कॉन्ग्रेस के डेटा एनालिटिक्स चीफ ने ख़ुद को ‘बलि का बकरा’ बनाने पर पार्टी को दिखाया आइना

"विश्व कप में भारत के हारने के बावजूद किसी ने भी इसके लिए सहयोगी स्टाफ को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया।"

प्रवीण चक्रवर्ती – कॉन्ग्रेस पार्टी के डेटा एनालिटिक्स टीम के प्रमुख। वही प्रवीण चक्रवर्ती जिनके डेटा और सिर्फ डेटा पर भरोसा करके राहुल गाँधी लोकसभा चुनाव की नैया पार करने वाले थे। हालाँकि चुनाव परिणाम के बाद राहुल को यह समझ आ गया होगा कि लोकतंत्र में डेटा का खेल तो है लेकिन जनता-जनार्दन के साथ केमिस्ट्री उससे बड़ी चीज है। खैर, उसी प्रवीण चक्रवर्ती ने चुनाव में कॉन्ग्रेस के प्रदर्शन के लिए ख़ुद को ‘बलि का बकरा’ बनाए जाने को लेकर कटाक्ष किया है। 2019 के लोकसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस के बुरे प्रदर्शन के लिए राजनीतिक पंडितों द्वारा प्रवीण चक्रवर्ती को दोषी ठहराया गया था।

कॉन्ग्रेस पार्टी की डेटा एनालिटिक्स टीम के प्रमुख प्रवीण चक्रवर्ती ने ट्विटर पर ICC क्रिकेट विश्व कप में न्यूजीलैंड के ख़िलाफ़ भारत की हार का संदर्भ देते हुए कॉन्ग्रेस नेतृत्व और आलोचकों का मजाक उड़ाया। प्रवीण चक्रवर्ती ने तंज कसते हुए लिखा कि विश्व कप में भारत के हारने के बावजूद किसी ने भी इसके लिए सहयोगी स्टाफ को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया।

इसी तर्ज पर प्रवीण चक्रवर्ती ने नुक़सान (चुनावी हार) के लिए कॉन्ग्रेस अध्यक्ष के बजाए उनको दोषी ठहराए जाने को लेकर तंज कसा। चक्रवर्ती ने अपनी इस टिप्पणी के साथ ही एक बहस को हवा दे दी है। उन्होंने कॉन्ग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए लिखा कि पार्टी के नेतृत्व की विफलता के लिए जानबूझकर उन्हें बलि का बकरा बनाया गया।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

ख़बर के अनुसार, चुनाव के बाद किसी भी आलोचना से गाँधी-वंश को बचाने के लिए कॉन्ग्रेस के भीतर एक ठोस अभियान चलाया गया। पार्टी की हार का ठीकरा नेताओं के सिर मढ़ा गया। राहुल गाँधी की अक्षमता पर चादर डालते हुए प्रवीण चक्रवर्ती, जो कॉन्ग्रेस के डेटा एनालिटिक्स विभाग के प्रमुख थे, उन पर भी हार का ठिकरा फोड़ा गया।

कॉन्ग्रेस ने राहुल गाँधी को ‘ग़लत डेटा’ उपलब्ध कराने के लिए प्रवीण चक्रवर्ती को दोषी ठहराया था। पार्टी का मानना है कि ग़लत डेटा की वजह से ही उन्हें लोकसभा चुनाव 2019 में हार का सामना करना पड़ा। कॉन्ग्रेस ने संदेह जताया कि प्रवीण चक्रवर्ती मोदी सरकार का गुप्तचर था, जिसके ज़रिए कॉन्ग्रेस पार्टी को ग़लत जानकारी शेयर की जा सके और पार्टी को चुनाव में नुक़सान पहुँचाया जा सके।

इसके अलावा, कॉन्ग्रेस के नेतृत्व ने राहुल गाँधी को किसी भी तरह की जवाबदेही से बचाने के कई तरीके भी खोजे। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी पदों से इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला किया। इसी कड़ी में, ज्योतिरादित्य सिंधिया, मिलिंद देवड़ा पहले ही राहुल गाँधी को अपना इस्तीफ़ा सौंप चुके हैं।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

गुस्साए गाँव वालों ने अंसारी से गाय के पाँव छूकर माफी माँगने को कहा, लेकिन जैसे ही अंसारी वहाँ पहुँचा, गाय उसे देखकर डर गई और वहाँ से भाग गई। गाय की व्यथा देखकर गाँव वाले उससे बोले, "ये भाग रही है क्योंकि ये तुमसे डर गई। उसे लग रहा है कि तुम वही सब करने दोबारा आए हो।"

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

फेक पहचान से शादी

हीना ख़ान ने गीता बन कर पुजारी से रचाई शादी, अगले दिन भागने की कोशिश में गिरफ़्तार

गाँव के मंदिर का पुजारी अशोक कई दिनों से अपनी शादी के प्रयास में था। इसका फायदा उठाते हुए दलाल नारायण ने उस से सवा लाख रुपए ठग लिए और एक मुस्लिम महिला से मिलवाया। पुजारी को धोखे में रखने के लिए महिला का नाम गीता बताया गया।
कुरान रिचा राँची

ऋचा भारती को आप ने कहा क़ुरान बाँटो, उसे ‘रंडी साली’, ‘फक योर सिस्टर’ कहने वाले क्या बाँटें मी लॉर्ड?

