Wednesday, September 29, 2021
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ज्ञानी जैल सिंह की जान दुर्घटना में गई या फिर कोई योजना बनाई गई? BJP में शामिल होकर पोते इंद्रजीत ने क्या कहा, सुनिए

"हर कोई जानता है कि गाँधी परिवार के प्रति वफादार होने के बावजूद कॉन्ग्रेस ने उनके साथ कैसा व्यवहार किया। कॉन्ग्रेस पार्टी ने उन्हें चोट पहुँचाई थी।"

पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के पोते इंद्रजीत सिंह सोमवार (13 सितंबर 2021) को बीजेपी में शामिल हुए। दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सदस्यता ली। इस दौरान केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

इंद्रजीत सिंह ने इस मौके पर कहा कि आज उनके दादा की इच्छा आखिरकार पूरी हो गई। उन्होंने कहा, “हर कोई जानता है कि गाँधी परिवार के प्रति वफादार होने के बावजूद कॉन्ग्रेस ने उनके साथ कैसा व्यवहार किया। कॉन्ग्रेस पार्टी ने उन्हें चोट पहुँचाई थी।” सिंह ने कहा कि जब वह फिल्म जगत में अपना करियर बनाने की कोशिश कर रहे थे, तभी उन्हें पूर्व राष्ट्रपति ने दिल्ली बुलाया ताकि वह राजनीति में शामिल हो सकें।

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इंद्रजीत सिंह ने बताया, “उन्होंने (ज्ञानी जैल सिंह) मुझे फोन किया और अटल बिहारी वाजपेयी से आशीर्वाद लेने के लिए कहा। उन्होंने मुझे लाल कृष्ण आडवाणी से मिलने और आशीर्वाद लेने के लिए भी भेजा। आपको याद होगा कि जब मदन लाल खुराना दिल्ली के मुख्यमंत्री बने थे तो मैंने उनके लिए काफी रैलियाँ की थीं, हालाँकि, मैं उस वक्त बीजेपी में शामिल नहीं हुआ था। ज्ञानी जी चाहते थे कि मैं भाजपा में शामिल हो जाऊँ न कि उस (कॉन्ग्रेस) पार्टी में।”

उस हादसे पर सवाल जिसमें दादा की हुई थी मौत

उन्होंने कहा, “वो मुझे राजनीति के लिए तैयार कर रहे थे, लेकिन तभी वो हादसा हो गया जिसने उनकी जान ले ली। मैं इसमें नहीं जा रहा हूँ कि उनकी जान किसी दुर्घटना में गई थी या फिर इसकी कोई योजना बनाई गई थी। हम इसके बारे में किसी और दिन बात करेंगे। मेरा मार्गदर्शन करने वाला उस समय कोई नहीं था, इसलिए मैं वापस पंजाब चला गया।” सिंह ने आगे कहा कि बाद में उन्होंने सामाजिक कार्य करना शुरू किया और विश्वकर्मा समाज के सदस्यों को एक छत के नीचे लाने के लिए पूरे भारत की यात्रा की।

उन्होंने बताया कि वह कुछ समय पहले भाजपाके राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से उनकी मुलाकात हुई थी। इस दौरान नड्डा ने उनसे उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में पूछा था। सिंह ने कहा कि उनके सामाजिक कार्यों के बारे में जानने के बाद नड्डा ने उन्हें भाजपा में शामिल होने की पेशकश की थी।

दामाद ने 2019 में ली थी सदस्यता

2019 में पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के दामाद सरवन सिंह चन्नी भी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और अन्य नेताओं की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हुए थे। ज्ञानी जैल सिंह ने 1982 से 1987 के बीच भारत के 7वें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया था। उन्होंने भारत के गृह मंत्री के रूप में भी कार्य किया। उन्हें 1972 में कॉन्ग्रेस शासन के दौरान पंजाब का मुख्यमंत्री भी चुना गया था।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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