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NOTA को मिला 5 वोट, कॉन्ग्रेस कैंडिडेट को 0 वोट: निर्दलीय उम्मीदवार की जीत, पूरे राज्य में उड़ा कॉन्ग्रेस का मजाक

वेमुलावाड़ा नगरपालिका वॉर्ड नंबर-17 से कॉन्ग्रेस के कैंडिडेट का खाता तक नहीं खुल पाया। कॉन्ग्रेस उम्मीदवार का कहना है कि उन्होंने और उनके परिजनों ने उन्हें वोट नहीं डाला क्योंकि वो लोग वार्ड-12 के निवासी हैं।

तेलंगाना में हाल ही में हुए निकाय चुनावों में एक अजीबोगरीब वाकया देखने को मिला। जहाँ एक तरफ राज्य में कॉन्ग्रेस पार्टी पहले से ही अस्तित्व की लड़ाई का सामना कर रही है, उसके एक उम्मीदवार को शून्य वोट मिलना चर्चा का विषय बन गया। जी हाँ, वेमुलावाड़ा नगरपालिका वॉर्ड नंबर 17 से कॉन्ग्रेस के कैंडिडेट का खाता तक नहीं खुल पाया। हालाँकि, कॉन्ग्रेस उम्मीदवार का कहना है कि उन्होंने और उनके परिजनों ने उन्हें वोट नहीं डाला क्योंकि वो लोग वार्ड 12 के निवासी हैं। पूरे राज्य में इस ख़बर के कारण कांग्रेस का मजाक बना।

कॉन्ग्रेस पार्टी के तेलंगाना यूनिट ने कहा है कि वो इस मामले की जाँच कराएगी। अपने उम्मीदवार नागरानी ईसरावेल्ली को शून्य वोट मिलने के पीछे पार्टी ने किसी साज़िश की ओर इशारा किया है। उस क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार 671 वोटों के साथ दिव्या चिंतापणि ने वॉर्ड से जीत दर्ज की। बता दें कि चिंतापणि सत्तारूढ़ दल तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) की बागी नेता हैं। वहीं दूसरे नंबर पर टीआरएस नेता ने 443 वोट हासिल किए। कॉन्ग्रेस उम्मीदवार को एक भी वोट नहीं मिला।

यहाँ तक कि उक्त वार्ड से नोटा को भी 5 लोगों का वोट मिला। 14 लोगों के मतों को अमान्य करार दिया गया। यानी कॉन्ग्रेस से ज्यादा वोट नोटा को मिले और उससे भी ज्यादा वोट अमान्य करार दिए गए। एक अन्य उम्मीदवार गुंती भवानी को सिर्फ 1 वोट मिला। इसमें सिर्फ उनका वोट शामिल था। यानी, उन्हें ख़ुद के अलावा किसी और ने वोट दिया ही नहीं।

तेलंगाना कॉन्ग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष पूनम प्रभाकर ने कहा कि वो इस मतगणना के परिणामों से हैरान हैं। नाराज अध्यक्ष ने पूरी चुनावी प्रक्रिया पर ही संदेह जाहिर किया। उन्होंने कहा कि मामले की आंतरिक जाँच करवाई जाएगी और जिला निर्वाचन अधिकारी से भी चुनाव प्रक्रिया की जाँच किए जाने की माँग की जाएगी। अगर पूरे चुनाव की बात करें तो तेलंगाना नगर निकाय में टीआएरस ने बड़ी जीत दर्ज की है। टीआरएस ने 120 नगरपालिकाओं में से 100 और नौ नगर निगम में से 7 पर जीत की पताका लहराई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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