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बंगाल में हिंसा पर चुनाव आयोग ने लिया संज्ञान, रुक जाएगा सारा प्रचार, बड़े अधिकारियों पर गिरी गाज

साथ ही, पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारियों पर भी आयोग ने कड़ा रुख लेते हुए प्रधान सचिव, गृह और एडीजी सीआईडी राजीव कुमार को उनके पद से हटा दिया है।

लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल सुर्खियों में है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में हुई हिंसा के बाद चुनाव आयोग सख्त है। पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान ज़बरदस्त हिंसा को देखते हुए चुनाव रैली और सभाओं पर चुनाव आयोग की तरफ से रोक लगा दी गई है। चुनाव आयोग की तरफ से जारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी गई है। यह फैसला 16 मई अर्थात कल से प्रभावी होगा।

चुनाव आयोग को ऐसा निर्णय लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में हो रही जमकर हिंसा के मद्देनज़र लेना पड़ा। राज्य में चुनाव प्रचार पर 16 तारीख को ही रोक लग जाएगी। वैसे नियमानुसार प्रचार 17 तारीख को शाम 5 बजे समाप्त होता, लेकिन अब ये 16 मई को रात 10 बजे ही हो जाएगा।

पश्चिम बंगाल के 9 संसदीय क्षेत्रों- दम दम, बारासात, बसीरहाट, जयनगर, मथुरापुर, जाधवपुर, डायमंड हार्बर, दक्षिण और उत्तरी कोलकाता में कोई भी चुनाव प्रचार कल रात 10 के बाद नहीं होगा। 

यह पहली बार है जब चुनाव प्रचार को एक दिन पहले समाप्त करने का निर्णय चुनाव आयोग को लेना पड़ा। चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा, “यह संभवत: पहली बार है जब ईसीआई ने अनुच्छेद 324 को इस तरीके से लागू किया है, लेकिन यह अराजकता और हिंसा की पुनरावृत्ति के मामलों में अंतिम बार नहीं समझा जाए, क्योंकि यह शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव प्रक्रिया के संचालन को प्रभावित करता है।”

साथ ही, पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारियों पर भी आयोग ने कड़ा रुख लेते हुए प्रधान सचिव, गृह और एडीजी सीआईडी राजीव कुमार को उनके पद से हटा दिया है।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के हर चरण में हिंसा की खबरें लगातार आ रही थीं। कल अमित शाह की रैली के दौरान भी बंगाल में ज़बरदस्त हिंसा और आगज़नी का माहौल दिखा। ममता बनर्जी खुद बीजेपी को धमकी देतीं नज़र आईं।

विद्यासागर की प्रतिमा के साथ की गई बर्बरता पर भी आयोग को गहरा दुख जताया है। उम्मीद है कि राज्य प्रशासन द्वारा ऐसा करने वालों का पता लगाया जाएगा। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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