Homeराजनीति'हिंसा रोकने के लिए पाकिस्तान से बातचीत जरूरी, हमारे कब्रिस्तान भर चुके हैं...' -...

‘हिंसा रोकने के लिए पाकिस्तान से बातचीत जरूरी, हमारे कब्रिस्तान भर चुके हैं…’ – महबूबा मुफ्ती

"भाजपा कहती है कि पाकिस्तान आतंकवादी तत्वों को बढ़ावा देता है, उन्हें प्रायोजित करता है। इसके आधार पर भारत को हिंसा पर काबू पाने के लिए पड़ोसी मुल्क से बातचीत शुरू करनी चाहिए।"

अक्सर अपने विवादित बयानों के चलते सुर्ख़ियों में बनी रहने वाली महबूबा मुफ़्ती ने एक बार फिर सुर्खियाँ बटोरने लायक बयान दिया है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की मुखिया महबूबा मुफ़्ती ने शनिवार (20 फरवरी 2021) को कहा कि जम्मू और कश्मीर में ‘हिंसा रोकने’ के लिए भारत को पाकिस्तान से वार्ता शुरू करनी चाहिए। महबूबा मुफ़्ती ने अपने बयान में कहा:

“आखिर कब तक जम्मू और कश्मीर के लोग, पुलिसकर्मी और सेना के जवानों को अपनी जान गँवानी पड़ेगी। भाजपा बार-बार इस बात पर ज़ोर देती है कि पाकिस्तान यहाँ के आतंकवादी तत्वों को बढ़ावा देता है, उन्हें प्रायोजित करता है। इसके आधार पर भारत को हिंसा पर काबू पाने के लिए पड़ोसी मुल्क से बातचीत शुरू करनी चाहिए। केंद्र सरकार को यहाँ के लोगों के बारे में सोचना पड़ेगा और उसके लिए पाकिस्तान से बात करना ज़रूरी है।” 

इसके बाद महबूबा मुफ़्ती ने कहा, “ये (जम्मू और कश्मीर में होने वाली हिंसा) एक बड़ा मुद्दा है और जल्द से जल्द इसका हल निकाला जाना चाहिए। ये ख़ून-ख़राबा रुकना चाहिए, जिससे घाटी के लोग शांति से रह पाएँ। हमारे कब्रिस्तान भर चुके हैं, भाजपा की सरकार को चिंता करनी पड़ेगी कि यहाँ के हालात कैसे सामान्य होंगे।”

पीडीपी मुखिया ने श्रीनगर के बरजुला इलाके में हुए आतंकवादी हमले में वीरगति को प्राप्त जम्मू कश्मीर पुलिस के हवलदार सुहैल अहमद के परिजनों से भी मुलाक़ात की। दरअसल पिछले कुछ दिनों के दौरान श्रीनगर में दो आतंकी हमले हुए थे, जिसमें दो पुलिसकर्मी वीरगति को प्राप्त हुए थे। इस घटना के बाद जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री का बयान सामने आया है। 

दरअसल शुक्रवार (19 फरवरी 2021) को श्रीनगर के ही बारजुला क्षेत्र में शिव शक्ति मिष्ठान भंडार पर आतंकवादियों ने हमला किया था। आतंकियों द्वारा अंजाम दी गई गोलीबारी की इस वारदात में दो पुलिसकर्मी वीरगति को प्राप्त हुए थे।

इस घटना का वीडियो भी सामने आया था। इसमें साफ तौर पर देखा गया था कि कैसे आतंकवादी बेख़ौफ़ होकर पुलिसकर्मियों पर गोली चला रहे हैं। बलिदानी पुलिसकर्मियों की पहचान हवलदार सुहैल अहमद और मोहम्मद युसूफ के रूप में हुई थी। 

इसी तरह 17 फरवरी 2021 को आतंकवादियों ने कश्मीर के श्रीनगर स्थित डलगेट इलाके में एक मशहूर शाकाहारी ढाबे के मालिक पर गोली चला दी थी। यह ढाबा होटल ललित से महज़ कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित था जहाँ जम्मू कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर आए विदेशी राजनयिक रुके हुए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक़ आतंकवादियों ने मशहूर कृष्णा ढाबा मालिक रमेश कुमार मेहरा के बेटे आकाश मेहरा (22) पर गोली चलाई थी। यह शाकाहारी ढाबा श्रीनगर के अति सुरक्षित इलाके में मौजूद है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -