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राफेल डील में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल कर रहे हैं एयरक्राफ्ट कंपनी एयरबस की लॉबिंग: जावड़ेकर

जावड़ेकर ने अपने बयान में कहा कि एयरबस का एक ही एजेंडा है कि किसी तरह इस रक्षा सौदे को रद्द कर दिया जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि एयरबस एकमात्र राफेल की प्रतिस्पर्धी कंपनी है।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने राफेल डील मामले में एक बड़ा बयान दिया है। जावड़ेकर ने कहा कि राहुल गाँधी एयरक्राफ्ट कंपनी एयरबस के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। राफेल डील में राहुल द्वारा सरकार पर खड़े किए गए सवाल के जवाब में जावड़ेकर ने कहा कि कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी को एयरक्राफ्ट कंपनी एयरबस का ईमेल कैसे मिला, किसी और के पास तो रक्षा सौदे से जुड़ा यह ईमेल नहीं है।

केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने कहा कि राहुल एयक्राफ्ट बनाने वाली इस कंपनी में एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। जावड़ेकर ने अपने बयान में कहा कि एयरबस का एक ही एजेंडा है कि किसी तरह इस रक्षा सौदे को रद्द कर दिया जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि एयरबस एकमात्र राफेल की प्रतिस्पर्धी कंपनी है।

8 साल की बच्ची ने राफेल पर राहुल को दिया था जवाब

विपक्ष द्वारा राफेल डील पर मचा कोहराम आए दिन कुछ नया ही करतब दिखाता रहता है या यूँ कह लीजिए कि इन करतबों में कॉन्ग्रेस का हमलावर और आक्रामक रुख़ कभी थमने का नाम ही नहीं लेता है।

ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि क्या सच में राफेल डील करतबों का मैदान बन चुका है या इसे अब तक बेवजह ही हवा दी जाती रही है। आम जनता और कॉन्ग्रेस समर्थकों के लिए भले ही यह समझ पाना मुश्किल हो कि इस डील के तहत राफेल की क़ीमत में इतना उतार-चढ़ाव क्यों है। लेकिन पिछले दिनों एक 8 साल की बच्ची ने राफेल के गुणा-गणित को क़ाबिल-ए-तारीफ़ अंदाज में समझाकर राहुल के आरोपों के जवाब दिया था।

आपको बता दें कि, 9 जनवरी को ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के ट्विटर हैंडल से एक ऐसा वीडियो शेयर हुआ था , जिसमें 8 साल की बच्ची अपनी दो ज्यॉमेट्री बॉक्स के माध्यम से यह समझाने का प्रयास कर रही है कि क्या फ़र्क है मोदी जी के राफ़ेल में और राहुल गाँधी के राफेल में। इस बच्ची ने एक बेहतर ढंग से राफेल जैसे विवादित मुद्दे को जितनी सरलता से परिभाषित किया था, वो एक मिसाल है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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