राज्यसभा में JDU ने किया तीन तलाक का बहिष्कार, सदस्यों का वॉकआउट: बीजेपी की राह आसान?

जेडीयू के वॉकआउट करने से ट्रिपल तलाक को राज्यसभा में पास कराने के लिए बीजेपी की राह आसान हो गई है। अभी तक जेडीयू इस बिल के विरोध में वोट देने की बात कर रही थी लेकिन अब वॉकआउट करने से...

राज्यसभा में मंगलवार (जुलाई 30, 2019) को तीन तलाक बिल पेश किए जाने के बाद भाजपा की सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने सदन में इसका विरोध किया। जदयू की ओर से वशिष्ठ नारायण सिंह ने सदन में बिल के बहिष्कार का ऐलान किया और अपनी बात कहकर सदन से बाहर चले गए।

सदन में आज वशिष्ठ नारायण सिंह ने अपनी खराब तबीयत का हवाला देकर वैंकया नायडू से जल्द बोलने के लिए वक्त माँगा और उसके बाद उन्होंने बोलना शुरू किया

वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा, “विचार की यात्रा कभी खत्म नहीं होती है, जो सपना गाँधी-जयप्रकाश और लोहिया ने देखा था, उसे समाज आज पूरा करने की कोशिश कर रहा है।” उन्होंने सदन में तीन तलाक बिल पर विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि तीन तलाक, बाल विवाह जैसी चीजें आज समाज में अपनी जड़े जमा चुकी हैं, लेकिन इन्हें दूर करने में समय लगता है। उन्होंने तीन तलाक को महज एक सवाल करार दिया और कहा कि इस पर बड़े पैमाने पर जागरूकता फैलाने की जरूरत है। इसके बाद उन्होंने कहा कि वे लोग तीन तलाक बिल के मौजूदा कानून का विरोध करते हैं, इसलिए वे सदस्य सदन से वॉकआउट कर रहे हैं।

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उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इसके साथ नहीं है। पार्टी की विचारधारा का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि हर पार्टी की एक विचारधारा है और उसका पालन करने के लिए वह स्वतंत्र हैं।

इसके बाद राज्यसभा में मौजूद जेडीयू के सदस्य सदन से वॉकऑउट कर गए। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी लोकसभा में तीन तलाक बिल पेश किए जाने पर जेडीयू सदस्यों ने सरकार के पक्ष में वोटिंग करने की जगह वॉकआउट किया था।

मुस्लिम महिलाओं की उन्नति और सामाजिक-पारिवारिक साझेदारी के लिए लाए गए इस विधेयक पर चर्चा के दौरान जेडीयू सदस्य राजीव रंजन ने भी कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि इस बिल से समाज को नुकसान होगा।

गौरतलब है कि जेडीयू के वॉकआउट करने से ट्रिपल तलाक को राज्यसभा में पास कराने के लिए बीजेपी की राह आसान हो गई है। अभी तक जेडीयू इस बिल के विरोध में वोट देने की बात कर रही थी। ऐसे में भाजपा के लिए बिल पास करवा पाना मुश्किल हो जाता, लेकिन जेडीयू के वोटिंग में हिस्सा न लेने से भाजपा को राहत की साँस मिली होगी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक भाजपा उम्मीद कर रही है कि उसे आरटीआई संशोधन बिल में समर्थन करने वाले कुछ अन्य दलों का भी समर्थन मिल सकता है। हालाँकि वाईएसआर कॉन्ग्रेस पार्टी ने ऐलान किया है कि वह इस बिल के विरोध में वोट करेगी।

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