गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद थे, जोकि वर्तमान में देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं।

वहीं बात करें कुछ राज्यों की तो देश के कई राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण के लिए या छोटे परिवारों को प्रोत्साहित करने के लिए पहले से ही दंडात्मक प्रावधान लागू कर रखे हैं। बात करें असम की तो असम सरकार ने दो साल से अधिक समय पहले पारित असम जनसंख्या और महिला सशक्तिकरण नीति को लागू करने का फैसला किया था, जिसके तहत, “जनवरी 2021 से असम में दो से अधिक बच्चे वाला कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी के लिए पात्र नहीं होगा।” कुल मिलाकर 12 राज्यों में ऐसे ही प्रावधान लागू हैं जो दो-बाल नीति की शर्तों को पूरा न कर पाने की स्थिति में योग्यता व अधिकार से जुड़े प्रतिबंध लगाते हैं। इन प्रतिबंधों में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लड़ने से लोगों पर रोक लगाना भी शामिल है। कुछ इसी प्रकार उत्तराखंड में कानून बनाया गया, लेकिन इसे बाद में हटा दिया गया।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से अपने संबोधन में जनसंख्या नियंत्रण का जिक्र किया था साथ ही मोदी ने इसे देशभक्ति से भी जोड़ा था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जहाँ अभी अल-अक्शा मस्जिद, वहाँ पहले था यहूदियों का मंदिर: जानिए कहाँ से शुरू हुआ येरुशलम विवाद

येरुशलम में जहाँ अल अक्सा मस्जिद है उसी स्थान पर टेंपल माउंट पर ही यहूदियों का सेकेंड टेंपल हुआ करता था। सेकंड टेम्पल को यहूदी विद्रोह की सजा के रूप में 70 ईस्वी में रोमन साम्राज्य ने नष्ट कर दिया था।

इजरायल के विरोध में पूर्व पोर्न स्टार मिया खलीफा: ट्वीट कर बुरी तरह फँसीं, ‘किसान’ प्रदर्शन वाला ‘टूलकिट’ मामला

इजरायल और फिलिस्तीनी आंतकियों के बीच संघर्ष लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पूर्व पोर्न-स्टार मिया खलीफा ने गलती से इजरायल के विरोध में...

पुणे में बनेगी कोरोना वैक्सीन, इसलिए 50% सिर्फ महाराष्ट्र को मिले: महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि राज्य सरकार हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक के पुणे में लगने वाले वैक्सीन निर्माण संयंत्र से...

‘लगातार बम बरसाए, एकदम निर्ममता से… हमारा (हमास) एक भी लड़ाका नहीं था’: 10000+ फिलिस्तीनी घर छोड़ कर भागे

इजराइल और फिलिस्तीनी आंतकियों के बीच खूनी संघर्ष और तेज हो गया है। हमास को इजराइल की जवाबी कार्रवाई में कम से कम...

इजरायली रॉकेट से मरीं केरल की सौम्या… NDTV फिर खेला शब्दों से, Video में कुछ और, शीर्षक में जिहादियों का बचाव

केरल की सौम्या इजरायल में थीं, जब उनकी मौत हुई। वह अपने पति से बात कर रही थीं, तभी फिलिस्तीनी रॉकेट उनके पास आकर गिरा। लेकिन NDTV ने...

1971 में भारतीय नौसेना, 2021 में इजरायली सेना: ट्रिक वही-नतीजे भी वैसे, हमास ने ‘Metro’ में खुद भेज दिए शिकार

इजरायल ने एक ऐसी रणनीतिक युद्धकला का प्रदर्शन किया है, जिसने 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध की ताजा कर दी है।

प्रचलित ख़बरें

हिरोइन है, फलस्तीन के समर्थन में नारे लगा रही थीं… इजरायली पुलिस ने टाँग में मारी गोली

इजरायल और फलस्तीन के बीच चल रहे संघर्ष में एक हिरोइन जख्मी हो गईं। उनका नाम है मैसा अब्द इलाहदी।

दिल्ली में ऑक्सीजन सिलेंडर के बदले पड़ोसी ने रखी सेक्स की डिमांड, केरल पुलिस से सेक्स के लिए ई-पास की डिमांड

दिल्ली में पड़ोसी ने ऑक्सीजन सिलेंडर के बदले एक लड़की से साथ सोने को कहा। केरल में सेक्स के लिए ई-पास की माँग की।

1971 में भारतीय नौसेना, 2021 में इजरायली सेना: ट्रिक वही-नतीजे भी वैसे, हमास ने ‘Metro’ में खुद भेज दिए शिकार

इजरायल ने एक ऐसी रणनीतिक युद्धकला का प्रदर्शन किया है, जिसने 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध की ताजा कर दी है।

गाजा पर गिराए 1000 बम, 160 विमानों ने 150 टारगेट पर दागे 450 मिसाइल: बोले नेतन्याहू- हमास को बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी

फलस्तीन के साथ हवाई संघर्ष के बीच इजरायल जमीनी लड़ाई की भी तैयारी कर रहा है। हथियारबंद टुकड़ियों के साथ 9000 रिजर्व सैनिकों की तैनाती।

इजरायली रॉकेट से मरीं केरल की सौम्या… NDTV फिर खेला शब्दों से, Video में कुछ और, शीर्षक में जिहादियों का बचाव

केरल की सौम्या इजरायल में थीं, जब उनकी मौत हुई। वह अपने पति से बात कर रही थीं, तभी फिलिस्तीनी रॉकेट उनके पास आकर गिरा। लेकिन NDTV ने...

1600 रॉकेट-600 टारगेट: हमास का युद्ध विराम प्रस्ताव ठुकरा बोला इजरायल- अब तक जो न किया वो करेंगे

संघर्ष शुरू होने के बाद से इजरायल पर 1600 से ज्यादा रॉकेट दागे जा चुके हैं। जवाब में गाजा में उसने करीब 600 ठिकानों को निशाना बनाया है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,349FansLike
94,118FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe