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जब आई मुश्किल परिस्थिति तो हनुमान चालीसा और ‘ॐ नमः शिवाय’ ने दिया साथ: साथ बैठे गौतम गंभीर और विराट कोहली, याद किए मैदान में हुए आध्यात्मिक अनुभव

गौतम गंभीर ने याद किया कि जब वो न्यूजीलैंड के नेपियर में खेल रहे थे तब भी ऐसा ही था। न्यूजीलैंड की जीत को टालने के लिए तब गौतम गंभीर ने 436 गेंदों में 137 रनों की पारी खेली थी।

BCCI ने भारतीय क्रिकेट टीम के कोच गौतम गंभीर और पूर्व कप्तान विराट कोहली के बीच चर्चा का एक वीडियो BCCI ने अपनी वेबसाइट पर जारी किया है। इस दौरान इन दोनों ने अपने आध्यात्मिक अनुभव को लेकर भी बात की। IPL के दौरान इन दोनों के बीच हुई बहस के बाद फैंस को इन दोनों को साथ देख कर ख़ुशी हुई है। गौतम गंभीर उस समय ‘लखनऊ सुपर जायंट्स’ के कोच थे, वहीं विराट कोहली RCB के कप्तान रहे हैं और अभी भी टीम के साथ हैं।

बांग्लादेश की टीम टेस्ट सीरीज खेलने के लिए भारत आई हुई है। ताज़ा चर्चा के दौरान दोनों ने बताया कि कैसे उन्हें आध्यात्मिक मदद मिली। गौतम गंभीर ने बताया कि कैसे विराट कोहली 2014 में भारतीय टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान हर गेंद का सामना करने से पहले ‘ॐ नमः शिवाय’ जप रहे थे। इसी टेस्ट सीरीज में तब कप्तान रहे MS धोनी ने संन्यास का ऐलान किया था। विराट कोहली ने उस सीरीज में 86.50 की औसत से 692 रन मारे थे, जिनमें 4 शतक थे।

गौतम गंभीर ने याद किया कि विराट कोहली ने बताया था कि वो हर गेंद से पहले ‘ॐ नमः शिवाय’ जपते थे और इसके बाद उन्हें खेलने में सुविधा होती थी। गौतम गंभीर ने याद किया कि जब वो न्यूजीलैंड के नेपियर में खेल रहे थे तब भी ऐसा ही था। न्यूजीलैंड की जीत को टालने के लिए तब गौतम गंभीर ने 436 गेंदों में 137 रनों की पारी खेली थी। गौतम गंभीर ने कहा कि क्या वो ढाई दिन बल्लेबाजी कर सकते थे, उन्हें लगता है कि वो दोबारा ऐसा नहीं कर सकते थे।

गौतम गंभीर ने बताया कि इन ढाई दिनों में जो एक चीज उन्होंने की वो है लगातार हनुमान चालीसा सुनना। उन्होंने बताया कि VVS लक्ष्मण ने बताया था कि वो सिर्फ बल्लेबाजी के समय सिर हिलाते थे, कुछ भी बोलते नहीं थे। बकौल गौतम गंभीर, वापस लौट कर वो सिर्फ हनुमान चालीसा सुनते थे और फिर मैदान में आकर अपने ज़ोन में चले जाते थे। गौतम गंभीर की वो पारी 10 घंटे और 43 मिनट चली थी। उन्होंने भारत को हार से बचा कर मैच ड्रॉ करवाया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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