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CAB के खिलाफ जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों ने किया उग्र प्रदर्शन: पुलिस ने टाँग कर सड़क से हटाया

काफी संख्या में प्रदर्शन कर रहे जामिया के छात्र बैरिकेड के ऊपर चढ़कर भी उग्र प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस छात्रों को टाँग कर मौके से हटाने की कोशिश कर रही थी। छात्रों की भीड़ को तीतर-बितर करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात की गई थी।

लोकसभा और राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक पास होने के बाद से फैले भ्रम के कारण इसका कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी है। कई संस्थाए और लोग इसे जबरदस्ती मुस्लिम विरोधी या कथित अल्पसंख्यकों की नागरिकता छीनने वाला कानून बता कर दूसरों को डरा और बरगला रहे हैं।

आज जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया जा रहा है। इससे पहले AMU के छात्रों ने CAB खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया था। ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) ने गुवाहाटी में विरोध प्रदर्शन किया। कर्नाटक के कलबुर्गी शहर में धारा 144 लगाई गई है, जिसमें शुक्रवार की नमाज और डीसी कार्यालय परिसर शामिल नहीं हैं। यह शुक्रवार को शाम 6 बजे तक लागू रहेगी।

CAB का पूर्वोत्तर में जमकर विरोध किया जा रहा है। असम के कई इलाकों में भी उग्र प्रदर्शन जारी है। इस प्रदर्शन में कई सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाया जा रहा है। कल भाजपा नेता का घर और ऑफिस में भी आगजनी की गई थी। कई बसों को आग के हवाले कर दिया गया है। पूर्वोत्तर के बाद अब देश की राजधानी दिल्ली में भी जामिया के छात्रों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है।


जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं ने सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, मौके पर भारी संख्या पुलिस की मौजूदगी ने छात्रों को टाँगकर सड़क से हटाया। काफी संख्या में प्रदर्शन कर रहे जामिया के छात्र बैरिकेड के ऊपर चढ़कर भी उग्र प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस छात्रों को टाँग कर मौके से हटाने की कोशिश कर रही थी। छात्रों की भीड़ को तीतर-बितर करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात की गई थी।

बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक को पेश करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के गैर मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय नागरिकता प्रदान की जाएगी। इन तीनों देशों में अल्पसंख्यकों के पास समान अधिकार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इन देशों में अल्पसंख्यकों की आबादी कम से कम 20 फीसदी कम हुई है। नागरिकता संशोधन बिल में प्रावधान है कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए हिन्दू, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध एवं पारसी समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना है। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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