Friday, March 1, 2024
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ख़ूब लड़ी मर्दानी वह तो राजीव की रानी है: कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोनिया को दिखाया ‘झाँसी की रानी’

हसीब अहमद इससे पहले भी इसी तरह के पोस्टरों के लिए चर्चा में रहे हैं। जब प्रियंका गाँधी प्रयागराज के दौरे पर आई थीं, तब अहमद ने उन्हें 'राम भक्त' बताते हुए पोस्टर्स छपवाए थे। उस पोस्टर में रामचरितमानस के दोहे...

पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी में अब पार्टी कार्यकर्ताओं ने महारानी लक्ष्मीबाई का रूप दिख रहा है। जहाँ राहुल द्वारा इस्तीफा देने की ख़बरों के बीच अब सोनिया गाँधी उन्हें मनाने में लगी हैं और नेताओं के साथ बैठक कर सब कुछ ठीक-ठाक कर रही हैं, लगता है कि कार्यकर्ताओं का भरोसा राहुल से पूरी तरह उठ चुका है। तभी तो कार्यकर्ताओं ने सोनिया से इतनी उम्मीदें लगा रखी हैं कि अब उन्हें कंगना राणावत अभिनीत फ़िल्म ‘मणिकर्णिका’ के गेट-अप में दिखाया जा रहा है। ये पोस्टर प्रयागराज के कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने छपवाया है, जिसमें प्रमुख तौर पर हसीब अहमद शामिल हैं।

हसीब अहमद इससे पहले भी इसी तरह के पोस्टरों के लिए चर्चा में रहे हैं। जब प्रियंका गाँधी लोकसभा चुनाव से पहले प्रयागराज के दौरे पर आई थीं, तब अहमद ने उन्हें ‘राम भक्त’ बताते हुए पोस्टर्स छपवाए थे। उस पोस्टर में रामचरितमानस के दोहे लिखे थे और भगवान राम के साथ राहुल व प्रियंका को दिखाया गया था। उससे पहले प्रयागराज कुम्भ मेले के दौरान अहमद ने प्रियंका को ‘गंगा की बेटी’ बताते हुए पोस्टर छपवाए थे। हसीब अहमद प्रयागराज कॉन्ग्रेस के महासचिव हैं। उत्तर प्रदेश में इस तरह के पोस्टरों को लेकर पोस्टर वॉर भी होता रहा है और सभी प्रमुख दल एक पोस्टर के जवाब में दूसरा पोस्टर लगवाते हैं।

ताज़ा पोस्टर में लिखा गया है- “चमक उठी सन 91 में वो तलवार पुरानी है, खूब लड़ी मर्दानी वो तो इंदिरा, राजीव की रानी है।” हसीब अहमद ने राहुल गाँधी को एक खुला पत्र लिख कर कहा था कि अगर उन्होंने अध्यक्ष पद छोड़ा तो कार्यकर्ता आत्महत्या कर लेंगे। उन्होंने लिखा था कि पार्टी उन्हीं की अगुआई में आगे बढ़ी है और जम कर लड़ी है।

कॉंग्रेसपरती की हालत अभी काफी खराब है और पार्टी अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद सदन में नेता चुनने को लेकर भी अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। पिछले लोकसभा चुनावों की तरह इस बार विपक्ष की कोई साझा बैठक भी नहीं हुई है। ऐसे में, शायद पार्टी को अब फिर से सोनिया पर ही भरोसा है और इसीलिए कार्यकर्ता उनमें जबरदस्ती झाँसी की रानी को देखने की कोशिश कर रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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