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शिमला के एक बाजार में 88 कारोबारी, इनमें से 42 मुस्लिम कारोबारी 1 जनवरी को ही हुए पैदा: व्यापार मंडल ने पुलिस से की शिकायत, अवैध मस्जिद के बाद सामने आया नया झोल

बाहर से आने वाले 46 व्यापरियों के आधार कार्ड पर 1 जनवरी की ही जन्मतिथि लिखी हुई है, इनमें बस साल अलग-अलग है। जिन 46 व्यापारियों कीई जन्मतिथि समान पाई गई है, उनमें से 42 मुस्लिम हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों से हिमाचल में व्यापार करने पहुँचे हैं। इनमें से अधिकांश व्यापारी पश्चिमी उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं।

हिमाचल प्रदेश में अवैध मस्जिदों के निर्माण के बाद अब बाहर से आने वाले व्यापारियों के पास फर्जी कागज होने का मामला सामने आया है। शिमला के एक व्यस्त बाजार में कारोबार करने वाले बाहरी 46 व्यापारियों के पास से एक ही जन्मतिथि के आधार कार्ड मिले हैं। लगभग यह सभी व्यापारी मुस्लिम हैं। इसको लेकर स्थानीय व्यापारियों ने शिकायत दर्ज की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिमला के गुम्मा बाजार इलाके में ऐसे व्यापारियों के होने की जानकारी मिली है। यहाँ के व्यापार मंडल ने एक शिकायत पुलिस को दी है। व्यापार मंडल ने कहा है कि बाहर से आकर उनके बाजार के भीतर 86 लोग व्यापार कर रहे हैं। इनमें से 46 के आधार कार्ड पर एक ही तारीख की जन्मतिथि लिखी हुई है।

बाहर से आने वाले 46 व्यापरियों के आधार कार्ड पर 1 जनवरी की ही जन्मतिथि लिखी हुई है, इनमें बस साल अलग-अलग है। जिन 46 व्यापारियों की जन्मतिथि समान पाई गई है, उनमें से 42 मुस्लिम हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों से हिमाचल में व्यापार करने पहुँचे हैं। इनमें से अधिकांश व्यापारी पश्चिमी उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं।

इनके आधार कार्ड पर 1 जनवरी की तारीख जन्मतिथि के रूप में पड़ी हुई है। गौरतलब है कि देश में कई मामलों में जन्म की तारिख याद ना रहने पर 1 जनवरी डाल दी जाती है। लेकिन हिमाचल प्रदेश का मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यहाँ 15-23 साल के युवाओं के भी आधार कार्ड में यही समस्या पाई गई है।

शिमला व्यापार मंडल ने कहा है कि बड़ी उम्र के लोगों को भले ही अपनी सही जन्मतिथि ना याद हो लेकिन छोटी उम्र के युवा और किशोरों में भी यह तारीख नदारद है तो फिर समस्या वाली बात है। उन्होंने इस संबंध पुलिस से कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने कहा है कि वह अभी इन आधार कार्ड का सत्यापन कर रहे हैं।

वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में अवैध मस्जिदों के निर्माण और बाहर से आने वाले लोगों की अवैध घुसपैठ को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। स्थानीय निवासियों ने शिमला के संजौली और मंडी की जेल रोड पर बनाई मस्जिद मामले में विरोध प्रदर्शन किया है। जहाँ संजौली की मस्जिद गिराने का प्रस्ताव खुद मुस्लिमों ने दिया है तो वहीं मंडी की मस्जिद तोड़ने का आदेश भी हो गया है।

मंडी की मस्जिद का बड़ा हिस्सा अवैध पाया गया है। मंडी के अलवा शिमला के कसुम्पटी और बिलासपुर समेत अलग-अलग इलाकों में भी अवैध निर्माण की शिकायत की गई है। हिन्दू संगठन लगातार इस बात की माँग भी कर रहे हैं कि बाहर से आकर हिमाचल प्रदेश में रहने वाले लोग का पंजीयन हो।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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