क्या कश्मीर के विशेष दर्जे के खात्मे के साथ कॉन्ग्रेस के अंत की भी शुरुआत हो चुकी है?

कॉन्ग्रेस की राजनीति जा किस दिशा में रही है? भले कॉन्ग्रेस 2014 के मुकाबले 2019 में सीटों में मामूली बढ़ोतरी करा ले गई हो, लेकिन उसका जनाधार सिकुड़ ही रहा है। ऐसे में देश के लोगों को खुद से और दूर धकेलना अपने ही ताबूत में खुद कील ठोंकना नहीं तो और क्या है?

नेहरू ने गोवा को आज़ाद कराया, इंदिरा गाँधी ने सिक्किम दिया,कश्मीर हिंदुस्तान का आंतरिक नहीं द्विपक्षीय/अंतरराष्ट्रीय मुद्दा है, 1971 में पाकिस्तान के विभाजन और कश्मीर के विभाजन में समानता है- कश्मीर के पुनर्गठन और विशेष दर्जे के खात्मे के मुद्दे पर ये कॉन्ग्रेस नेताओं के बयान हैं। आज कॉन्ग्रेस की भाषा देश की विपक्षी पार्टी, या केवल भाजपा की विरोधी पार्टी की नहीं, हिंदुस्तान के दुश्मनों और पाकिस्तान के हिमायतियों जैसी है।

कई सांसद, विधायक और देश के सबसे बड़े राज्यों में से एक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह का यह ट्वीट पढ़िए:

इस ट्वीट के पहला इरादा ज़रूर किसी तरह नेहरू-गाँधी परिवार की आड़ में श्रेय लूटने का था, लेकिन इसके अलावा? इसके अलावा इसका यह सिला होगा कि देश के बँटवारे को इस तरह कश्मीर के विभाजन से जोड़ने को पाकिस्तान एक ‘वरिष्ठ’ हिंदुस्तानी सियासतदां का अपने स्टैंड कि कश्मीर हिंदुस्तान का नहीं, उसका है, पर मुहर के रूप में प्रचारित करेगा।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

इसके अलावा भी झूठों की कमी नहीं है। गोवा को पुर्तगालियों से मुक्त नेहरू ने नहीं, आज़ाद गोमंतक दल के बलिदानों और यूनाइटेड फ़्रंट ऑफ़ गोअन्स जैसे राजनीतिक संगठनों के लम्बे संघर्ष ने कराया था

1947 में आज़ाद रियासत बना सिक्किम 1975 में जनमत संग्रह से बना था हिंदुस्तान का राज्य। इसमें इंदिरा गाँधी की क्या भूमिका थी?

दिग्विजय अकेले नहीं हैं कॉन्ग्रेस में। पार्टी के तौर पर जहाँ कॉन्ग्रेस ने दोनों सदनों में बिल के खिलाफ मतदान किया, वहीं लोकसभा में कॉन्ग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कश्मीर मसले पर बिल लाने की सरकार की हैसियत को ही चुनौती दे डाली थी। उनके इस बयान पर भड़के गृह मंत्री और भाजपा सुप्रीमो अमित शाह ने तो उन्हें खरी-खोटी सुनाई ही, खुद सोनिया गाँधी भौंचक्की नज़र आईं। शाह ने सदन में यह भी साफ़ किया कि भाजपा नेता कश्मीर के लिए जान भी दे देंगे, और वह जब भी “कश्मीर” बोलेंगे, तो उनका तात्पर्य पाकिस्तान और चीन के कब्ज़े वाले गुलाम कश्मीर से भी होगा

कॉन्ग्रेस के कई नेता पार्टी-लाइन से इतर इस मुद्दे पर राय रख रहे हैं। गुना के पूर्व सांसद और कभी राहुल गाँधी के करीबी रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व सांसद रंजीत रंजन और मुंबई कॉन्ग्रेस के बड़े नेता मिलिंद देवड़ा इनमें शामिल हैं।

सवाल यह है कि कॉन्ग्रेस की राजनीति जा किस दिशा में रही है। किसी तरह रोते-गाते वह 2014 के मुकाबले 2019 में सीटों में मामूली बढ़ोतरी करा ले गई हो, लेकिन उसका जनाधार सिकुड़ ही रहा है। ऐसे में देश के लोगों को खुद से और दूर धकेलना अपने ही ताबूत में खुद कील ठोंकना नहीं तो क्या है?

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील राजीव धवन को केवल इस बात का सबूत चाहिए कि अयोध्या के किस खास जगह पर राम का जन्म हुआ था। वरना इकबाल के इमाम-ए-हिंद को वे भी याद करते हैं। कृपानिधान तो वाजिद अली शाह के भी राम ही थे। लेकिन, किसी ने न लिखा, न गाया। राम किस प्लॉट में पैदा हुए थे?

