Homeराजनीतिराजस्थान के बाद अब मध्यप्रदेश में 'NYAY' योजना के फ़र्ज़ी फॉर्म बँटवा रही कॉन्ग्रेस

राजस्थान के बाद अब मध्यप्रदेश में ‘NYAY’ योजना के फ़र्ज़ी फॉर्म बँटवा रही कॉन्ग्रेस

पिछले सप्ताह यानी चुनाव के चौथे चरण के ठीक दो दिन पहले कॉन्ग्रेसी नेता राखी गौतम के द्वारा राजस्थान के कोटा में न्याय योजना के नकली फॉर्मों को बाँटा गया था और बाद में मिली जानकारी में पता चला कि कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी भी इन फर्जी फॉर्मों के वितरण की खबर से भलीभाँति परिचित थे।

कुछ दिनों पहले ही राजस्थान में कॉन्ग्रेस के द्वारा नकली न्याय फॉर्म बाँटने के बाद अब मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में एक कॉन्ग्रेसी नेता के द्वारा गरीबी रेखा से नीचे के मतदाताओं की महत्त्वपूर्ण जानकारी एकत्रित करते हुए पाया गया है। बता दें कि ये मामला खंडवा संसदीय क्षेत्र का है। कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता लोकसभा चुनाव के कार्यक्रमों में न्याय योजना का फर्जी फॉर्म बाँट रहे हैं, जिसमें गरीबों को ₹72,000 प्रति वर्ष उनके खाते में दिए जाने का आश्वासन दिया गया है। इस फॉर्म के बाएँ कोने पर कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी की तस्वीर है तो दाईं तरफ मध्य प्रदेश के खंडवा निर्वाचन क्षेत्र के लिए कॉन्ग्रेस के लोकसभा उम्मीदवार अरुण यादव की फोटो है।

बता दें कि, कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता इस फॉर्म को बाँटते वक्त लोगों को बकायदा ये भी बता रहे हैं कि किस सूची में कौन सी जानकारी भरनी है। इस फॉर्म में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों से महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ जैसे नाम, पिता का नाम, बैंक का नाम, बैंक खाता और आधार नंबर आदि भरवाया जा रहा है और इसके महत्त्व को बढ़ाने के लिए इस पर अँगूठे का निशान भी लिया जा रहा है। फॉर्म भरवाने के बाद फॉर्म का एक हिस्सा कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता अपने पास रखते हैं और दूसरा हिस्सा फॉर्म भरने वाले व्यक्ति को दे रहे हैं। कॉन्ग्रेस नकली फॉर्म का वितरण करके न केवल निर्दोष लोगों को गुमराह कर रही है, बल्कि इससे लोगों की महत्त्वपूर्ण जानकारी की सुरक्षा को भी खतरा है।

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने अपने चुनावी वादे के रुप में घोषणा की थी कि अगर कॉन्ग्रेस केंद्र में सरकार बनाती है, तो वे गरीबी दूर करने के लिए न्याय योजना को लागू करेंगे। उन्होंने कहा था कि इसके तहत 5 करोड़ परिवार या 25 करोड़ लोगों को इस योजना से फायदा मिलेगा। हालाँकि, यह योजना अभी तक स्पष्ट नहीं हैं कि आखिर राहुल गाँधी इस योजना की धनराशि कहाँ से लाएँगे। कई वरिष्ठ अर्थशास्त्रियों ने इस योजना के व्यवहारिक रूप पर भी सवाल उठाए थे।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह यानी चुनाव के चौथे चरण के ठीक दो दिन पहले कॉन्ग्रेसी नेता राखी गौतम के  द्वारा राजस्थान के कोटा में न्याय योजना के नकली फॉर्मों को बाँटा गया था और बाद में मिली जानकारी में पता चला कि कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी भी इन फर्जी फॉर्मों के वितरण की खबर से भलीभाँति परिचित थे।

पिछले साल दक्षिण कोटा से 2018 का विधानसभा का चुनाव लड़ने वाली कॉन्ग्रेसी नेता राखी गौतम ने रैली की कुछ तस्वीरें पोस्ट की थीं, जिसमें साफ तौर पर मंच पर मौजूद राहुल गाँधी और सचिन पायलट को न्याय की फर्जी फॉर्म दिखाते हुए देखा गया। राजस्थान और मध्यप्रदेश, जहाँ पर नकली न्याय के फॉर्म का वितरण किया गया, दोनों ही कॉन्ग्रेस शासित राज्य हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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