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‘कॉन्ग्रेस ने 2018 में जो किया… सब बर्बाद कर दिया, BJP के साथ रहता तो CM बना रहता’

"मैंने 2006-07 में मुख्यमंत्री रहते हुए जनता का जो भरोसा हासिल किया, उसे आगे 12 साल तक भी बनाए रखा। लेकिन कॉन्ग्रेस गठबंधन के कारण सब खो दिया। सिद्धारमैया ने मेरी प्रतिष्ठा को नष्ट कर दिया। मैं जाल में फँसता चला गया।"

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल सेक्युलर (JDS) के नेता एचडी कुमारस्वामी को कॉन्ग्रेस से हाथ मिलाने और उनके साथ गठबंधन सरकार बनाने का मलाल है। एचडी कुमारस्वामी ने शनिवार (6 दिसंबर 2020) को कहा कि कॉन्ग्रेसी गठबंधन के कारण उनकी साख खत्म हो गई।

एचडी कुमारस्वामी ने कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा पर फूल बरसाए। उन्होंने कहा कि अगर वह BJP के साथ होते तो अभी तक मुख्यमंत्री बने रहते। लेकिन कॉन्ग्रेस से गठबंधन करके उन्होंने जो कुछ कमाया था, वो सब गँवा दिया।

मैसूर में पत्रकारों से बात करते हुए एचडी कुमारस्वामी ने कॉन्ग्रेसी नेता सिद्धारमैया पर साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह जाल में फँस गए थे। हालाँकि उन्होंने इस निर्णय का दोष पार्टी सुप्रीमो एचडी देवेगौड़ा (पूर्व प्रधानमंत्री और अपने पिता) पर डाल दिया। कुमारस्वामी ने कहा कि एचडी देवेगौड़ा के कहने पर ही वह कॉन्ग्रेस के साथ गठबंधन सरकार बनाने के लिए तैयार हुए थे।

CM बन कर भी क्यों रोया?

2018 में CM बनने के एक महीने के अंदर ही एचडी कुमारस्वामी ने जनता के बीच आकर आँसू बहाए थे। इस वाकये को याद करते हुए बताया कि उन्हें एक महीने के अंदर ही पता चल गया था कि वो कहाँ फँस गए हैं।

एचडी कुमारस्वामी ने कहा, “मैंने 2006-07 में मुख्यमंत्री रहते हुए जनता का जो भरोसा हासिल किया, उसे आगे 12 साल तक भी बनाए रखा। लेकिन कॉन्ग्रेस गठबंधन के कारण सब खो दिया। सिद्धारमैया ने मेरी प्रतिष्ठा को नष्ट कर दिया। मैं जाल में फँसता चला गया।”

‘गलती से बन गया था मुख्यमंत्री’

अगस्त 2019 में एचडी कुमारस्वामी ने कहा था कि वो राजनीति से संन्यास लेना चाहते हैं। कुमारस्वामी ने कहा था, “मैं राजनीति से संन्यास लेने की सोच रहा हूँ। मैं गलती से राजनीति में आ गया था। मैं गलती से मुख्यमंत्री बन गया था। भगवान ने मुझे दो बार मुख्यमंत्री बनने का मौका दिया।”

‘कॉन्ग्रेस के लिए गुलाम बना’

कर्नाटक में कॉन्ग्रेस-जेडीएस के गठबंधन वाली सरकार गिरने के बाद एचडी कुमारस्वामी ने कई बातों का खुलासा करते हुए बताया था कि उन्होंने 14 महीने कॉन्ग्रेस के लिए गुलाम की तरह काम किया था। उनकी मानें तो उन्होंने सभी विधायकों और निगम अध्यक्षों को पूरी स्वतंत्रता दी थी, लेकिन फिर भी कॉन्ग्रेस सरकार गिरने का दोष उन्हें दे रही थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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