बंगाल में चुनाव बाद भी हिंसा का दौर जारी, BJP ने राज्यपाल से मिल की सेना तैनात करने की माँग

बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी से राज्य में सेना तैनात करने की माँग की।

लोकसभा चुनाव के अंतर्गत सातों चरण के चुनाव ख़त्म होने के बावजूद पश्चिम बंगाल में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। सातवें चरण के मतदान के दिन हुई कई हिंसक वारदातों के बाद अभी भी वहाँ राजनीतिक हिंसा का दौर थमता नहीं दिख रहा है। रविवार (मई 19, 2019) को भाटपारा विधानसभा क्षेत्र में मतदान हुआ। इसके अंतर्गत आने वाले कांकिनारा में रेल सेवा को बाधित किया गया। यहाँ तृणमूल कॉन्ग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद सियालदह डिवीजन में रेल सेवा बाधित किए जाने के बाद यात्रियों में अफरातफरी का माहौल रहा। इतना ही नहीं, कांकिनारा रेलवे स्टेशन परिसर में क्रूड बम भी फेंके गए।

सबसे बड़ी बात तो यह कि पहले से ही प्रशासन को अलर्ट पर रखे जाने के बावजूद हिंसा की ये वारदातें हुईं। इसके अलावा विधाननगर विधानसभा के अंतर्गत सॉल्टलेक और दक्षिण 24 परगना जिले में भी तृणमूल और भाजपा समर्थक आपस में भिड़े। इस संघर्ष में भाजपा के कई कार्यकर्ताओं के घायल होने की सूचना है। इसके अलावा रविवार को भी भाजपा के 4 पोलिंग एजेंटों पर हमला किया गया था। शराब के नशे में धुत हमलावरों ने घर में घुस कर बेख़ौफ़ तोड़फोड़ मचाया और धारदार हथियारों से हमला भी किया। इस घटना के पीछे पीड़ितों ने तृणमूल कॉन्ग्रेस का हाथ बताया है।

एक अन्य घटना बासंती स्थित चड़विद्या में घटी। यहाँ तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों ने बबलू नामक भाजपा कार्यकर्ता को निशाना बनाया। हमले में बबलू बाल-बाल बच गए। पड़ोसियों के पहुँचने के बाद हमलावर बाइक छोड़ भाग खड़े हुए। भाजपा कार्यकर्ता बबलू का अस्पताल में इलाज चल रहा है। बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी से राज्य में सेना तैनात करने की माँग की। इस मुलाक़ात के बाद घोष ने कहा:

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“तृणमूल कॉन्ग्रेस ने जिस तरह से अपने गुंडों को खुला छोड़ रखा है, उससे तो लगता है कि वे बंगाल में अराजकता का माहौल बनाना चाहते हैं। यदि ऐसी स्थिति जारी रही तो केंद्र को स्थिति नियंत्रित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। यदि ज़रूरत पड़े तो भाटपारा में सेना बुलाई जाए। पुलिस तो तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं के रूप में कार्य कर रही है। इस मामले पर राज्यपाल ने हमारी माँगों को सुना है और इन्हें देखने का भरोसा भी दिया है। न केवल भाटपारा बल्कि उत्तर बंगाल के कई हिस्सों में तृणमूल कॉन्ग्रेस हमारे खिलाफ हिंसा कर रही है।”

उधर तृणमूल के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ ब्रायन ने चुनाव आयोग से पूछा है कि क्या केंद्रीय बलों को राज्य में एक सप्ताह अतिरिक्त रखने का निर्णय आपातकाल लगाने के लिए लिया गया है? राज्यसभा सांसद डेरेक ने कहा कि बंगाल के लिए विशेष नियम बनाए जा रहे हैं और यह उनके लिए स्वीकार्य नहीं है। भाजपा द्वारा कई मतदान केंद्रों पर दुबारा मतदान कराने की माँगों के बीच डेरेक ने केंद्रीय बलों के वेश में भाजपा और संघ कार्यकर्ताओं के होने की बात दुहराई। भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि ममता सरकार भाजपा प्रत्याशी अर्जुन सिंह का एनकाउंटर करवा सकती है। उन्होंने कहा कि सिंह की जान को ख़तरा है और उन्हें कुछ भी नुकसान होता है तो इसकी ज़िम्मेदार बंगाल की मुख्यमंत्री ख़ुद होंगी।

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