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‘जन्नत का रास्ता दिखाकर आम आदमी के बच्चों को मरवा देते हैं हुर्रियत और मुख्यधारा के कश्मीरी नेता’

"जितने यहाँ हुर्रियत और मेनस्ट्रीम लीडर कहे जाते हैं, ये दूसरों को कॉल देके मरवाते हैं। इनमें से यहाँ किसी का बच्चा नहीं मरा, किसी का बच्चा टेररिज़्म में नहीं है। आम आदमी को जन्नत का रास्ता दिखाइए और मरवा दीजिए, यही होता रहा है यहाँ..."

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने अपने हालिया बयान में हुर्रियत और मुख्यधारा के नेताओं पर निशाना साधा है। दरअसल, उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में जितने समाज, धर्म, हुर्रियत और मुख्यधारा के नेता कहे जाते हैं, वे सब दूसरों के बच्चों को मरवाने का काम करते हैं। इतना ही नहीं, राज्यपाल ने इन नेताओं का जिक्र करते हुए कहा है कि इनमें से किसी की संतानें नहीं मरतीं और न ही किसी की संतान आतंकवाद का रुख करती है। उनके अनुसार ऐसे लोगों की हमेशा से फितरत रही है कि घाटी के बच्चों को गुमराह करके, जन्नत का रास्ता दिखाया जाए और मरवा दिया जाए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एक आयोजन में खुलकर कहा, “जितने यहाँ हुर्रियत और मेनस्ट्रीम लीडर कहे जाते हैं, ये दूसरों को कॉल देके मरवाते हैं। इनमें से यहाँ किसी का बच्चा नहीं मरा, किसी का बच्चा टेररिज़्म में नहीं है। आम आदमी को जन्नत का रास्ता दिखाइए और मरवा दीजिए, यही होता रहा है यहाँ…”

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने जम्मू-कश्मीर की जनता से अपील की और कहा, “मैं कश्मीर की जनता और यहाँ के नौजवानों से कहना चाहता हूँ कि सच को समझने की कोशिश करो। दुनिया का सबसे खूबसूरत हिस्सा आपके पास है। इसको अपने हाथ में लो। हम कहीं उठा के नहीं ले जाएँगे इसको। दिल्ली कहीं नहीं ले जाएगी, दिल्ली ने तो आपके लिए थैली खोल रखी है। आगे बढ़ो, तरक्की करो, उसमें हिस्सेदारी करो।“

यहाँ बता दें कि इस बयान को देने के पहले राज्यपाल सत्यपाल मलिक पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कह चुके हैं कि अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को खत्म नहीं करता है तो भारतीय सेना उनकी सीमा के अंदर घुसकर हमला करके आएगी।

इसके अलावा उन्होंने हाल ही में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कश्मीरी युवाओं पर भी बोला था। उन्होनें कहा था, “जो कश्मीरी युवा आतंकी संगठनों का साथ दे रहे हैं, उन्हें क्या मिला। 1 नवंबर के बाद इस राज्य की स्थिति पूर्ण रूप से बदली होगी। राज्य में कई तरह के विकास कार्य को बढ़ावा दिया जा रहा है, युवाओं के लिए नौकरियाँ निकाली जा रही हैं। ऐसे में इन युवाओं के पास अभी भी समय है, वह चाहें तो सब कुछ छोड़कर वापस आ सकते हैं। हम चाहते हैं कि वह इस राज्य को आगे बढ़ाने में हमारे साथ मिलकर काम करें।” 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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