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दारू के बाद जल घोटाले में भी ED के सामने हाजिर होने से CM केजरीवाल का इनकार, AAP ने कहा- समन अवैध, दिल्ली जल बोर्ड का मामला कोई जानता भी नहीं

दिल्ली जल बोर्ड के जिस मामले में CM केजरीवाल को समन भेजा गया है, उसमे आरोप है कि ₹38 करोड़ का एक ठेका देने की एवज में रिश्वत ली गई। यह ठेका दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य इंजीनियर जगदीश कुमार अरोड़ा ने NKG इन्फ्रास्ट्रक्चर नाम की एक कम्पनी को दिया था।

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल प्रवर्तन निदेशालय(ED) द्वारा भेजे गए समन पर आज (18 मार्च, 2024) को पेश नहीं होंगे। ED ने यह समन दिल्ली जल बोर्ड घोटाला मामला में भेजा था और आज पेश होने को कहा था।

ED ने यह समन शनिवार (16 मार्च, 2024) की शाम को मुख्यमंत्री केजरीवाल को भेजा था। ED दिल्ली जल बोर्ड में दिए गए एक ठेके में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामले में मुख्यमंत्री केजरीवाल से पूछताछ करना चाहती थी। हालाँकि, केजरीवाल ने पेश होने से मना कर दिया। इस मामले को लेकर केजरीवाल सरकार में मंत्री आतिशी मार्लेना ने कहा है कि कोई नहीं जानता कि यह दिल्ली जल बोर्ड का मामला क्या है। उन्होंने इसे एक बनावटी मामला बताया।

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली जल बोर्ड मामले में CM केजरीवाल को भेजे गए समन को अवैध बताया गया। AAP ने पूछा कि ED उन्हें बार-बार समन क्यों भेज रही है। इससे पहले यही कारण दिल्ली CM केजरीवाल शराब घोटाला मामले में देते आए हैं और पेश नहीं हुए हैं।

दिल्ली जल बोर्ड के जिस मामले में CM केजरीवाल को समन भेजा गया है, उसमे आरोप है कि ₹38 करोड़ का एक ठेका देने की एवज में रिश्वत ली गई। यह ठेका दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य इंजीनियर जगदीश कुमार अरोड़ा ने NKG इन्फ्रास्ट्रक्चर नाम की एक कम्पनी को दिया था।

आरोप है कि यह कम्पनी यह ठेका पाने के लिए तकनीकी रूप से योग्य नहीं थी। इसके बाद भी ठेका दिया गया और इस बात की जानकारी अरोड़ा को भी थी। ठेका देने की एवज में रिश्वत ली गई जो कि ऊपर तक पहुँचाई गई। यह भी आरोप है कि रिश्वत की धनराशि का उपयोग आम आदमी पार्टी की फंडिंग में भी किया गया।

इससे पहले ED केजरीवाल को 9 समन भेज चुकी है। यह समन नवम्बर से लेकर मार्च महीने के बीच में भेजे गए हैं। हर बार CM केजरीवाल इन समन से बचने के लिए अलग अलग कारण देते रहे हैं। CM केजरीवाल के ना पेश होने पर ED ने कोर्ट का सहारा लिया था। इस पर कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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