Sunday, August 1, 2021
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कोरोना के चलते रैली नहीं करने की बात कह, बंगाल में बड़ी राजनीतिक रैलियाँ कर रही CPI(M): दोहरी नीति उजागर

इससे पहले कॉमरेड सलीम ने ऐलान किया था कि माकपा देश में बड़े पैमाने पर कोरोनो वायरस प्रकोप के बीच बड़ी राजनीतिक रैलियों का आयोजन नहीं कर रही है। दूसरी ओर पार्टी की तरफ से बड़े पैमाने पर भीड़ को जुटाया जा रहा है।

कोरोना संकट के बीच सामाजिक जिम्मेदारी का दिखावा करते हुए एक सप्ताह पहले CPI (M) नेता और राज्यसभा के पूर्व सदस्य मोहम्मद सलीम ने ट्विटर पर ऐलान किया था कि संक्रमण को देखते हुए उनकी पार्टी अब कोई भी राजनीतिक रैली नहीं करेगी।

16 अप्रैल सलीम द्वारा किए गए ट्वीट में कहा गया था कि देश भर में वायरस फैल रहा है, इसलिए माकपा ने कोई बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं करने का फैसला किया है। अपने ट्वीट में उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की अपील की।

मोहम्मद सलीम ने ट्वीट किया, “महत्वपूर्ण! कोरोना की सेकेंड वेव के चलते माकपा ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कोई बड़ी रैली नहीं करने का फैसला किया है। कोरोना को ध्यान में रखते हुए हम डोर-टू-डोर और छोटे समूह की बैठकें करेंगे। हम सीएम और पीएम से आग्रह करते हैं कि वे जिम्मेदारी से काम करें और लोगों को पार्टी से ऊपर रखें।”

सोर्स: ट्विटर

हालाँकि, नैतिकता की ऊँची-ऊँची बातें करने के एक घंटे बाद ही मोहम्मद सलीम ने बंगाल के हेमटाबाद में CPI (M) द्वारा आयोजित संयुक्त मोर्चा के माकपा उम्मीदवार भूपेन बर्मन के समर्थन में बड़े रोड शो में भाग लिया।

इसको लेकर किसी और ने नहीं, बल्कि सीपीआई (एम) के उत्तर दिनाजपुर जिले के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से जानकारी दी गई है। मोहम्मद सलीम के दावे के एक दिन बाद ही पार्टी ने बड़ा रोड शो किया। जहाँ रैली में शामिल किसी ने भी “मास्क” नहीं पहना था।

18 अप्रैल को मोहम्मद सलीम के दावों के एक दिन बाद कोरोना संकट को दरकिनार करते हुए सीपीआई (एम) ने बल्लीगंज विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार फौद हलीम के समर्थन में भी विशाल रैली की।

सोर्स: ट्विटर

खास बात, यह है कि इससे पहले कॉमरेड सलीम ने ऐलान किया था कि माकपा देश में बड़े पैमाने पर कोरोनो वायरस प्रकोप के बीच बड़ी राजनीतिक रैलियों का आयोजन नहीं कर रही है। दूसरी ओर पार्टी की तरफ से बड़े पैमाने पर भीड़ को जुटाया जा रहा है। लेकिन, भीड़ जुटाने के बाद भी सीपीआईएम लोगों की भीड़ को वोटों में नहीं बदल पा रही है। बता दें कि पश्चिम बंगाल चुनाव में कॉन्ग्रेस और वामदलों के साथ गठबंधन में है।

सोर्स: ट्विटर
सोर्स: ट्विटर

राज्य में दोतरफा मुकाबला देख राहुल गाँधी ने कोरोना का हवाला दे रद्द की रैलियाँ

इससे पहले रविवार को कोरोना का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश में कॉन्ग्रेंस नेता राहुल गाँधी सोशल मीडिया पर पश्चिम बंगाल में भविष्य में रैलियाँ नहीं करने को कहा था। खास बात यह है कि राहुल गाँधी ने यह घोषणा कई राजनीतिक रैलियाँ करने के बाद की।

उन्होंने दावा किया कि COVID की स्थिति को देखते हुए, वह पश्चिम बंगाल में तीन चरणों के मतदान के साथ सभी सार्वजनिक रैलियों को स्थगित कर रहे हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि राहुल गाँधी बढ़ते हुए COVID मामलों के बावजूद, अपनी बहन प्रियंका गाँधी वाड्रा द्वारा आयोजित बड़ी रैलियों में जाना जारी रखा है।

गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों में पश्चिम बंगाल ने COVID-19 मामलों की संख्या तेजी से बढ़ी है। रविवार को राज्य में कोरोना के चलते 25 से अधिक मौतें हुईं, जबकि 8,000 से अधिक नए COVID-19 संक्रमण दर्ज किए। राज्य में आठ चरण का विधानसभा चुनाव चल रहा है। इस बीच पश्चिम बंगाल का COVID-19 केस रविवार को 6,59,927 पर पहुँच गया।

हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में 8,419 नए संक्रमितों से साथ 28 मौतें हुई हैं। इसी के साथ राज्य में कोरोना से मरने वालों का आँकड़ा 10,568 पर पहुँच गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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