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

इमरान ख़ान

मोदी के ख़िलाफ़ बयानबाजी बंद करें इमरान ख़ान: मुस्लिम मुल्कों की पाकिस्तान को 2 टूक

मुस्लिम देशों ने प्रधानमंत्री इमरान खान से कहा है कि कश्मीर मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए वह अपने भारतीय समकक्ष के खिलाफ अपनी भाषा में तल्खी को कम करें।
तजिंदर बग्गा, एंड्रिया डिसूजा

‘₹500 में बिक गईं कॉन्ग्रेस नेता’: तजिंदर बग्गा ने खोली रिया (असली नाम एंड्रिया डिसूजा) की पोल

बग्गा ने रिया को व्हाट्सएप मैसेज किया और कहा कि वो उनसे एक प्रमोशनल ट्वीट करवाना चाहते हैं। रिया ने इसके लिए हामी भर दी और इसकी कीमत पूछी। बग्गा ने रिया को प्रत्येक ट्वीट के लिए 500 रुपए देने की बात कही। रिया इसके लिए भी तैयार हो गई और एक फेक ट्वीट को...
सिंध, पाकिस्तान

मियाँ मिट्ठू के नेतृत्व में भीड़ ने हिन्दू शिक्षक को पीटा, स्कूल और मंदिर में मचाई तोड़फोड़

इस हमले में कट्टरपंथी नेता मियाँ मिट्ठू का हाथ सामने आया है। उसने न सिर्फ़ मंदिर बल्कि स्कूल को भी नुक़सान पहुँचाया। मियाँ मिट्ठू के नेतृत्व में भीड़ ने पुलिस के सामने शिक्षक की पिटाई की, मंदिर में तोड़फोड़ किया और स्कूल को नुक़सान पहुँचाया।
सीजेआई रंजन गोगोई

CJI रंजन गोगोई: कश्मीर, काटजू, कन्हैया…CM पिता जानते थे बेटा बनेगा मुख्य न्यायाधीश

विनम्र स्वभाव के गोगोई सख्त जज माने जाते हैं। एक बार उन्होंने अवमानना नोटिस जारी कर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू को अदालत में तलब कर लिया था। काटजू ने सौम्या मर्डर केस में ब्लॉग लिखकर उनके फैसले पर सवाल उठाए थे।
हिना सिद्धू, मलाला युसुफ़ज़ई

J&K पाकिस्तान को देना चाहती हैं मलाला, पहले खुद घर लौटकर तो दिखाएँ: पूर्व No.1 शूटर हिना

2013 और 2017 विश्वकप में पहले स्थान पर रह कर गोल्ड मेडल जीत चुकीं पिस्टल शूटर हिना सिद्धू ने मलाला को याद दिलाया है कि ये वही पाकिस्तान है, जहाँ कभी उनकी जान जाते-जाते बची थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में लड़कियों की शिक्षा के लिए कितने मौके हैं, इसे मलाला बेहतर जानती हैं।

शेख अब्दुल्ला ने लकड़ी तस्करों के लिए बनाया कानून, फॅंस गए बेटे फारूक अब्दुल्ला

फारूक अब्दुल्ला को जिस पीएसए एक्ट तहत हिरासत में लिया गया है उसमें किसी व्यक्ति को बिना मुक़दमा चलाए 2 वर्षों तक हिरासत में रखा जा सकता है। अप्रैल 8, 1978 को जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल से इसे मंजूरी मिली थी। यह क़ानून लकड़ी की तस्करी रोकने के लिए लाया गया था।
एन राम

‘The Hindu’ के चेयरमैन बने जज: चिदंबरम को कॉन्ग्रेस के कार्यक्रम में दी क्लीन चिट, कहा- कोई सबूत नहीं

एन राम चिदंबरम को जेल भेजने के लिए देश की अदालतों की आलोचना करने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा कि इस गिरफ्तारी की साजिश करने वालों का मकसद सिर्फ और सिर्फ चिदंबरम की आजादी पर बंदिश लगाना था और दुर्भाग्यवश देश की सबसे बड़ी अदालतें भी इसकी चपेट में आ गईं।
हिन्दू लड़की की हत्या

…बस एक एग्जाम और डेंटल डॉक्टर बन जातीं नमृता लेकिन पाकिस्तान में रस्सी से बंधा मिला शव

बहन के मृत शरीर को देख नमृता के भाई डॉ विशाल सुंदर ने कहा, "उसके शरीर के अन्य हिस्सों पर भी निशान हैं, जैसे कोई व्यक्ति उन्हें पकड़ रखा था। हम अल्पसंख्यक हैं, कृपया हमारे लिए खड़े हों।"
सुप्रीम कोर्ट, राम मंदिर

अगर राम जन्मस्थान को लेकर आस्था है तो इस पर सवाल नहीं उठा सकते: सुप्रीम कोर्ट

मुस्लिम पक्षकार राजीव धवन ने अदालत में दावा किया कि पहले हिंदू बाहर के अहाते में पूजा करते थे, लेकिन दिसंबर 22-23, 1949 की रात रामलला की मूर्ति को अवैध तरीके से मस्जिद के अंदर शिफ्ट कर दिया गया।
नितिन गडकरी

भारी चालान से परेशान लोगों के लिए गडकरी ने दी राहत भरी खबर, अब जुर्माने की राशि 500-5000 के बीच

1 सितंबर 2019 से लागू हुए नए ट्रैफिक रूल के बाद से चालान के रोजाना नए रिकॉर्ड बन और टूट रहे हैं। दिल्ली से लेकर अन्य राज्यों में कई भारी-भरकम चालान काटे गए जो मीडिया में छाए रहे जिसे देखकर कुछ राज्य सरकारों ने पहले ही जुर्माने की राशि में बदलाव कर दिया था।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

91,128फैंसलाइक करें
15,115फॉलोवर्सफॉलो करें
97,500सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: