Homeराजनीतिझारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने ED अधिकारियों के खिलाफ SC/ST एक्ट में दर्ज...

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने ED अधिकारियों के खिलाफ SC/ST एक्ट में दर्ज कराया मामला, कहा- पूरे समुदाय को बदनाम करने की कोशिश की

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) अधिकारियों के खिलाफ ST/SC एक्ट में एफआईआर दर्ज कराई है। सोरेन ने उन अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दी है, जिन्होंने दिल्ली स्थित उनके आवास पर छापेरमारी की थी। उन्होंने आरोप लगाया है कि ईडी के अधिकारियों ने उनके दिल्ली स्थित घर में छापेमारी के दौरान बवाल किया और कर्मचारियों के साथ बदतमीजी की।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) अधिकारियों के खिलाफ ST/SC एक्ट में एफआईआर दर्ज कराई है। सोरेन ने उन अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दी है, जिन्होंने दिल्ली स्थित उनके आवास पर छापेरमारी की थी। उन्होंने आरोप लगाया है कि ईडी के अधिकारियों ने उनके दिल्ली स्थित घर में छापेमारी के दौरान बवाल किया और कर्मचारियों के साथ बदतमीजी की।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हेमंत सोरेन ने ईडी अधिकारी कपिल राज, देवव्रत झा, अनुपम कुमार, अमन पटेल सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दी थी। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा, “अधिकारियों ने 29 जनवरी 2024 को दिल्ली स्थिति मेरे आवास पर छापेमारी करके मुझे और मेरे पूरे समुदाय को परेशान एवं बदनाम करने की कोशिश की।”

जानकारी के मुताबिक, हेमंत सोरेन ने ईमेल से राजधानी राँची के धुर्वा थाने में एफआईआर दर्ज करने के लिए शिकायत दी थी। इस शिकायत के आधार पर एसटी-एससी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। मीडिया से बातचीत में राँची के एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने इस एफआईआर की पुष्टि की है। हेमंत सोरेन का कहना है कि ईडी के अधिकारी शारीरिक और मानसिक रूप से लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं।

बीजेपी ने दी ये प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी नेता और झारखंड के पहले मुख्यमंत्री रहे बाबूलाल मरांडी ने एक्स पर लिखा, “हेमंत सोरेन ने ईडी के अधिकारियों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत एससी-एसटी थाने में खुद ही मुकदमा दर्ज कराया है। एससी/एसटी एक्ट का इससे बड़ा दुरुपयोग और मजाक का दूसरा कोई उदाहरण नहीं हो सकता है। अपने ‘कर्मों’ से हेमंत सोरेन अपनी एवं सोरेन परिवार की प्रतिष्ठा पहले ही धूमिल कर चुके हैं। अब भगवान उन्हें कुछ सुबुद्धि दें।”

झारखंड में पैदा हो सकता है राजनीतिक तनाव

सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रमुख हैं और झारखंड के मुख्यमंत्री हैं। हेमंत सोरेन के खिलाफ ईडी की जाँच एवं कार्रवाई जमीन घोटाले से संबंधित है। ईडी ने आरोप लगाया है कि हेमंत सोरेन ने अपने परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के साथ मिलकर जमीनों को अवैध रूप से हड़प लिया।

हालाँकि, हेमंत सोरेन ने बाबूलाल मरांडी ने इन आरोपों से इनकार किया है। सोरेन के खिलाफ ईडी की जाँच और उनके द्वारा ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज कराई गई प्राथमिकी, दोनों ही झारखंड की राजनीति में नए तनाव पैदा कर सकती हैं। यह देखना होगा कि इस मामले का आगे क्या होता है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -