Monday, May 20, 2024
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‘ममता से लड़ाई के लिए शुभेंदु ही काफी, मोदी की हार के इंतजार में जिहादी’: इंटरव्यू में नंदीग्राम के नायक की दो टूक

"ममता बनर्जी को हारी हुई विधायक हैं। उनसे लड़ने के लिए किसी केंद्रीय नेता की जरूरत नहीं है। इसके लिए शुभेंदु अधिकारी ही काफी है। यह नंदीग्राम में साबित हो चुका है।"

पश्चिम बंगाल की तीन विधानसभा सीटों भवानीपुर, समशेरगंज और जंगीपुर में 30 सितंबर को उपचुनाव होने हैं। इनमें से भवानीपुर सीट पर सबकी नजरें हैं, क्योंकि यहाँ से खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव लड़ रही हैं। विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम में मुँह की खाने वाली ममता के लिए सीएम पद पर बने रहने के लिए उपचुनाव में जीत जरूरी है।

नंदीग्राम में ममता को पटखनी कभी उनके बेहद करीबी रहे शुभेंदु अधिकारी ने दी थी। विधानसभा चुनावों से पहले शुभेंदु बीजेपी में आए थे। बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा था कि नंदीग्राम से पार्टी जिसको टिकट देगी उसकी जीत की वे गारंटी लेंगे। जब उन्हें ही मैदान में उतारा गया तो उन्होंने खुली घोषणा की थी कि अगर वो नंदीग्राम हारे तो राजनीति छोड़ देंगे। चुनावों में जीत के बाद वे बीजेपी विधायक दल के नेता चुने गए थे।

दैनिक भास्कर को दिए एक इंटरव्यू में शुभेंदु ने उपचुनावों, बंगाल की राजनीति सहित कई मुद्दों पर विस्तार से बात की है। उपचुनाव में प्रचार से बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के दूर रहने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा है कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व उपचुनाव में प्रचार नहीं करता। ममता बनर्जी को हारी हुई विधायक बताते हुए कहा कि उनसे लड़ने के लिए किसी केंद्रीय नेता की जरूरत नहीं है। इसके लिए शुभेंदु अधिकारी खुद काफी हैं और इसे वे नंदीग्राम में साबित कर चुके हैं।

भवानीपुर में ममता के मुकाबले बीजेपी ने तेजतर्रार वकील प्रियंका टिबरीवाल पर दाँव लगाया है। विधानसभा चुनाव और नगर निगम चुनावों में हार चुकीं प्रियंका को उम्मीदवार बनाने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में शुभेंदु ने राज्य में चुनाव बाद हुई हिंसा को लेकर उनकी तरफ से लड़ी गई लड़ाई की सराहना की। कहा कि वे अदालत के भीतर और बाहर दोनों जगह पर लड़ीं जिससे लोग अपने घर लौट सके। उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों में प्रियंका की हार से कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि ममता खुद हारीं हुईं उम्मीदवार हैं।

गौरतलब है कि इसी साल 2 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे। नतीजों में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की जीत सुनिश्चित होते ही विपक्षी दलों खासकर बीजेपी से जुड़े लोगों और उनकी संपत्तियों को निशाना बनाया गया था। लूट, हत्या, बलात्कार के कई मामले सामने आए थे। पीड़ितों की आवाज उठाने में प्रियंका टिबरीवाल ने जिस तरह भूमिका निभाई, माना जा रहा है कि उसकी वजह से ही बीजेपी नेतृत्व ने उपचुनावों में उन पर भरोसा जताया है।

इंटरव्यू के दौरान मुस्लिम तुष्टिकरण को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में शुभेंदु ने कहा कि तालिबान इंतजार कर रहा था कि अमेरिका में ट्रंप की हार हो और अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना भागे। इसी तरह भारत में जिहादी मोदी की हार का इंतजार कर रहे हैं। लिहाजा लोग जानते हैं कि मोदी का समर्थन करने से देश को मजबूती मिलेगी। कुछेक बीजेपी विधायकों के पार्टी छोड़ने को लेकर उन्होंने कहा कि एंटी डिफेक्शन लॉ के तहत ऐसे लोगों पर कार्रवाई होगी और उनके क्षेत्रों में कुछ समय बाद उपचुनाव होंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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