मतदान न कर पाने वाले दिग्विजय सिंह को BJP ने बताया Nervous, साध्वी ने कहा ‘धर्मयुद्ध है यह’

दिग्विजय ने भाजपा के हिंदुत्व की काट के लिए कम्प्यूटर बाबा को प्रचार के लिए बुलाया था और कई साधु-संतों के साथ भगवा कपड़ों में रोड शो भी किया था। दिग्विजय के लिए साधु-संतों ने...

चुनाव प्रचार के लिए कई दिनों से भोपाल में डेरा जमाए दिग्विजय सिंह छठे चरण के दौरान मतदान करने में असफल रहे। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भोपाल में ख़ुद को इसीलिए वोट नहीं दे सके, क्योंकि वह भोपाल लोकसभा क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं। मतदाता सूची में दिग्विजय सिंह का नाम मध्य प्रदेश के राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उनके पैतृक कस्बे राघौगढ़ में पंजीकृत है। इसकी वजह से वो भोपाल में स्वयं को वोट नहीं दे पाए। दिग्विजय के पैतृक क्षेत्र में भी आज छठे चरण के तहत मतदान हुआ, लेकिन भोपाल से लगभग 150 किलोमीटर दूर अपने गाँव में दिग्विजय वोट डालने के लिए नहीं गए। सोशल मीडिया पर लोगों ने इस पर गुस्सा ज़ाहिर करते हुए पूछा कि सबको वोट देने की अपील करने वाले कुछ नेता ख़ुद मतदान क्यों नहीं करते?

वहीं दूसरी तरफ़ भोपाल लोकसभा क्षेत्र से भाजपा की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने मतदान में हिस्सा लिया। साध्वी प्रज्ञा ने आज रविवार (मई 12, 2019) को सुबह भोपाल के रेवेरा टाउन मतदान केन्द्र पर अपना वोट डाला। मतदान करने के बाद साध्वी प्रज्ञा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह धर्म युद्ध है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में भाजपा को पहले से भी ज्यादा सीटें मिलेंगी और नरेन्द्र मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे। साध्वी प्रज्ञा वर्ष 2008 में हुए मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपित हैं और फिलहाल जमानत पर हैं। साध्वी प्रज्ञा ने कॉन्ग्रेस सरकार द्वारा ख़ुद को फँसाने और गिरफ़्तारी के बाद उनका टॉर्चर किए जाने को चुनाव में मुद्दा बनाया था।

साध्वी प्रज्ञा ने इस चुनाव को धर्मयुद्ध इसीलिए बताया क्योंकि उन्होंने जनता के बीच जाकर लगातार यह बताया कि दिग्विजय सिंह ‘हिन्दू आतंकवाद’ वाली थ्योरी गढ़ने वालों में प्रमुख नेता थे और साध्वी प्रज्ञा इस नैरेटिव की शिकार बनीं। साध्वी प्रज्ञा द्वारा इन बातों को छेड़ने के बाद भोपाल सहित पूरे देश में उन्हें जनता की सहानुभूति मिली। 1993 से 2003 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ उन्हें उतारना भाजपा की हिंदुत्ववादी नीतियों को आगे बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगा। दिग्विजय सिंह ने वोट न डालने वाले सवाल पर कहा कि उन्हें इसका अफ़सोस है।

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वहीं भाजपा खेमे का कहना है कि दिग्विजय बेचैनी और अधीरता के कारण वोट डालने नहीं जा सके। दिग्विजय लगातार भोपाल में कैम्प करते रहे क्योंकि मुख्यमंत्री कमल नाथ ने उन्हें राज्य के सबसे कठिन सीट से लड़ कर जीतने की चुनौती दी थी, ऐसा भाजपा का मानना है। दिग्विजय ने भाजपा के हिंदुत्व की काट के लिए कम्प्यूटर बाबा को प्रचार के लिए बुलाया था और कई साधु-संतों के साथ भगवा कपड़ों में रोड शो भी किया था। दिग्विजय के लिए साधु-संतों ने भोपाल कॉन्ग्रेस के दफ़्तर में हवन किया।

मध्य प्रदेश की आठ लोकसभा सीटों के लिए आज मतदान संपन्न हुआ। शाम 4 बजे तक मध्य प्रदेश में लगभग 53% मतदान हुआ था। पिछली बार भाजपा ने यहाँ अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन विधानसभा चुनाव हारने के बाद पार्टी ने अपनी तैयारियों को एक नया स्वरूप दिया। इसी क्रम में साध्वी प्रज्ञा को पार्टी की सदस्यता दिलाकर भोपाल से उतारा गया।

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