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दिग्विजय सिंह पर्दे के पीछे से चला रहे हैं मध्य प्रदेश की सरकार: कमलनाथ के वन मंत्री

''दिग्विजय सिंह जी पर्दे के पीछे से सरकार चला रहे हैं। यह जगजाहिर है। पूरे प्रदेश की जनता जानती है। कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता जानते हैं। जब वह सरकार ही चला रहे हैं तो उन्हें मंत्रियों से मिलने के लिए चिट्ठी लिखने की क्या आवश्यकता है?”

मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए पहले से ही खींचतान मची हुई है। अब प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार के कैबिनेट मंत्री उमंग सिंघार ने अपनी ही सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर सूबे की राजनीति में भूचाल ला दिया है। वन मंत्री सिंघार ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर्दे के पीछे से राज्य की कमलनाथ सरकार को चला रहे हैं।

गंधवानी में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उमंग सिंघार ने कहा, ”माननीय दिग्विजय सिंह जी पर्दे के पीछे से सरकार चला रहे हैं। यह जगजाहिर है। पूरे प्रदेश की जनता जानती है। कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता जानते हैं। जब वह सरकार ही चला रहे हैं तो उन्हें मंत्रियों से मिलने के लिए चिट्ठी लिखने की आवश्यकता ही नहीं है। जब वो सरकार ही चला रहे हैं तो फिर चिट्ठी लिखने की क्या आवश्यकता है?”

कॉन्ग्रेस सरकार के मंत्री के बयान को राज्य के मुख्य विपक्षी दल बीजेपी ने हाथों हाथ लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने ट्वीट में मंत्री के बयान का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “यह हैं मध्य प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार के मंत्री, आप उन्हीं से सुन लीजिए…”

बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने भी ट्विटर के जरिए कॉन्ग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा, “अब तो स्वयं साक्षात मंत्री जी कह रहे हैं तो सवाल अहम हो जाता है। क्या संवैधानिक व्यवस्था को ताक पर रख दिया। क्या शपथ लेने वाले मुख्यमंत्री से परे सत्ता के सूत्र किसी अन्य के पास हैं तो संवैधानिक संकट है? अराजकता है? लोकतंत्र का अपमान है ? महामहिम राज्यपाल संज्ञान लें।”

बता दें कि, दिग्विजय की तरफ से चिट्ठी में लिखा गया है, “मेरे द्वारा माह जनवरी 2019 से 15 अगस्त 2019 तक स्थानांतरण सहित विविध विषयों से संबंधित आवदेन पत्र आवश्यक कार्यवाही हेतु आपकी ओर अग्रेषित किए थे। मेरे द्वारा आपको पृथक से पत्र लिखकर मेरे पत्रों पर की गई कार्यवाही से अवगत कराने एवं यदि किसी प्रकरण में कार्यवाही संभव नहीं है तो उसकी जानकारी देने का भी अनुरोध किया था। मेरे द्वारा आपको प्रेषित पत्रों पर की गई कार्यवाही के बारे में जानने के लिए मैं आपसे 31 अगस्त 2019 के पहले भेंट करना चाहता हूँ। कृप्या 31 अगस्त से पहले मुझे भेंट के लिए समय प्रदान करने का कष्ट करें।”

गौरतलब है कि, दिग्विजय ने शनिवार (सितंबर 1, 2019) को बजरंग दल के तार ISI से जुड़े होने की बात कही थी। हालाँकि, बाद में कॉन्ग्रेस ने दिग्विजय सिंह के बयान से किनारा कर लिया था और अपने बयान के लिए उन्हें खुद सबूत पेश करने के लिए कहा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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