Tuesday, July 27, 2021
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कंगना और बीजेपी सांसदों को नोटिस भेजने वाले ‘किसान’ निकले AAP नेता, एक तो लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुका है

नोटिस भेजने वाले किसान AAP की पंजाब इकाई के कार्यकर्ता हैं। ऐसे ही एक किसान नरेंद्र सिंह शेरगिल, जिसे आम आदमी पार्टी ने भाजपा सांसद रमेश बिधुड़ी को कानूनी नोटिस भेजने में मदद की, वह AAP सदस्य हैं और उन्होंने मोहाली से विधानसभा और रोपड़ से संसदीय चुनाव लड़ा है।

अभिनेत्री कंगना रनौत, केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे और भाजपा सांसद रवि किशन, मनोज तिवारी तथा रमेश बिधुड़ी को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजने वाले ‘किसान’ आम आदमी पार्टी के सदस्य निकले हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाँच ‘किसानों’ ने दिल्ली और उसके आसपास तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन करने वाले प्रदर्शनकारियों को बदनाम करने के लिए पाँच नेताओं और मशहूर हस्ती के खिलाफ मानहानि का नोटिस भेजा था। अब यह पता चला है कि उन कथित किसानों में से 4 आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता हैं।

बता दें आम आदमी पार्टी ने किसान आंदोलन की आड़ में नेताओं और मशहूर हस्तियों के खिलाफ मानहानि के मुकदमे दायर करने में दिल्ली सीमा पर प्रदर्शन कर रहे पाँच किसानों को अपनी ओर से कानूनी सहायता देने की घोषणा की थी।

अब यह खुलासा हुआ है कि नोटिस भेजने वाले किसान AAP की पंजाब इकाई के कार्यकर्ता हैं। ऐसे ही एक किसान नरेंद्र सिंह शेरगिल, जिसे आम आदमी पार्टी ने भाजपा सांसद रमेश बिधुड़ी को कानूनी नोटिस भेजने में मदद की, वह AAP सदस्य हैं और उन्होंने मोहाली से विधानसभा और रोपड़ से संसदीय चुनाव लड़ा है। एक अन्य प्रदर्शनकारी किसान जीवन ज्योत कौर, जिन्होंने कंगना रनौत को कानूनी नोटिस भेजा है, वो AAP पंजाब की महिला शाखा से जुड़ी हुई हैं।

इसी तरह खुद को किसान बताने वाले गुरिंदर सिंह बीरिंग, जिन्होंने बीजेपी सांसद रवि किशन को कानूनी नोटिस भेजा है, वो भी AAP से जुड़े है और 2017 विधानसभा चुनाव के लिए AAP के वॉर रूम का हिस्सा थे। भाजपा सांसद मनोज तिवारी को कानूनी नोटिस भेजने वाले सुखविंदर पॉल सुखी भी पंजाब के मनसा जिले में AAP से जुड़े हैं।

कथित तौर पर, पाँच में से चार तथाकथित किसान जिन्हें AAP ने मानहानि के लिए कानूनी नोटिस भेजने में मदद करने का दावा किया है, वे सक्रिय रूप से पार्टी से जुड़े हैं और इसके कार्यकर्ता भी हैं।

इस खुलासे के बाद आम आदमी पार्टी की बहुत किरकिरी हुई। इसके बाद AAP नेता राघव चड्ढा ने सफाई पेश की है। पार्टी के कार्यकर्ताओं (जिन्होंने किसानों के रूप में नोटिस भेजा था) का बचाव करते चड्ढा ने दावा किया कि उनमें से एक या दो पार्टी से जुड़े हो सकते हैं साथ ही वे किसान भी हैं।

वहीं लोगों को मुद्दे से भटकाने के लिए राघव चड्ढा ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, “ यह एक किसान और उसके परिवार द्वारा किए गया बलिदान है, जिसके चलते भोजन हमारे घरों, हमारी थालियों तक पहुँचता है और हम जो चाहते है वह खा सकते हैं। अगर कोई ईमानदार किसान को गाली देता है, तो यह भारत माता को गाली देने के समान है।”

चड्ढा ने दावा किया कि भाजपा नेताओं ने किसानों को आतंकवादी, देशद्रोही, दलाल, गुंडा, पाकिस्तान और चीन का एजेंट करार दिया है। उन्होंने कहा, “क्या हमारे किसान आतंकवादी जैसे दिखते है? मैं बीजेपी को बताना चाहूँगा कि हमारे किसानों के साथ बहुत कुछ हो गया। उनके साथ दुर्व्यवहार और उन्हें बदनाम किया जाता है। वे अब न्याय के दरवाजे पर दस्तक देना चाहते हैं और हम वास्तव में विश्वास करते हैं कि जीत उनकी होगी।”

उन्होंने कहा, यह स्पष्ट है कि पूरी भाजपा रणनीतिक रूप से किसानों के आंदोलन को समाप्त और बदनाम करने के लिए काम कर रही है।

यही नहीं AAP नेता ने यह भी दावा किया कि किसानों के खिलाफ गलत और तुच्छ प्रचार असहनीय था। चड्ढा ने कहा कि AAP देश के किसानों के इस लड़ाई में उनके साथ खड़े रहने की कसम खाता है और भाजपा नेताओं को सजा मिलने तक उन्हें सहायता प्रदान करेगा।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अभिनेत्री कंगना रनौत को जीवन ज्योत कौर द्वारा अपमानजनक टिप्पणी के लिए नोटिस भेजा गया। कंगना ने अपने ट्वीट के जरिए कथित तौर पर किसान की वृद्ध माँ को 100 रुपए में प्रदर्शन में शामिल होने वाली महिला बताया था।

बता दें हर बार जब आम आदमी पार्टी बौद्धिक रूप से कुछ करने का प्रयास करती है, तो अंततः उनका प्रयास मूर्खतापूर्ण व पूर्णतः राजनीति से प्रेरित साबित होता है, और इस मामले में भी ऐसा ही हुआ है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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