Thursday, May 23, 2024
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‘हमास आतंकी संगठन नहीं, नेतन्याहू को गोली मार देनी चाहिए’: इजरायली PM की हत्या के लिए कॉन्ग्रेस MP ने उकसाया, फिलस्तीन के समर्थन में रैली

कॉन्ग्रेस नेता ने कहा कि हमास बंदूक उठाकर केवल अपनी जमीन, वहाँ के लोगों की रक्षा कर रही है। हमास आतंकी नहीं है। यदि कोई हमास को आतंकी कहता है तो उसका कड़ाई से विरोध करना है।

केरल के कॉन्ग्रेस सांसद ने इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को गोली मारने की बात कही। दरअसल, कॉन्ग्रेस सांसद ने राजमोहन उन्नीथन ने इज़राइल-हमास युद्ध के बीच केरल के कासरगोड में फिलिस्तीन और हमास के समर्थन रैली में हिस्सा ले रहे थे। इस रैली कॉन्ग्रेस नेता ने हमास की निंदा तो छोड़िए उल्टा इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू एक युद्ध अपराधी बताते हुए उन्हें बिना मुकदमे के सीधे गोली मारने की बात कही।

कॉन्ग्रेस नेता ने कहा कि हमास बंदूक उठाकर केवल अपनी जमीन, वहाँ के लोगों की रक्षा कर रही है। हमास आतंकी नहीं है। यदि कोई हमास को आतंकी कहता है तो उसका कड़ाई से विरोध करना है। कॉन्ग्रेस नेता यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे अमेरिका का उदाहरण देते हुए यह भी कहा, “यदि हमास आतंकी है तो हम सब भी आतंकी है।”

कॉन्ग्रेस नेता ने नेतन्याहू को गोली मारने को सही साबित करने के लिए कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, न्यूरमबर्ग ट्रायल (Nuremberg trials) का उपयोग युद्ध अपराधों में शामिल लोगों के लिए किया गया था। इसमें युद्ध अपराधियों को बिना किसी मुकदमे के गोली मार दी गई थी।

कॉन्ग्रेस नेता ने कहा कि अब समय आ गया है कि न्यूरमबर्ग मॉडल का पुनः उपयोग किया जाए। बेंजामिन नेतन्याहू दुनिया के सामने युद्ध अपराधी बनकर खड़े हैं। नेतन्याहू को बिना किसी मुकदमे के गोली मारकर हत्या करने का समय आ गया है क्योंकि वह इस स्तर की क्रूरता कर रहे हैं।

कॉन्ग्रेस नेता खुलेआम फिलिस्तीन के समर्थन में बयानबाजी करते हुए नेतन्याहू के खिलाफ जहर उगला। उन्होंने कहा कि जिनेवा कन्वेंशन के सभी समझौतों को तोड़ने वालों को दंडित किया जाना चाहिए।

बता दें कि केरल की प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी (KPCC) 23 नवंबर इज़राइल-हमास युद्ध के बीच फिलिस्तीनी लोगों के साथ एकजुटता की घोषणा करने के लिए कोझिकोड समुद्र तट पर एक रैली आयोजित करने जा रही है। ऐसे में मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि अखिल भारतीय कॉन्ग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल फिलिस्तीन समर्थक इस रैली का उद्घाटन करेंगे।

हालाँकि, केरल में हमास और फिलिस्तीन का समर्थन नया नहीं है। वहाँ वामपंथी पार्टियों के साथ ही कट्टरपंथी मुस्लिम भी खुलेआम आतंकियों के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। 

गौरतलब है कि इजरायल-हमास युद्ध 43वें दिन में प्रवेश कर गया है और अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं। इस युद्ध की शुरुआत तब हुई जब फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह, हमास ने इज़रायल पर हमला किया और 1400 से अधिक इजरायलियों को बेरहमी से मार डाला था। वहीं जवाबी कार्रवाई में इजरायली सेना ने गाजा पट्टी और फिलिस्तीन के कुछ हिस्सों पर हमले कर रही है। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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