हो सकता है अंजुमन इस्लामिया वालों को ‘फक योर सिस्टर’ का या ‘तेरी माँ मेरी रखैल’ आदि का मतलब मालूम न हो, लेकिन कोर्ट के जजों को तो ज़रूर पता होगा कि इन शब्दों से एक लड़की की ‘मोडेस्टी आउटरेज’ होती है। और यह क़ानूनन जुर्म है।
राजस्थान, महिला, हत्या, होटल

जिस रफीक के साथ शादी करने को घर से भागी महिला, उसी ने होटल में गला घोंट मार डाला

मध्य प्रदेश की शाहिस्ता, रफीक के साथ घर से भागी। उन्होंने अजमेर के होटल में ठहरने के लिए कमरा लिया। दोनों यहाँ शादी करने के लिए आए थे, जिसके लिए उन्होंने वकील से भी बात की थी। लेकिन किसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई और...
तापसी

एक हिंदू लड़की मुस्लिम Live-In पार्टनर के द्वारा मार दी जाती है और तापसी पन्नू को मजाक सूझ रहा है!

एक हिंदू लड़की को उसके मुस्लिम बॉयफ्रेंड द्वारा बर्बर तरीके से मार दिया जाता है और तुम्हें मजाक सूझ रही है। अगर यह उल्टा होता तो फेविकॉल पी के शांत बैठी रहती। मौत पर व्यंग्य करके इंसान गिरने की सीमा से भी परे होकर गिर जाता है।
मौलवी

AMU की मस्जिद में नमाज पढ़ाने वाले मौलाना ने 9 साल की बच्ची को बनाया हवस का शिकार

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मोज्जिन के पद पर तैनात मौलवी द्वारा 9 साल की नाबालिग के साथ डरा धमकाकर दुष्कर्म के मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। वहीं, एएमयू मेंबर इंचार्ज साफे किदवई ने बताया कि शिकायत मिलने पर मौलाना को तत्काल पद से हटा दिया गया है और रिपोर्ट तलब की जा रही है।
कुरान राँची कोर्ट

‘बाँटनी होगी कुरान’- जमानत के लिए कोर्ट के इस शर्त को मानने से ऋचा भारती ने किया इनकार

ऋचा ने कहा, "आज कुरान बाँटने का आदेश दिया गया है, कल को इस्लाम स्वीकार करने या नमाज पढ़ने का आदेश देंगे तो वह कैसे स्वीकार किया जा सकता है। क्या किसी मुसलमान को सजा के तौर पर दुर्गा पाठ करने या हनुमान चालीसा पढ़ने का आदेश कोर्ट ने सुनाया है?"
विमल-ज़ुबाँ केसरी

अजय देवगन के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट करना शख्स को पड़ा मँहगा, जज ने पूरे कानपुर में विमल बाँटने का दिया आदेश

अदालत ने आपत्तिजनक पोस्ट लिखने वाले उस युवक को अगले एक साल तक कानपुर के हर गली-मोहल्ले में 'विमल' बाँटने की सजा सुना दी है और साथ ही उन्हें 'बोलो जुबाँ केसरी' के नारे भी लगाने होंगे।
मुगल कुशासन

‘मुगलों ने हिंदुस्तान को लूटा ही नहीं, माल बाहर भी भेजा, ये रहा सबूत’

1659 में औरंगज़ेब के मक्का को 600,000 रुपए देने का ज़िक्र करते हुए True Indology ने बताया है कि उस समय एक रुपए में 280 किलो चावल आता था। यानी करीब 2 लाख टन चावल खरीदे जाने भर का पैसा औरंगज़ेब ने हिन्दुस्तानियों से लूट कर मक्का भेजा।
राँची बार एसोसिएशन

मुस्लिम वकीलों ने भी ऋचा भारती पर ‘कुरान जजमेंट’ को बताया आश्चर्यजनक, तबादले तक जज का बहिष्कार

"एक अधिवक्ता काला कोट पहनने के बाद हिन्दू और मुस्लिम नहीं होता है। हिन्दू ही नहीं बल्कि कई मुस्लिम अधिवक्ताओं तक ने 'कुरान बाँटने' के इस फैसले पर आश्चर्य व्यक्त किया है और कहा कि इस प्रकार की शर्त कोई न्यायालय कैसे रख सकता है?"
मीडिया गिरोह

तख्ती गैंग, मौलवी क़ुरान पढ़ाने के बहाने जब रेप करता है तो कौन सा मज़हब शर्मिंदा होगा?

बात चाहे हस्तमैथुन और ऑर्गेज़्म के जरिए महिलाओं के अधिकारों की बात करने वाली स्वरा भास्कर की हो या फिर उन्हीं के जैसी काम के अभाव में सोशल मीडिया पर एक्टिविस्ट्स बने फिर रहे अन्य मीडिया गिरोह हों, सब जानते हैं कि उन्हें कब कैंडल बाहर निकालनी है और किन घटनाओं का विरोध करना है।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

57,421फैंसलाइक करें
9,740फॉलोवर्सफॉलो करें
74,819सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: