Tuesday, May 21, 2024
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29 नवंबर को किसान नहीं करेंगे ट्रैक्टर मार्च: 9 सदस्यों वाली कमिटी की बैठक, संयुक्त किसान मोर्चा का फैसला

केंद्र सरकार के फैसले के बाद लंबे समय से चल रहे किसान आंदोलन की वापसी पर पंजाब के नेता जोर दे सकते हैं, क्योंकि कानून वापसी के ऐलान के बाद उन्हें नैतिक तौर पर जीत मिली है, जिसे वह खोना नहीं चाहते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद भी किसानों का अन्य माँगों को लेकर आंदोलन जारी है। इसी बीच खबर है कि किसानों ने 29 नवंबर को होने वाला ट्रैक्टर मार्च स्थगित कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली में शनिवार (27 नवंबर 2021) को संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) की बैठक में इस पर फैसला लिया गया।

संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि वह 4 दिसंबर को अपनी अगली बैठक में सरकार के रुख की समीक्षा करके आगे की रणनीति बनाएँगे। बैठक में किसान नेता बलबीर राजेवाल, गुरनाम चढ़ूनी, जोगिंदर उग्राहां समेत तमाम बड़े नेता मौजूद रहे।

बीते दिनों संयुक्त किसान मोर्चा की 9 सदस्यीय कमिटी ने फैसला लिया गया था कि 29 नवंबर को गाजीपुर बॉर्डर और टीकरी बॉर्डर से 500-500 किसान ट्रैक्टर पर संसद भवन की ओर कूच करेंगे। आज की मीटिंग के बाद इसे अब टाल दिया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार के फैसले के बाद अब लंबे समय से चल रहे किसान आंदोलन की वापसी पर पंजाब के नेता जोर दे सकते हैं, क्योंकि कानून वापसी के ऐलान के बाद उन्हें नैतिक तौर पर जीत मिली है, जिसे वह खोना नहीं चाहते हैं। वहीं दूसरी तरफ किसान नेताओं का कहना कि संसद में जब तक कानून निरस्त होने की प्रक्रिया पूरी नहीं होती और उनकी अन्य माँगों पर कोई फैसला नहीं होता है, तब तक वे बॉर्डर पर डटे रहेंगे।

बता दें कि आंदोलन को एक साल पूरा होने पर शुक्रवार (26 नवंबर 2021) को सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर किसानों की भीड़ ने शक्ति प्रदर्शन किया। यहाँ किसानों ने पिज्जा पार्टी करके आंदोलन की पहली सालगिरह मनाई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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