Saturday, May 18, 2024
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मोहम्मद जमालुद्दीन और राजीव मुखर्जी सस्पेंड, रामनवमी पर जब पश्चिम बंगाल में हो रही थी हिंसा… तब ये दोनों पुलिस अधिकारी थे लापरवाह: चला चुनाव आयोग का चाबुक

17 अप्रैल को हुई हिंसा के दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी (अब सस्पेंड) राजीव मुखर्जी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस दौरान कोई व्यक्ति मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। सब इंस्पेक्टर राजीव मुखर्जी ने झपट्टा मार कर उस व्यक्ति के फोन को छीन लिया था। गालियाँ भी बकी थीं।

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में रामनवमी पर हुई हिंसा पर बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने मुर्शिदाबाद पुलिस के 2 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। इन दोनों पर शक्तिपुर और बेलदाणा इलाके में हुई हिंसा पर प्रभावी ढंग से काबू न कर पाने का आरोप है। निलंबित हुए पुलिस अधिकारियों के नाम मोहम्मद जमालुद्दीन और राजीव मुखर्जी हैं। आयोग ने यह कार्रवाई शुक्रवार (19 अप्रैल 2024) को की है। भाजपा ने भी इस हिंसा को प्रशासनिक लापरवाही बताया था और पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की माँग की थी।

भारत निर्वाचन आयोग के सचिव राकेश कुमार ने इस कार्रवाई का पत्र 19 अप्रैल को जारी किया है। पत्र पश्चिम बंगाल में मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सम्बोधित है। राकेश कुमार ने इस पत्र में 17 अप्रैल 2024 को हुई हिंसा का जिक्र किया है। इस हिंसा के एक दिन बाद 18 अप्रैल को भारत निर्वाचन आयोग ने पूरे मामले की आख्या तलब की थी। इस आख्या में बताया गया था कि शक्तिपुर और बेलदाणा इलाके के थाना प्रभारी अपने इलाकों में हिंसा रोकने में नाकाम रहे। पत्र में इन दोनों थानाक्षेत्रों के इंचार्जों को सस्पेंड करने का आदेश दिया गया है।

जिन 2 अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है, उनके नाम राजीव मुखर्जी और मोहम्मद जलालुद्दीन हैं। दोनों सब इंस्पेक्टर रैंक के पुलिसकर्मी हैं। निलंबन की अवधि में दोनों थाना प्रभारी पुलिस मुख्यालय से अटैच रहेंगे। इन दोनों थाना प्रभारियों को उनके सीनियरों द्वारा चार्जशीट भी थमाने का निर्देश दिया गया है।

शक्तिपुर और बेलदाणा थाने में नए प्रभारियों की नियुक्ति करने के लिए 3 सक्षम अधिकारियों का पैनल बनाने के लिए कहा गया है। अपने इस आदेश पर अनुपालन के लिए पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग को 20 अप्रैल (शनिवार) सुबह 11 बजे तक का समय दिया गया है।

गाली दे कर फोन छीन रहे थे राजीव मुखर्जी

17 अप्रैल को हुई हिंसा के दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी (अब सस्पेंड) राजीव मुखर्जी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में कई पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों के जवान हिंसा को काबू करने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान कोई व्यक्ति मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। सब इंस्पेक्टर राजीव मुखर्जी ने झपट्टा मार कर उस व्यक्ति के फोन को छीन लिया था। आरोप लगाया था कि इस दौरान थाना प्रभारी ने गालियाँ भी बकी थीं।

गौरतलब है कि 17 अप्रैल को रामनवमी शोभायात्रा के दौरान पश्चिम बंगाल के रेजीनगर इलाके में हिंसा भड़क गई थी। छतों से शोभायात्रा पर पत्थर बरसाए गए थे। हिंसा के दौरान बमबाजी भी हुई थी। पथराव की चपेट में आ कर लगभग 19 लोग घायल हो गए थे। घायलों में पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

भाजपा ने हिंसा का आरोप तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं पर लगाया है। वहीं TMC ने हिंसा की वजह भाजपा को बता डाला था। फिलहाल पुलिस इस मामले में केस दर्ज कर के जाँच कर रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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