भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग एक बार फिर बड़े स्तर पर चर्चा में है। जल्द ही रक्षा मंत्रालय का DAC बैठक करेगा, जिसमें 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी मिलने की संभावना है।
चीन राफेल लड़ाकू विमानों के खिलाफ दुनिया भर में दुष्प्रचार कर रहा है, वहीं भारत में भी कॉन्ग्रेस पार्टी और वामपंथी मीडिया पहले ही इंडो-फ्रेंच राफेल सौदे को बदनाम करने की कोशिश कर चुके हैं।