Homeराजनीतिविवादित वीडियो ट्वीट करने पर बुरे फँसे केजरीवाल, चुनाव आयोग ने जारी थमाई...

विवादित वीडियो ट्वीट करने पर बुरे फँसे केजरीवाल, चुनाव आयोग ने जारी थमाई नोटिस, कल शाम तक देना है जवाब

चुनाव आयोग ने अपनी नोटिस में कहा है कि केजरीवाल पर प्रथम दृष्टया मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट तथा जन प्रतिनिधित्व कानून के उल्लंघन का मामला बनता है। चुनाव आयोग ने केजरीवाल को भेजी अपनी नोटिस में लिखा है, "यह वीडियो सांप्रदायिक तथा समाजिक मनमुटावों को मौजूदा स्तर से और ज्यादा बढ़ाने की क्षमता रखता है।"

दिल्ली चुनाव प्रचार के दौरान एक विवादित वीडियो ट्वीट करने के कारण चुनाव आयोग ने केजरीवाल को नोटिस भेजी है। यह विवादित वीडियो केजरीवाल ने 3 फरवरी को ट्वीट किया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयोग ने यह कदम भाजपा की शिकायत पर उठाया है। भाजपा ने अपनी शिकायत में केजरीवाल पर वोटों के लिए साम्प्रदायिक घृणा फैलाने का आरोप लगाते हुए इसे मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन बताया था।

चुनाव आयोग ने अपनी नोटिस में कहा है कि केजरीवाल पर प्रथम दृष्टया मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट तथा जन प्रतिनिधित्व कानून के उल्लंघन का मामला बनता है। चुनाव आयोग ने केजरीवाल को भेजी अपनी नोटिस में लिखा है कि उपरोक्त ट्वीटेड वीडियो के संदर्भ में वह मानता है कि, “यह वीडियो सांप्रदायिक तथा समाजिक मनमुटावों को मौजूदा स्तर से और ज्यादा बढ़ाने की क्षमता रखता है।”

चुनाव आयोग द्वारा केजरीवाल को भेजा गया नोटिस

नोटिस के मुताबिक, केजरीवाल वीडियो में यह कहते हुए सुनाई देते हैं, “दिल्ली के इस चुनाव में कुछ पार्टियाँ चाहती हैं- भाइयो बहनों मित्रों में हिंदू मुस्लिम, हिंदू मुस्लिम…. मीडिया भी चाहती है मुस्लिम, हिंदू मुस्लिम…. केजरीवाल कहते हैं- दिल्ली के हर बच्चे को जो दिल्ली में पैदा हुआ  है उसे ग्रेजुएशन तक अच्छी शिक्षा की गारंटी मेरी है।”

चुनाव आयोग ने केजरीवाल को अपनी नोटिस का जवाब 8 फरवरी की शाम 5 बजे तक देने का निर्देश दिया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘यहाँ मस्जिद थी, है और रहेगी’: संभल दंगे की न्यायिक जाँच आयोग रिपोर्ट में सपा सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का जिक्र 100+ बार, 199 साक्षियों...

संभल दंगों की न्यायिक जाँच आयोग की रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का 100 बार से भी अधिक बार जिक्र। वो भी सबूतों के साथ।

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।
- विज्ञापन -