Thursday, January 27, 2022
Homeराजनीतिरामायण की नेगेटिव कैरेक्टर से ममता बनर्जी की तुलना कंगना रनौत ने क्यों की?...

रामायण की नेगेटिव कैरेक्टर से ममता बनर्जी की तुलना कंगना रनौत ने क्यों की? जावेद-शबाना-खान को भी लिया लपेटे में

"शबाना आज़मी और जावेद अख़्तर जी ने बंगाल के मुख्यमंत्री, जिसे सब ताड़का के नाम से जानते हैं, उनके साथ में एक स्ट्रैटेजिक मीटिंग की। अब कई छोटी-छोटी मीटिंग 'बॉलीदाऊद' माफिया के गली-कूचों में करेंगे। सब भांड मिल कर ताड़का को देवी बना देंगे।"

एक शख्स हैं जावेद अख्तर। बॉलीवुड में काम करते थे। वहीं पैसा कमाते थे। अब समय बदल गया है लेकिन। बॉलीवुड में उन्हें अब काम कम मिलने लगा है। ऐसे में ज्यादातर समय वो राजनीति करते हैं। नेता लोग भी उनके ‘नाम’ के कारण थोड़ा-बहुत समय दे देते हैं। कई बार उल्टे मुँह जवाब भी मिलता है। इस बार भी मिला। कंगना रनौत से।

पहले कंगना रनौत का जवाब देख-पढ़ लेते हैं। उसके बाद समझेंगे कि आखिर ऐसा टका सा जवाब आया क्यों?

कंगना रनौत का फेसबुक पोस्ट

“कल शबाना आज़मी और जावेद अख़्तर जी ने बंगाल के मुख्यमंत्री, जिसे सब ताड़का के नाम से जानते हैं, उनके साथ में एक स्ट्रैटेजिक मीटिंग की। इसके चलते वो अब धीरे-धीरे कई छोटी-छोटी मीटिंग ‘बॉलीदाऊद’ माफिया के गली-कूचों में करेंगे। ये खानों पर दबाव डालेंगे और सब खान लोग बड़े प्रोडक्शन हाउस के माध्यम से सब छोटे से बड़े कलाकारों को अपनी चपेट में ले लेंगे। सब भांड मिल कर ताड़का को देवी बना देंगे। दिन को रात और रात को दिन दिखाने का यह कार्यक्रम शुरू हो चुका है, लेकिन यह मत भूलना, मैं भी सब देशद्रोहियों को नंगा करूँगी… भांडों जरा संभल कर।”

आखिर क्यों इतना भड़क गईं कंगना रनौत? दरअसल एक दिन पहले (29 जुलाई 2021) ही शबाना आज़मी और जावेद अख़्तर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिले। इस मुलाकात के बाद अख्तर ने कहा, “देश का मिजाज बदलाव का है… उनकी (ममता की) प्राथमिकता ये नहीं है कि वह नेतृत्व करें… उनका मानना है कि परिवर्तन होना चाहिए।” जावेद अख्तर यहीं पर नहीं रूके, उन्होंने आगे कहा, “बंगाल मॉडल एक उदाहरण है… इसमें कोई शक नहीं कि देश में खेला होबे।”

ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे पर शबाना आज़मी और जावेद अख़्तर से मिलना अचानक नहीं है। यह शुद्ध राजनीति है। कैसे? क्योंकि ममता बनर्जी के लिए यह राजनीतिक दौरा रहा। लेकिन सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं। पूरे मसले को देखेंगे और कड़ियों को जोड़ेंगे तो आप पाएँगे कि जिस मंच से जावेद अख़्तर प्रेस को कुछ बता रहे थे, खेला होबे का गीत गा रहे थे, उसी मंच से ममता बनर्जी ने बॉलीवुड के अपने ‘कलाकार’ साथी को इसके लिए देशव्यापी गाना लिखने की सलाह दे डाली।

गाना बॉलीवुड का हिस्सा रहा है। इसमें लिखने वाले से लेकर गायक और नाच-गाने वाले सभी शामिल होते हैं। कंगना रनौत की प्रतिक्रिया इसी पर आई। जिस ‘खेला होबे’ मॉडल के कारण हत्याएँ हुईं हैं, सुप्रीम कोर्ट तक में बहस हो रही है, NHRC की भयावह रिपोर्ट सामने आ चुकी है, उसी खेला होबे का अब बॉलीवुडीकरण किया जाएगा। कंगना रनौत का गुस्सा इसी पर है।

जावेद Vs कंगना

जावेद अख्तर ने आरोप लगाया था कंगना रनौत ने जानबूझकर अपने पासपोर्ट के नवीनीकरण की अनुरोध वाली याचिका में अदालत से कुछ तथ्य छिपाए हैं। इस पर झटका देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।

जस्टिस शिंदे ने टिप्पणी की, “हम आपकी बात नहीं सुनेंगे। आपको अदालत को संबोधित करने का कोई अधिकार नहीं है। अगर हम इस तरह के हस्तक्षेप की अनुमति देते हैं तो सैकड़ों आवेदन दिए जाएँगे।”

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘योगी जैसा मुख्यमंत्री मुलायम सिंह और अखिलेश भी नहीं रहे’: सपा के खिलाफ प्रचार पर बोलीं अपर्णा यादव- ‘पार्टी जो कहेगी करूँगी’

अपर्णा यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें मेरा समाजसेवा का काम दिखा था, जबकि अखिलेश यह नहीं देख पाए।

धर्मांतरण के दबाव से मर गई लावण्या, अब पर्दा डाल रही मीडिया: न्यूज मिनट ने पूछा- केवल एक वीडियो में ही कन्वर्जन की बात...

लावण्या की आत्महत्या पर द न्यूज मिनट कहता है कि वॉर्डन ने अधिक काम दे दिया था, जिससे लावण्या पढ़ाई में पिछड़ गई थी और उसने ऐसा किया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
153,876FollowersFollow
413,000SubscribersSubscribe