Wednesday, May 18, 2022
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केजरीवाल की तरह पलटे हेमंत सोरेन: पहले की झारखंड में सभी के लिए मुफ्त वैक्सीन की घोषणा, अब चाहते हैं केंद्र करे भुगतान

हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर उनसे अनुरोध किया कि राज्य के 18 से 45 आयु वर्ग के लगभग एक करोड़ 57 लाख लोगों के लिए कोविड-19 के मुफ्त टीकों का इंतजाम कराया जाए।

एक महीने पहले 18-45 आयु वर्ग के सभी लोगों को फ्री में वैक्सीन लगाने की घोषणा करने वाले झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का अनुसरण करते हुए अब यू-टर्न ले लिया है। मुख्यमंत्री सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य को मुफ्त टीका उपलब्ध कराने को कहा है।

दरसअल, एक महीने पहले (22 अप्रैल, 2021) हेमंत सोरेन ने खुद ट्वीट कर 18-45 आयु वर्ग के सभी लोगों को फ्री में वैक्सीन लगाने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था, ”झारखंड राज्य में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना वैक्सीन राज्य सरकार द्वारा निःशुल्क लगाया जाएगा। इस विकट संक्रमण में लोगों को मदद के लिए सरकार दिन-रात काम कर रही है। मुझे विश्वास है सभी के सहयोग से हम कोरोना को फिर मात देंगे। कोरोना हारेगा, झारखंड जीतेगा।”

मालूम हो कि टीकाकरण अभियान के विकेंद्रीकरण की वकालत करने वाले दिल्ली के सीएम ने हाल ही में (26 मई 2021) इस मामले पर यू-टर्न लिया था। केंद्र की टीकाकरण नीति की आलोचना करते हुए केजरीवाल ने कहा था, ‘‘आज हम कोविड-19 के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं, जिसमें केंद्र और राज्यों की अपनी-अपनी जिम्मेदारियाँ हैं। केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से मुँह मोड़ रही है और राज्यों से अपने लिए खुद व्यवस्था करने को कह रही है। यह गलत है।’’

यू-टर्न लेते हुए हेमंत सोरेन ने कोरोना टीकाकरण के लिए माँगी केंद्र की मदद

इसी तरह, सोरेन ने प्रधानमंत्री मोदी को सोमवार (31 मई 2021) को पत्र लिखकर उनसे अनुरोध किया कि राज्य के 18 से 45 आयु वर्ग के लगभग एक करोड़ 57 लाख लोगों के लिए कोविड-19 के मुफ्त टीकों का इंतजाम कराया जाए।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी का दंश झेल रहे झारखंड के लिए लगभग 1100 करोड़ रुपये व्यय करना संभव नहीं है। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 वर्ष से 45 वर्ष के राज्य के नागरिकों को दिए जाने वाले कोविड-19 के टीकों की संख्या लगभग एक करोड़ 57 लाख होगी और इतने टीके खरीदने के लिए राज्य को कम से कम 1100 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। ऐसे में कोरोना महामारी के चलते पहले से ही आर्थिक तंगी झेल रहे झारखंड के लिए अपने संकुचित संसाधनों में से इतना धन अलग से व्यय करना बहुत कठिन होगा।

उन्होंने अपने पत्र में दोहराया कि राज्य में कोरोना के खिलाफ चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान में कम टीकों की आपूर्ति सबसे बड़ी चुनौती बन गई है, जिसे दूर किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य ने भारतीय वैक्सीन निर्माताओं सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक दोनों को 25 लाख वैक्सीन की खुराक का ऑर्डर दिया था, लेकिन निर्माताओं पर भी अधिक बोझ है। हालाँकि, ध्यान देने वाली बात ये है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, झारखंड ने 37.3% टीकों को बर्बाद किया है।

पत्र में यह भी लिखा गया गया है कि झारखंड सहित सभी राज्यों को पल्स पोलियो और नियमित टीकाकरण जैसे अन्य सभी कार्यक्रमों के लिए केंद्र सरकार से हमेशा मुफ्त में टीके मिले हैं। यह कोविड-19 टीकों के लिए भी लागू होना चाहिए।

इसके अतिरिक्त सोरेन ने राज्यों को लाभार्थियों को प्राथमिकता देने के सामान्य ढाँचे से अलग होने और राज्य सरकारों को टीकाकरण कवरेज की प्राथमिकताओं को परिभाषित करने की स्वतंत्रता देने का आग्रह किया। तो कुल मिलाकार सोरेन चाहते हैं कि केंद्र सरकार सभी टीकों की आपूर्ति करे, लेकिन यह वो तय करेंगे कि इसे पहले किसे दिया जाना चाहिए।

राज्य में कोरोना के मामले

झारखंड में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 831 नए मामले सामने आए हैं और 13 लोगों की मौत हुई है। वहीं मरीजों के ठीक होने की दर में भी सुधार हुआ है। अब तक राज्य में 95.27 प्रतिशत कोरोना से ठीक होने की दर रही है, जबकि मृत्यु दर 1.47 प्रतिशत पर बनी हुई है। इसके अतिरिक्त, राज्य में कई प्रतिबंधों और इंट्रा और इंटर-सिटी बस सेवाओं के सस्पेंशन के साथ 3 जून 2021 तक के लिए लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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