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दिल्ली की राजनीति में कॉन्ग्रेस की ‘दमदार’ वापसी, EVM पर दिग्विजय सिंह ने सवाल उठा किया एकमात्र काम

अफसोस कि अपनी पार्टी को मजबूत करने के लिए जिस वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को लाख प्रयास करने चाहिए थे, वो सिर्फ एक काम करके निश्चिंत हैं - EVM का राग रोना!

कॉन्ग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मंगलवार (फरवरी 11, 2020) को दिल्ली में जारी मतगणना के बीच EVM का मुद्दा उठाया है। अभी तक के रूझानों में आम आदमी पार्टी (AAP) को बहुमत मिलता दिखाई दे रहा है, जबकि भारतीय जनता पार्टी दूसरे स्थान पर चल रही है। वहीं कॉन्ग्रेस का खाता भी नहीं खुला है। दिल्ली में 15 साल तक राज करने वाली कॉन्ग्रेस चुनाव में पूरी तरह से साफ हो गई है और खाता खोलने के लिए भी जूझ रही है। 

इस बीच कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने जारी मतगणना के बीच EVM पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सवा अरब लोगों के जनादेश को चुराने की इजाजत नहीं दी जा सकती। दिग्विजय सिंह ने ने कहा कि ईवीएम टेंपर-प्रूफ नहीं है और कोई विकसित देश इनका उपयोग नहीं करता है। उन्होंने ट्वीट किया, “चिप वाली कोई मशीन टेंपर-प्रूफ नहीं है। और कृपया एक मिनट के लिए सोचें कि विकसित देश ईवीएम का उपयोग क्यों नहीं करते?” उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तथा चुनाव आयोग से भी ईवीएम का मुद्दा उठाने का आग्रह किया।

सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, “क्या चुनाव आयोग और माननीय सुप्रीम कोर्ट भारत में ईवीएम मतदान के मुद्दे पर एक बार फिर सोचेंगे? हम दुनिया में सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और हम कुछ बेईमान लोगों को चुनाव परिणाम हैक करने और 1.3 अरब लोगों के जनादेश को चुराने की अनुमति नहीं दे सकते।” दिग्विजय सिंह ने जोर देकर कहा कि पोस्टल बैलेटों की भी गिनती की जानी चाहिए।

आगे उन्होंने कहा कि अगर उनका काउंटिंग यूनिट के वोटों से मिलान होता है तो परिणाम की घोषणा कर दें। अगर उनका मिलान नहीं होता है तो सभी मतदान केंद्र के बैलटों की गिनती सदन में की जाए। इससे सभी लोग सहमत होंगे और समय भी बचेगा क्योंकि चुनाव आयोग ईवीएम के पक्ष में लगातार यही तर्क देता रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी दिग्विजय सिंह ने EVM पर सवाल उठाया था। उन्होंने अपने ऑफिशियल टि्वटर हैंडल पर वीडियो शेयर कर चुनाव आयोग को EVM की निष्पक्षता के संबंध में चुनौती दी थी, जिसमें अमेरिका के तीन सबसे बड़े वोटिंग उपकरण निर्माताओं के सीईओ का मानना था कि वोटिंग मशीन 100 प्रतिशत सुरक्षित नहीं है।

बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के रुझानों में आम आदमी पार्टी फिर बहुमत की ओर बढ़ रही है। वहीं, बीजेपी का प्रदर्शन पिछली बार के मुकाबले थोड़ा सुधरा है। जबकि दूसरी तरफ शीला दीक्षित की अगुआई में राज्य में 15 साल तक राज करने वाली कॉन्ग्रेस खाता खोलने के लिए भी जूझ रही है। लेकिन अफसोस कि अपनी पार्टी को मजबूत करने के लिए जिस वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को लाख प्रयास करने चाहिए थे, वो सिर्फ एक काम करके निश्चिंत हैं – EVM का राग रोना! और चूँकि इनका EVM राग चुनाव दर चुनाव बरकरार है, इसलिए हर मतगणना वाले दिन ये इसका रोना रोकर अपना राजनीतिक वापसी की घोषणा भी कर देते हैं!

कॉन्ग्रेस का खाता न खुलने पर मध्य प्रदेश के मुख्यमत्री कमलनाथ कहते हैं, “ये तो हम पहले से ही जानते थे, लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि भाजपा का क्या परिणाम हुआ? जो इतनी लम्बी-लम्बी बातें करते हैं।” 

वहीं कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी तो पहले से ही अपनी हार से आश्वस्त नजर आए। उन्होंने कहा, “दिल्ली में कॉन्ग्रेस पार्टी ने सत्ता पर कब्ज़ा करने का कभी नहीं सोचा, हमने सोचा था कि कॉन्ग्रेस कुछ सीटें जीते और दिल्ली में कॉन्ग्रेस पार्टी का अस्तित्व बना रहे।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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