Homeराजनीति'चौकीदार ढूँढना होगा तो मैं नेपाल चला जाऊँगा': हार्दिक पटेल ने की PM पर...

‘चौकीदार ढूँढना होगा तो मैं नेपाल चला जाऊँगा’: हार्दिक पटेल ने की PM पर टिप्पणी

लोकतंत्र का पर्व मतलब चुनाव हैं। मैं इस चुनाव का हिस्सा बन देश को मज़बूत बनाने के लिए अपना वोट कर आया हूँ। मेरा वोट देश को अच्छा और सच्चा प्रधानमंत्री बनाने के लिए हैं।

मतदान के तीसरे चरण में 23 अप्रैल को गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। यहाँ उन्होंने नरेंद्र मोदी के चौकीदार कैम्पेन को आधार बनाकर टिप्पणी की है कि यदि उन्हें चौकीदार ढूँढना होगा तो वे नेपाल चले जाएँगे।

हार्दिक पटेल ने गुजरात के विरमगाम में वोट डालने के बाद गोरखाओं और नेपालियों के खिलाफ यह जातिवादी बयान दिया। मीडिया से अपनी बातचीत में हार्दिक ने कहा, “मुझे देश में ऐसा प्रधानमंत्री चाहिए जो इस देश की अर्थव्यवस्था, शिक्षा, युवाओं और जवानों को मजबूत कर सके। मुझे चौकीदार नहीं प्रधानमंत्री चाहिए।”

हार्दिक ने वोट डालने के बाद ट्विटर पर लिखा, “लोकतंत्र का पर्व मतलब चुनाव हैं। मैं इस चुनाव का हिस्सा बन देश को मज़बूत बनाने के लिए अपना वोट कर आया हूँ। मेरा वोट देश को अच्छा और सच्चा प्रधानमंत्री बनाने के लिए हैं। कॉन्ग्रेस पार्टी ज़िंदाबाद, भारत माता की जय”

गौरतलब है कि बीते दिनों पाटीदार आंदोलन से सुर्खियाँ बटोरने वाले हार्दिक पटेल चुनावी हलचल में कॉन्ग्रेस पार्टी का हाथ थाम चुके हैं। जिसके बाद से ही वह कॉन्ग्रेस पार्टी के प्रचार-प्रसार में जुटे हुए थे। पहले उनके चुनाव लड़ने की अटकलें भी लगाई जा रही थी, लेकिन दंगे भड़काने के आरोप में सुप्रीम कोर्ट द्वारा टाली गई सुनवाई के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘श्मशान का भी व्यवसाय’… ईशा फाउंडेशन को पटना में एशिया के सबसे बड़े शवदाह गृह के संचालन की जिम्मेदारी मिलने पर हंगामा, जानें- ऑपइंडिया...

पटना के बांसघाट शवदाह गृह को लेकर उठे सवालों के बीच जानिए सरकार ने ईशा फाउंडेशन को जिम्मेदारी क्यों दी और क्या हैं सुविधाएँ।

वेनेजुएला में तबाही के बाद भारत के ‘भूदेव’ की आई याद, हिमालयी क्षेत्रों में तैनात ये सिस्टम बचा सकता है लाखों की जान: समझें...

भूकंप की जानकारी देने के लिए आईआईटी रुड़की ने एक अत्याधुनिक भूकंप अर्ली वॉर्निंग मोबाइल ऐप और सिस्टम ‘भूदेव’ तैयार किया है।
- विज्ञापन -