HomeराजनीतिCCD संस्थापक वीजी सिद्धार्थ की मौत का मामला गहराया, कॉन्ग्रेस नेता डीके शिवकुमार के...

CCD संस्थापक वीजी सिद्धार्थ की मौत का मामला गहराया, कॉन्ग्रेस नेता डीके शिवकुमार के साथ हवाला कनेक्शन

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक IT विभाग ने जाँच में पाया कि कॉन्ग्रेस नेता डीके शिवकुमार की बेटी के साथ CCD ने करीब ₹20 करोड़ का लेनदेन किया था। जाँच में सिंगापुरी नागरिक रजनीश गोपीनाथ का भी नाम भी सामने आया था।

कर्नाटक कॉन्ग्रेस के बड़े नेता और पूर्व मंत्री डीके शिवकुमार के साथ हवाला कनेक्शन का मामला सामने आने के कारण कैफ़े कॉफी डे (CCD) के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ की मौत का मामला और पेचीदा हो गया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पूर्व विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के दामाद सिद्धार्थ के खिलाफ जाँच के दौरान आयकर (IT) विभाग को संदिग्ध हवाला लेनदेन के सुराग मिले थे।

रिपब्लिक के अनुसार IT विभाग ने जाँच में पाया कि कॉन्ग्रेस नेता डीके शिवकुमार की बेटी के साथ CCD ने करीब ₹20 करोड़ का लेनदेन किया था। जाँच में सिंगापुरी नागरिक रजनीश गोपीनाथ का नाम भी सामने आया था। उसके घर पर IT विभाग को ₹1.2 करोड़ की बेहिसाब नकदी मिली थी। पूछताछ में गोपीनाथ ने यह पैसा वीजी सिद्धार्थ का होने की बात कही थी। रिपब्लिक ने विभाग के सूत्रों के हवाले से फ़ोन पर बातचीत के सबूतों का भी दावा किया है।

इसके अलावा CCD कर्मचारी और सिद्धार्थ के कथित ‘खास’ दीक्षित के ज़रिए रजनीश गोपीनाथ और CCD के बीच हवाला कारोबार होता था। रजनीश का भाई मुनीश CCD का वित्तीय निदेशक था और इस कारोबार में शर्मा ट्रांसपोर्ट नामक हवाला ऑपरेटर के कर्मचारी रवि और रफ़ी भी शामिल हैं। रिपब्लिक के IT सूत्र ने दीक्षित के भी इकबालनामे की बात की है।

नदी में मिली लाश

मालूम हो कि सोमवार से लापता चल रहे सिद्धार्थ का लाश उल्लाल के निकट नेत्रवती नदी किनारे मिला। उनका शव वहाँ मौजूद स्थानीय मछुआरों ने निकाला। IT विभाग का कहना है कि उसके पास सिद्धार्थ का जो हस्ताक्षर है, वह सोशल मीडिया में चल रहे उनके कथित पत्र के हस्ताक्षर से अलग है। साथ ही विभाग ने जाँच के दौरान सिद्धार्थ को प्रताड़ित करने के आरोपों से भी इनकार किया है। विभाग के अनुसार पूर्व विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के दामाद ने अपनी आय के कुछ हिस्से को छिपाने का आरोप भी स्वीकारा था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दुनिया पर छाया भोजन का संकट, 140+ करोड़ भारतीयों का पेट भरने के लिए क्या कदम उठा रही मोदी सरकार: जानिए सब कुछ

वैश्विक खाद्य संकट के काले बादलों के बावजूद भारत की स्थिति दुनिया के अन्य देशों की तुलना में काफी मजबूत और सुरक्षित है।

फर्टिलाइजर डिप्लोमेसी के बाद भारत के सामने रबी सीजन की परीक्षा: जानिए खेती की चुनौतियों से निपटने के लिए मोदी सरकार ने की है...

इस रबी सीजन में भारत का मुख्य फोकस कृषि उत्पादन के रिकॉर्ड लक्ष्य के साथ जलवायु परिवर्तन और मानसून से होने वाले जोखिमों को कम करने पर है।
- विज्ञापन -