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जीतन राम माँझी की NDA में घर-वापसी: अमित शाह के साथ 45 मिनट चली बैठक के बाद HAM का फैसला, साथ लड़ेंगे लोकसभा चुनाव

दरअसल, जीतनराम माँझी मंगलवार (20 जून 2023) को ही बिहार के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलकर नीतीश सरकार से समर्थन वापस लिया था। इसके बाद जीतनराम माँझी अपने बेटे के साथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने रवाना हो गए थे। इस समय HUM के चार विधायक हैं।

बिहार की महागठबंधन सरकार से अलग होने के बाद हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HUM) के जीतनराम माँझी ने बुधवार (21 जून 023) को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद माँझी भाजपा (BJP) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल हो गए।

दिल्ली में अमित शाह के मुलाकात के दौरान जीतनराम माँझी के साथ उनके बेटे और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन माँझी भी मौजूद थे। यह मुलाकात लगभग 45 मिनट तक चली। इस दौरान केंद्रीय गृह राज्यमंत्री और बिहार से भाजपा नेता नित्यानंद राय भी मौजूद रहे।

मुलाकात के बाद संतोष सुमन ने कहा, “किन-किन मुद्दों पर हम साथ रहेंगे, इसको लेकर बिंदुवार चर्चा हुई। ये सब होने के बाद हमलोगों ने औपचारिक रूप से ये सहमति जताई कि आज से हमलोग NDA के साथ रहेंगे और आगे की रणनीति हम लोग साथ मिलकर तय करेंगे।”

उन्होंने कहा, “कौन कितनी सीटों पर लड़ेगा, यह बाद की बात है। हम लोग भाजपा के साथ मिलकर लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। सीटों का जो भी बँटवारा होगा, वह सम्मानजनक होगा।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक स्थापित नेता हैं और विरोधी दल अभी प्रधानमंत्री का चेहरा ढूँढ रही है।

दरअसल, जीतनराम माँझी मंगलवार (20 जून 2023) को ही बिहार के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलकर नीतीश सरकार से समर्थन वापस लिया था। इसके बाद जीतनराम माँझी अपने बेटे के साथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने रवाना हो गए थे। इस समय HUM के चार विधायक हैं।

मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जीतनराम माँझी पर HUM का जेडीयू में विलय करने का दबाव बना रहे थे। इसके बाद संतोष सुमन ने 13 जून 2023 को बिहार सरकार में मंत्री का पद छोड़ दिया। इस बीच नीतीश कुमार ने उनके बारे में यह भी कह दिया कि वे महागठबंधन में रहकर माँझी बीजेपी के लिए मुखबिरी कर रहे थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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