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दिल्ली में डॉक्टरों, म्युनिसिपल कर्मचारियों को नहीं मिल रही सैलरी: केजरीवाल के घर के बाहर धरने पर बैठे तीनों मेयर

डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना वायरस आपदा के दौरान उन्होंने अपनी जिंदगी खतरे में डाल कर काम किया लेकिन अब उन्हें ही सैलरी नहीं दी जा रही है।

दिल्ली के सभी 3 म्युनिसिपल कॉर्पोरेशंस के मेयरों ने मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के घर के बाहर धरना दिया। उनका आरोप है कि म्युनिसिपल कॉर्पोरेशंस के कर्मचारियों को आम आदमी पार्टी की सरकार सैलरी नहीं दे रही है, जिस कारण उन्हें सड़क पर उतरने को बाध्य होना पड़ा है। मेयरों ने AAP सुप्रीमो से कहा है कि या तो वो अंदर बुला कर उनसे बातचीत करें, नहीं तो वो ऐसे ही विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे। उधर डॉक्टरों की सैलरी को लेकर भी हंगामा मचा है।

गुरुवार (अक्टूबर 22, 2020) को भी तीनों म्युनिसिपल कॉर्पोरेशंस के डॉक्टरों ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। 7 दिनों के भीतर ये उनका दूसरा विरोध प्रदर्शन था। हिंदूराव, कस्तूरबा गाँधी और राजन बाबू अस्पताल के डॉक्टरों ने दिल्ली सरकार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के खिलाफ भी नारेबाजी की और मिल-बैठ कर सैलरी का मुद्दा सुलझाने को कहा।

इन डॉक्टरों को पिछले 3 महीने से सैलरी नहीं मिली है। उनका कहना है कि कोरोना वायरस आपदा के दौरान उन्होंने अपनी जिंदगी खतरे डाल कर काम किया लेकिन अब उन्हें ही सैलरी नहीं दी जा रही है। साथ ही सातवें वेतन आयोग के हिसाब से उन्हें कई अन्य भत्ते भी नहीं प्रदान किए गए हैं। ये डॉक्टर पिछले कई सप्ताह से विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब सिर्फ मौखिक आश्वासन काफी नहीं है, एक्शन होना चाहिए।

अब खबर आई है कि दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येन्द्र जैन इन मेयरों से मुलाकात कर के उनकी बात सुनेंगे। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री के साथ बैठक के बाद क्या नतीजा निकलता है, इस पर सबकी नजर है। मेयर जय प्रकाश ने पूछा कि दिल्ली सरकार पब्लिसिटी पर करोड़ों रुपए क्यों खर्च कर रही है? उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार कुछ नहीं कर रही है और वो सीएम से मिल कर पूछना चाहते हैं कि कब तक वो इस मामले में हरकत में आएँगे।

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर जय प्रकाश का कहना है कि दिल्ली में 6 साल से अरविंद केजरीवाल सरकार है और पिछले 6 सालों से ही ये संकट है। जयप्रकाश ने इसके पीछे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को दोषी ठहराते हुए कहा था, “दिल्ली में 6 साल से अरविंद केजरीवाल सरकार है और पिछले 6 सालों से ही ये संकट है। दिल्ली सरकार ज़िम्मेदार रवैया अपनाते हुए हमारे इस साल के जो 1600 करोड़ रुपए और पिछले साल के 9000 करोड़ रुपए रोक रखे हैं, उसे जारी करे और दिल्ली की जनता के साथ खिलवाड़ न करे।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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