Homeराजनीतिकर्नाटक में नहीं मनेगी टीपू सुल्तान जयंती: येदियुरप्पा सरकार का फैसला

कर्नाटक में नहीं मनेगी टीपू सुल्तान जयंती: येदियुरप्पा सरकार का फैसला

राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि प्रदेश में टीपू जयंती मनाने की कभी परंपरा नहीं रही है। इसलिए इसे नहीं मनाने का फैसला किया गया है। कॉन्ग्रेस के शासनकाल में पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने टीपू जयंती मनाने की शुरुआत की थी।

कर्नाटक में सत्ता बदल गई है। राज्य में एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी का शासन है। सत्ता बदलने के बाद राज्य में बदलाव नज़र आने लगा है। कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने टीपू सुल्तान जयंती को नहीं मनाने का आदेश दिया है। बता दें कि सोमवार (जुलाई 29, 2019) को कैबिनेट की बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया था। भाजपा विधायक बोपैया ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर राज्य में टीपू जयंती के जश्न पर रोक लगाने की माँग की थी। राज्य में कॉन्ग्रेस-जेडीएस की सरकार थी, तो ये समारोह काफी धूमधाम से मनाया जाता था।

राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि प्रदेश में टीपू जयंती मनाने की कभी परंपरा नहीं रही है। इसलिए इसे नहीं मनाने का फैसला किया गया है। गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस के शासनकाल में पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने टीपू जयंती मनाने की शुरुआत की थी।

उस वक्त भी बीजेपी समेत कई राजनीतिक-सामाजिक संगठनों ने जयंती मनाने का विरोध किया था। बीजेपी शुरू से ही टीपू जयंती मनाने के खिलाफ है। बीजेपी टीपू सुल्तान को कट्टर मुस्लिम शासक बताती है। पार्टी का कहना है कि टीपू सुल्तान ने मंदिर तोड़े और बड़े पैमाने पर हिंदुओं का धर्मांतरण कराया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

लड़कियों को फँसाओ, निकाह से पहले प्रेग्नेंट करो और बच्चा ले लो… क्या है ‘जिहाद अल-अकबर’, जिसके जरिए हिंदू महिलाओं के धर्मांतरण की साजिश...

पाकिस्तान में बैठे कट्टरपंथी आकाओं ने 'जिहाद अल अकबर' से एक खास एजेंडा तैयार किया है। बड़े पैमाने पर हिंदू महिलाओं का धर्मांतरण करवाना है।

पटरियों पर अब हाइड्रोजन की ताकत, पहली फ्यूल सेल ट्रेन का जिंद-सोनीपत ट्रैक पर हाई स्पीड ट्रायल सफल: जानिए कैसे बदलेगा भारतीय रेलवे का...

जिंद-सोनीपत रेलखंड पर भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का सफल ट्रायल पूरा हुआ। जल्द यात्री सेवा शुरू होगी, जिससे स्वच्छ परिवहन को नई दिशा मिलेगी।
- विज्ञापन -