Homeराजनीतिकश्मीर भारत का आंतरिक मुद्दा: थूक कर चाटने वाली कॉन्ग्रेसी परम्परा के नए वाहक...

कश्मीर भारत का आंतरिक मुद्दा: थूक कर चाटने वाली कॉन्ग्रेसी परम्परा के नए वाहक बने अधीर रंजन

अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि कश्मीर को लेकर कौन सा क़ानून पारित किया जाएगा, यह निर्णय लेने का पूर्ण अधिकार हमारे देश के पास है।

लोकसभा में कॉन्ग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी अब अपने ही बयान से पलट गए हैं। अधीर रंजन ने लोकसभा में जोर-जोर से चिल्ला कर जो बातें कही थीं, बाहर मीडिया के सामने वह उसके ठीक विपरीत सुर में राग अलापते नज़र आ रहे हैं। संसद में उन्होंने कहा था कि चूँकि जम्मू कश्मीर मामले को संयुक्त राष्ट्र देख रही है, ऐसे में भारत इससे सम्बंधित विधेयक कैसे ला सकता है? बता दें कि पाकिस्तान का भी कमोबेश इस मामले में यही रुख है और वह जम्मू कश्मीर को द्विपक्षीय मसला बताता है।

देशद्रोह क़ानून: थूक कर चाटने का नाम है कपिल सिब्बल

अब अधीर रंजन चौधरी ने अपने पुराने बयान से मुकरते हुए कहा है कि जम्मू कश्मीर भारत का आंतरिक मुद्दा है। वह पाकिस्तान द्वारा भारत के साथ व्यापार ख़त्म करने वाली ख़बर पर टिप्पणी कर रहे थे। अधीर रंजन ने कहा कि उन्हें पहले से ही इस बात का अंदेशा था कि पाकिस्तान इस तरह का क़दम उठा सकता है।अब उन्होंने कहा है कि कश्मीर को लेकर कौन सा क़ानून पारित किया जाएगा, यह निर्णय लेने का पूर्ण अधिकार हमारे देश के पास है।

संसद में उन्होंने पूछा था कि जिस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र देख रहा है, उस पर भारत सरकार क़ानून कैसे बना सकती है? वहीं अब संसद के बाहर उन्होंने कहा है कि यह अधिकार पूर्णतया भारत सरकार के पास है। संसद में उन्होंने कश्मीर को द्विपक्षीय मुद्दा बताया था, लेकिन अब मीडिया के सामने वह इसे भारत का आंतरिक मुद्दा बता रहे हैं (जो कि सही है और भारत का स्टैंड भी है)। आख़िर अधीर रंजन को ये समझने में इतने दिन क्यों लग गए? अगर उन्हें यह पता था तो संसद में बयान देकर उन्होंने पाकिस्तान के रुख को क्यों आगे बढ़ाया?

अधीर रंजन ने प्रधानमंत्री के उस बयान को याद किया जिसमें पीएम मोदी ने कहा था कि कश्मीर समस्या का हल गोली से नहीं बल्कि वहाँ की जनता को गले लगाने से होगा। अधीर रंजन ने कहा कि आज उसके ठीक विपरीत हो रहा है और जम्मू अक्ष्मीर को एक कंसंट्रेशन कैम्प में बदल दिया गया है। वैसे भी ज्योतिरादित्य सिंधिया, कर्ण सिंह और दीपेंद्र हुड्डा जैसे बड़े नेताओं ने अनुच्छेद 370 पर कॉन्ग्रेस के रुख के उलट जाकर केंद्र सरकार के निर्णय का स्वागत किया है।

AAP-कॉन्ग्रेस एक-दूसरे पर थूक कर चाटने की रेस में, बीच में कूदे 4 महान दरबारी पक्षकार

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चीन ने मार दिए 10000+ लोग, भारत के वामपंथी करते रहे बचाव: पढ़ें- 37 साल पहले तियानमेन स्क्वायर के प्रदर्शन, सरकार की कार्रवाई और...

तियानमेन स्क्वायर प्रदर्शन में लोग भ्रष्टाचार रोकने, प्रेस की स्वतंत्रता, राजनीतिक सुधार और सरकार में पारदर्शिता की माँग कर रहे थे।

कभी था भू-माफियाओं का कब्जा, अब हिंदू शरणार्थियों को जमीन का अधिकार: पढ़ें- डिजिटलीकरण से भ्रष्टाचार पर रोक तक, योगी सरकार ने कैसे बदली...

योगी सरकार के भूमि सुधार मॉडल में भू-माफिया कार्रवाई, घरौनी, डिजिटल रजिस्ट्री और हिंदू शरणार्थियों के पुनर्वास से जुड़े बड़े फैसलों को समझिए।
- विज्ञापन -