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‘दिग्विजय सिंह को खुद सबूत पेश करना चाहिए’ – कॉन्ग्रेस पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेता से झाड़ा पल्ला

"बीजेपी और बजरंग दल के लोग पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से पैसा लेते हैं। ISI के लिए जासूसी मजहब विशेष वाले कम और दूसरे धर्म वाले ज़्यादा कर रहे हैं।"

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का बीजेपी और ISI पर दिए बयान से कॉन्ग्रेस ने पल्ला झाड़ लिया है। दिग्विजय ने बजरंग दल के तार ISI से जुड़े होने की बात कही थी। कॉन्ग्रेस पार्टी उनके इस बयान के समर्थन में नज़र नहीं आ रही है। कॉन्ग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पीएल पुनिया ने यह साफ़ कर दिया है कि यह दिग्विजय सिंह के व्यक्तिगत विचार हो सकते हैं और अगर उन्हें ऐसा लगता है कि तो उन्हें इस सन्दर्भ में सबूत पेश करने चाहिए।

दिग्विजय सिंह के इस बयान को गंभीरता से लेते हुए कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय संयोजक सोहन सोलंकी ने दिग्विजय के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई करने तक की चेतावनी दे डाली है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि वो उनके इस बयान की कड़ी निंदा करते हैं और उनके (दिग्विजय) दावों का खंडन करते हुए उन्होंने कहा कि बजरंग दल के कार्यकर्ता देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकते।

बजरंग दल के सन्दर्भ में सोलंकी ने कहा कि यह देश में सबसे बड़ा युवा संगठन है और इससे देशभर के क़रीब 40 लाख युवा जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह इस बात को समझने में असमर्थ हैं क्योंकि उनके दिल में हिंदू-विरोधी मानसिकता वर्षों से जमी हुई है।

दरअसल, दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि बीजेपी और बजरंग दल के लोग पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से पैसा लेते हैं। साथ ही कहा था कि ISI के लिए जासूसी मजहब विशेष वाले कम और दूसरे धर्म वाले ज़्यादा कर रहे हैं।

इसके जवाब में शिवराज सिंह ने ट्वीट किया,

“दिग्विजय सिंह जानबूझकर ऐसी बयानबाज़ी करते हैं। वह और उनके नेता पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं। उनकी विश्वसनीयता बची नहीं है। मैं उनके बयान को इसलिए गंभीरता से नहीं लेता, क्योंकि सारा देश संघ और भाजपा की देशभक्ति से परिचित है, हमें दिग्विजय सिंह के प्रमाण की ज़रूरत नहीं है। दिग्विजय सिंह, ओसामा जी और हाफीज़ जी कहने वाले नेता हैं। वह विवादित बयान इसलिए देते हैं, ताकि सुर्खियों में बने रहें। वे और उनके नेता जो पाकिस्तान चाहता है, वो बोलते हैं। ऐसे नेता को मैं गंभीरता से नहीं लेता और न देश लेता है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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