Saturday, July 31, 2021
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आयुष्मान भारत योजना से गरीबों के ₹30 हजार करोड़ से ज्यादा बचे, अब 2021 का मंत्र होगा- दवाई भी, कड़ाई भीः PM मोदी

"मुश्किल भरे इस साल ने दिखाया है कि भारत जब एकजुट होता है तो मुश्किल से मुश्किल संकट का सामना वो कितने प्रभावी तरीके से कर सकता है। भारत ने एकजुटता के साथ समय पर प्रभावी कदम उठाए, उसी का परिणाम है कि आज हम बहुत बेहतर स्थिति में हैं।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (दिसंबर 31, 2020) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गुजरात के राजकोट में एम्स अस्पताल का शिलान्यास किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल ने हमें सिखाया कि स्वास्थ्य ही संपदा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य पर चोट से पूरा सामाजिक दायरा प्रभावित होता है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ”नया साल दस्तक दे रहा है। आज देश के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने वाली एक और कड़ी जुड़ रही है। राजकोट में एम्स के शिलान्यास से गुजरात सहित पूरे देश के स्वास्थ्य और मेडिकल एजुकेशन को बल मिलेगा।” उन्होंने कहा, ”साल 2020 को एक नई नेशनल हेल्थ फेसिलिटी के साथ विदाई देना, इस साल की चुनौती को भी बताता है और नए साल की प्राथमिकता को भी दर्शाता है।”

पीएम ने कहा, “पहले मैं कहता था कि जब तक दवाई तब तक ढिलाई नहीं। अब हमारा 2021 का मंत्र होगा- दवाई भी, कड़ाई भी।”

पीएम ने कहा, ”स्वास्थ्य पर जब चोट होती है तो जीवन का हर पहलू बुरी तरह प्रभावित होता है और सिर्फ परिवार नहीं पूरा सामाजिक दायरा उसकी चपेट में आ जाता है। इसलिए साल का ये अंतिम दिन भारत के लाखों डॉक्टर्स, हेल्थ वॉरियर्स, सफाई कर्मियों, दवा दुकानों में काम करने वाले, और दूसरे फ्रंट लाइन कोरोना वॉरियर्स को याद करने का है। कर्तव्य पथ पर जिन साथियों ने अपना जीवन दे दिया है, उन्हें मैं सादर नमन करता हूँ।”

“मुश्किल भरे इस साल ने दिखाया है कि भारत जब एकजुट होता है तो मुश्किल से मुश्किल संकट का सामना वो कितने प्रभावी तरीके से कर सकता है। भारत ने एकजुटता के साथ समय पर प्रभावी कदम उठाए, उसी का परिणाम है कि आज हम बहुत बेहतर स्थिति में हैं। जिस देश में 130 करोड़ से ज्यादा लोग हों, घनी आबादी हों। वहा करीब 1 करोड़ लोग इस बीमारी से लड़कर जीत चुके हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “2021 इलाज की आशा लेकर आ रहा है। वैक्सीन को लेकर भारत में हर जरूरी तैयारी चल रही है। भारत में बनी वैक्सीन हर जरूरी वर्ग तक पहुँचे, इसके लिए कोशिशें अंतिम दौर में हैं। दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाने के लिए भारत की तैयारियाँ जोरों पर हैं। मुझे विश्वास है कि जिस तरह बीते साल संक्रमण को रोकने के लिए प्रयास किए, इसी तरह टीकाकरण को लेकर भारत एकजुटता से आगे बढ़ेगा।”

पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के इतने दशकों बाद भी सिर्फ 6 एम्स ही बन पाए थे। 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने 6 नए एम्स बनाने के लिए कदम उठाए थे। उन्हें बनाते बनाते 2012 आ गया था, यानी 9 साल लग गए थे। बीते 6 वर्षों में 10 नए एम्स बनाने पर काम हो चुका है, जिनमें से कई आज पूरी तरह काम शुरू कर चुके हैं। एम्स के साथ ही देश में 20 एम्स जैसे सुपर स्पैशिलिटी हॉल्पिटल्स पर भी काम किया जा रहा।

वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस समारोह में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे भी उपस्थित थे।

2022 तक बनकर तैयार होगा एम्स, आयुष ब्लॉक भी होगा

प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि संस्थान को 201 एकड़ से अधिक जगह आवंटित की गई है और यह लगभग 1,195 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा। संस्थान का निर्माण 2022 के मध्य तक पूरा होने की उम्मीद है। इस आधुनिक अस्पताल में 750 बिस्तर होंगे जिनमें से 30 बिस्तर आयुष ब्लॉक में होंगे। इसमें एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए 125 और नर्सिंग पाठ्यक्रम के लिए 60 सीट होंगी।

पीएम ने कहा, “आयुष्मान भारत योजना से गरीबों के लगभग 30 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा बचे हैं। आप सोचिए, इस योजना ने गरीबों को कितनी बड़ी आर्थिक चिंता से मुक्त किया है। अनेकों गंभीर बीमारियों का इलाज गरीबों ने अच्छे अस्पतालों में मुफ्त कराया है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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